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Hisar News: लगातार दूसरे दिन बारिश, दावों की खुली पोल
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:25 AM IST
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हांसी में परशुराम गेट पर जलभराव के बीच से गुजरते वाहन।
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हांसी। शहर में आंधी-तूफान और मौसम का मिजाज लगातार दूसरे दिन भी बिगड़ा रहा। मंगलवार सुबह से ही हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे हांसी शहर को जलमग्न कर दिया है। इससे आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। लगातार दूसरे दिन हुई इस भारी बारिश के कारण शहर के मुख्य मार्गों व रिहायशी क्षेत्रों में कई फीट पानी जमा हो गया है। जिसने प्रशासन के ड्रेनेज दावों की पोल खोलकर रख दी है।
सोमवार को आए तेज तूफान के कारण जिले में 217 बिजली के खंभे व 13 ट्रांसफार्मर सहित सैकड़ों पेड़ गिर गए। वहीं बिजली आपूर्ति लगातार दूसरे दिन भी ठप रही। शहर के कई हिस्सों में दिन में 10 घंटे तक बिजली कट रहा। जिससे लोगों को और ज्यादा परेशानी हुई। मंगलवार को सुबह साढ़े छह बजे बारिश शुरू हुई।
12 बजे तक रुक रुक कर बारिश होती रही। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। एसडी कॉलेज रोड, उमरा गेट से तिकोना पार्क, उमरा गेट से बड़सी गेट, विश्वकर्मा चौक से बड़सी गेट, मंडी सैनियान, आंबेडकर चौक, हाईवे, शांति निकेतन कॉलोनी व अन्य कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया।
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वहीं पानी भरने से एसडी कॉलेज रोड व तिकोना पार्क से विश्वकर्मा चौक के दुकानदारों का काम भी प्रभावित हुआ। दुकानों पर मुश्किल से ही कोई ग्राहक आया। कई जगहों पर पानी दुकानों के अंदर घुसने के डर से दुकानदार सुबह से ही ड्रेनेज करने और पानी रोकने के इंतजामों में जुटे रहे। जिससे पूरा व्यापारिक कार्य ठप होकर रह गया है।
247 पोल और 13 ट्रांसफार्मर गिरे, बिजली-पानी ठप
बारिश के साथ आए तेज तूफान ने बिजली निगम के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। बिजली निगम की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उपमंडल में बिजली के 217 पोल (खंभे) जड़ से उखड़ गए या टूट गए हैं, जबकि 13 भारी-भरकम ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गिरे हैं। इस भारी नुकसान के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति सुबह से ही पूरी तरह ठप है। बिजली न होने का सीधा असर पेयजल सप्लाई पर पड़ा है जिससे घरों में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बिजली विभाग की टीमें खराब मौसम के बीच मरम्मत कार्य में जुटी हैं। निगम के कर्मचारियों ने बताया कि लगातार बारिश होने से खंभों पर चढ़ना मुश्किल हो गया है। जिससे मरम्मत कार्यों में समय लगा।
तालाब बना बस स्टैंड, नहीं हुई पानी की निकासी
शहर के मुख्य बस स्टैंड की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक और बदतर बनी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल होने के कारण बस स्टैंड परिसर एक बड़े तालाब के रूप में तब्दील हो गया है। घंटों बीत जाने के बाद भी बस स्टैंड से पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हो सका है। इसके चलते यात्रियों को गंदे पानी के बीच से होकर बसों तक पहुंचना पड़ा। वहीं अधिकांश बसें बस स्टैंड के बाहर रुकी। इस कारण शहर के अंदर से गुजरने वाले हाईवे पर आंबेडकर चौक से तोशाम चुंगी तक दिनभर जाम की स्थित रही।
यह हिस्से हुए प्रभावित
शहर में रेलवे रोड, साईं कॉलोनी सहित मॉडल टाउन व अन्य कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा प्रेम नगर, ढाणी गुजरान, देपल, मामनपुरा, ढाणी ठाकरिया सहित कई ढाणियों, खेतों के ट्यूबवेल कनेक्शन व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रहे।
शव का हुआ पोस्टमार्टम
तिकोना पार्क के पास दीवार गिरने से रेहड़ी संचालक सोनू की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने मंगलवार शव का पोस्टमार्टम करवाया। वहीं मृतक का 12 वर्षीय बेटा अभय का हांसी के निजी अस्पताल में कूल्हे व टांग का ऑपरेशन हुआ। पुलिस ने मृतक के भाई टोनू के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार ने सरकार से मुआवजे और मृतक की पत्नी को नौकरी देने की मांग की है।
बता दें कि तिकोना पार्क के पास करीब 15 वर्षों से रोटी-सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले 40 वर्षीय सोनू सोमवार को अपने 12 वर्षीय बेटे अभय के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान तूफानी बारिश के बीच एक दीवार दोनों पर गिर गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पिता-पुत्र को मलबे के नीचे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने सोनू को मृत घोषित कर दिया।
