{"_id":"69b9a0da8ca8b20dbc0ffab4","slug":"on-the-first-day-of-the-health-camp-50-sanitation-workers-were-examined-due-to-the-lack-of-separate-arrangements-at-the-civic-hospital-the-employees-had-to-stand-in-a-long-line-hisar-news-c-21-hsr1020-831221-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: स्वास्थ्य शिविर में पहले दिन 50 सफाई कर्मियों की जांच, नागरिक अस्पताल में अलग व्यवस्था न होने से कर्मचारियों को लगी लंबी लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: स्वास्थ्य शिविर में पहले दिन 50 सफाई कर्मियों की जांच, नागरिक अस्पताल में अलग व्यवस्था न होने से कर्मचारियों को लगी लंबी लाइन
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आयोजित तीन दिवसीय विशेष शिविर के पहले दिन महाराजा अग्रसेन जिला नागरिक अस्पताल में करीब 50 कर्मचारियों ने स्वास्थ्य जांच करवाई। वहीं जिलेभर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर लगभग 250 कर्मचारी जांच के लिए पहुंचे। हालांकि नागरिक अस्पताल में अलग व्यवस्था नहीं होने के कारण सफाई कर्मचारियों को ओपीडी की लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ा।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए महाराजा अग्रसेन जिला नागरिक अस्पताल के अलावा आजादनगर, पटेलनगर और सेक्टर 1-4 स्थित शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही आर्यनगर, मंगाली, मिर्चपुर, उकलाना, नारनौंद, हांसी, अग्रोहा, आदमपुर, सीसवाल, बरवाला, सिसाय और सोरखी के अस्पतालों में भी स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए हैं।
कर्मचारी नेता अनिल डोली और गोलू कुमार ने बताया कि पहले दिन केवल 50 सदस्य ही स्वास्थ्य परीक्षण करवा सके। सभी सफाई कर्मियों को शिविर में जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला पंचायत विकास अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीण चौकीदार और सीवरमैन भी इस स्वास्थ्य शिविर में अपनी जांच करवा सकते हैं। सभी कर्मचारियों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। जिन सफाई कर्मियों में किसी बीमारी के लक्षण मिलेंगे, उनके आगे के टेस्ट भी कराए जाएंगे।
प्रतिरक्षण सप्ताह के तहत हो रहा टीकाकरण
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रदीप चौधरी ने बताया कि 16 से 21 मार्च तक प्रतिरक्षण सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं, 10 साल तक के बच्चों और 15 साल तक की किशोरियों का टीकाकरण किया जा रहा है। अभियान के पहले दिन सोमवार को 90 और दूसरे दिन मंगलवार को करीब 80 लोगों ने टीके लगवाए।
जिले में 4813 एचआईवी मरीजों का चल रहा उपचार
उपायुक्त महेंद्र पाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में एचआईवी प्रभावित लोगों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए प्रेरित किया जाए। वे इस संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में 4813 एचआईवी संक्रमित मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से 1147 लोगों को प्रति माह 2250 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। यह राशि उन मरीजों को दी जाती है जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है। इन मरीजों का उपचार सिविल अस्पताल स्थित केंद्र में निशुल्क किया जा रहा है। जिले में सात लैब एचआईवी की निशुल्क जांच करती हैं। पिछले वर्ष एचआईवी संक्रमित 28 महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी करवाई गई और उनके बच्चे स्वस्थ पैदा हुए।
इसके अलावा 20 मार्च को नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन की बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें 12 जिलों के उपायुक्त और स्वास्थ्य विभाग की टीमें हिस्सा लेंगी।
Trending Videos
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए महाराजा अग्रसेन जिला नागरिक अस्पताल के अलावा आजादनगर, पटेलनगर और सेक्टर 1-4 स्थित शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही आर्यनगर, मंगाली, मिर्चपुर, उकलाना, नारनौंद, हांसी, अग्रोहा, आदमपुर, सीसवाल, बरवाला, सिसाय और सोरखी के अस्पतालों में भी स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कर्मचारी नेता अनिल डोली और गोलू कुमार ने बताया कि पहले दिन केवल 50 सदस्य ही स्वास्थ्य परीक्षण करवा सके। सभी सफाई कर्मियों को शिविर में जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला पंचायत विकास अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीण चौकीदार और सीवरमैन भी इस स्वास्थ्य शिविर में अपनी जांच करवा सकते हैं। सभी कर्मचारियों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। जिन सफाई कर्मियों में किसी बीमारी के लक्षण मिलेंगे, उनके आगे के टेस्ट भी कराए जाएंगे।
प्रतिरक्षण सप्ताह के तहत हो रहा टीकाकरण
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रदीप चौधरी ने बताया कि 16 से 21 मार्च तक प्रतिरक्षण सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं, 10 साल तक के बच्चों और 15 साल तक की किशोरियों का टीकाकरण किया जा रहा है। अभियान के पहले दिन सोमवार को 90 और दूसरे दिन मंगलवार को करीब 80 लोगों ने टीके लगवाए।
जिले में 4813 एचआईवी मरीजों का चल रहा उपचार
उपायुक्त महेंद्र पाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में एचआईवी प्रभावित लोगों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए प्रेरित किया जाए। वे इस संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में 4813 एचआईवी संक्रमित मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से 1147 लोगों को प्रति माह 2250 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। यह राशि उन मरीजों को दी जाती है जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है। इन मरीजों का उपचार सिविल अस्पताल स्थित केंद्र में निशुल्क किया जा रहा है। जिले में सात लैब एचआईवी की निशुल्क जांच करती हैं। पिछले वर्ष एचआईवी संक्रमित 28 महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी करवाई गई और उनके बच्चे स्वस्थ पैदा हुए।
इसके अलावा 20 मार्च को नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन की बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें 12 जिलों के उपायुक्त और स्वास्थ्य विभाग की टीमें हिस्सा लेंगी।