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हरियाणा में वेदर अलर्ट: हिसार समेत कई जिलों में बारिश के आसार, सुस्त चाल के कारण देरी से पहुंचेगा मानसून
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Tue, 23 Jun 2026 09:15 AM IST
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सार
हिसार जिले में जून के महीने में सोमवार सुबह तक 1.9 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस सीजन में यह जून महीने की 5वीं बारिश है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बार मार्च से लेकर जून तक लगातार अंतराल पर बारिश होती रही।
मौसम (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा में लगातार बदल रहे मौसम के मिजाज के बीच प्री-मानसून गतिविधियों ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। सोमवार को हिसार समेत प्रदेश के कई जिलों में हुई हल्की से मध्यम बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है।
दिन और रात का तापमान सामान्य से नीचे
सोमवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद हिसार में अधिकतम तापमान गिरकर 36.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम है। पिछले 24 घंटों में ही दिन के पारे में 3.9 डिग्री की गिरावट आई है। वहीं, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे रहा। हालांकि, लगातार हो रही बूंदाबांदी के कारण हवा में उमस का स्तर काफी बढ़ गया है।
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जून में 5वीं बार बरसे बदरा, पर कोटे से कम हुई बारिश
हिसार जिले में जून के महीने में सोमवार सुबह तक 1.9 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस सीजन में यह जून महीने की 5वीं बारिश है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बार मार्च से लेकर जून तक लगातार अंतराल पर बारिश होती रही, जिससे इस साल पारंपरिक तौर पर सबसे गर्म माने जाने वाले महीने 'जून' में एक भी दिन पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंचा। यहाँ तक कि नौतपा के दौरान भी लोगों को लू के थपेड़ों से राहत मिली।
सुस्त चाल से मानसून की बढ़ी चिंता, 1 जुलाई तक एंट्री मुश्किल
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, इस बार दक्षिण-पश्चिमी मानसून की रफ्तार काफी सुस्त बनी हुई है। इस सुस्ती के कारण 1 जुलाई तक हरियाणा में मानसून के प्रवेश की संभावना बेहद कम हो गई है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि 27 जून के बाद एक नई संभावित वेदर सिस्टम (मौसम प्रणाली) सक्रिय हो सकती है, जिससे मानसून की गति बढ़ेगी। इस प्रणाली के सक्रिय होने के बाद ही प्रदेश में मानसून के सटीक आगमन की स्थिति साफ हो पाएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस वर्ष मानसूनी बारिश सामान्य से कम रह सकती है।