जहां पर खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, वहां पर अभी अस्थायी रूप से बिजली सप्लाई चालू की जा रही है। कर्मचारी दिन व रात काम में जुटे हुए हैं। - मोहनलाल, एसडीओ, बिजली निगम।
इतने गिरे बिजली के पोल व ट्र्रांसफार्मर
डिविजन खंभे ट्रांसफार्मर
अर्बन 13 0
सब अर्बन 84 4
नारनौंद 13 4
मुंढाल 39 2
उमरा 68 0
सिसाय 00 3
सोमवार को आए तेज तूफान के कारण जिले में 217 बिजली के खंभे व 13 ट्रांसफार्मर सहित सैकड़ों पेड़ गिर गए। वहीं बिजली आपूर्ति लगातार दूसरे दिन भी ठप रही। शहर के कई हिस्सों में दिन में 10 घंटे तक बिजली कट रहा। जिससे लोगों को और ज्यादा परेशानी हुई। मंगलवार को सुबह साढ़े छह बजे बारिश शुरू हुई।
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12 बजे तक रुक रुक कर बारिश होती रही। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। एसडी कॉलेज रोड, उमरा गेट से तिकोना पार्क, उमरा गेट से बड़सी गेट, विश्वकर्मा चौक से बड़सी गेट, मंडी सैनियान, आंबेडकर चौक, हाईवे, शांति निकेतन कॉलोनी व अन्य कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया।
वहीं पानी भरने से एसडी कॉलेज रोड व तिकोना पार्क से विश्वकर्मा चौक के दुकानदारों का काम भी प्रभावित हुआ। दुकानों पर मुश्किल से ही कोई ग्राहक आया। कई जगहों पर पानी दुकानों के अंदर घुसने के डर से दुकानदार सुबह से ही ड्रेनेज करने और पानी रोकने के इंतजामों में जुटे रहे। जिससे पूरा व्यापारिक कार्य ठप होकर रह गया है।
247 पोल और 13 ट्रांसफार्मर गिरे, बिजली-पानी ठप
बारिश के साथ आए तेज तूफान ने बिजली निगम के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। बिजली निगम की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उपमंडल में बिजली के 217 पोल (खंभे) जड़ से उखड़ गए या टूट गए हैं, जबकि 13 भारी-भरकम ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गिरे हैं। इस भारी नुकसान के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति सुबह से ही पूरी तरह ठप है। बिजली न होने का सीधा असर पेयजल सप्लाई पर पड़ा है जिससे घरों में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बिजली विभाग की टीमें खराब मौसम के बीच मरम्मत कार्य में जुटी हैं। निगम के कर्मचारियों ने बताया कि लगातार बारिश होने से खंभों पर चढ़ना मुश्किल हो गया है। जिससे मरम्मत कार्यों में समय लगा।
तालाब बना बस स्टैंड, नहीं हुई पानी की निकासी
शहर के मुख्य बस स्टैंड की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक और बदतर बनी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल होने के कारण बस स्टैंड परिसर एक बड़े तालाब के रूप में तब्दील हो गया है। घंटों बीत जाने के बाद भी बस स्टैंड से पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हो सका है। इसके चलते यात्रियों को गंदे पानी के बीच से होकर बसों तक पहुंचना पड़ा। वहीं अधिकांश बसें बस स्टैंड के बाहर रुकी। इस कारण शहर के अंदर से गुजरने वाले हाईवे पर आंबेडकर चौक से तोशाम चुंगी तक दिनभर जाम की स्थित रही।
यह हिस्से हुए प्रभावित
शहर में रेलवे रोड, साईं कॉलोनी सहित मॉडल टाउन व अन्य कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा प्रेम नगर, ढाणी गुजरान, देपल, मामनपुरा, ढाणी ठाकरिया सहित कई ढाणियों, खेतों के ट्यूबवेल कनेक्शन व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रहे।
शव का हुआ पोस्टमार्टम
तिकोना पार्क के पास दीवार गिरने से रेहड़ी संचालक सोनू की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने मंगलवार शव का पोस्टमार्टम करवाया। वहीं मृतक का 12 वर्षीय बेटा अभय का हांसी के निजी अस्पताल में कूल्हे व टांग का ऑपरेशन हुआ। पुलिस ने मृतक के भाई टोनू के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार ने सरकार से मुआवजे और मृतक की पत्नी को नौकरी देने की मांग की है।
बता दें कि तिकोना पार्क के पास करीब 15 वर्षों से रोटी-सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले 40 वर्षीय सोनू सोमवार को अपने 12 वर्षीय बेटे अभय के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान तूफानी बारिश के बीच एक दीवार दोनों पर गिर गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पिता-पुत्र को मलबे के नीचे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने सोनू को मृत घोषित कर दिया।
जहां पर खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, वहां पर अभी अस्थायी रूप से बिजली सप्लाई चालू की जा रही है। कर्मचारी दिन व रात काम में जुटे हुए हैं। - मोहनलाल, एसडीओ, बिजली निगम।
इतने गिरे बिजली के पोल व ट्र्रांसफार्मर
डिविजन खंभे ट्रांसफार्मर
अर्बन 13 0
सब अर्बन 84 4
नारनौंद 13 4
मुंढाल 39 2
उमरा 68 0
सिसाय 00 3