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Hisar News: चोटों से नहीं मानी हार, परिवार व कोच से प्रेरणा लेकर सोनिया ने पाई मजबूती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 12:41 AM IST
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Sonia Gandhi has not given up on injuries, drawing inspiration from her family and coach.
सोनिया मुक्केबाज
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हिसार। सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखना और उन्हें पूरा करने का जज्बा ही असली पहचान बनाता है। हर दिन खुद को बेहतर बनाना ही असली जीत की शुरुआत है। इसी सोच के साथ सोनिया अपने सपनों को सच करने की राह पर आगे बढ़ रही है।
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मैं एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हूं। मेरी मां सुशीला अस्पताल में नर्स हैं और मेरे पापा कलाधर बिजली का काम करते हैं। आर्थिक रूप से हम बहुत मजबूत नहीं हैं लेकिन मैंने हमेशा यही सीखा है कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। मैं न्यू मानव इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती हूं। पढ़ाई के साथ-साथ मुझे खेलों में भी हमेशा रुचि रही है। मैंने करीब 5 साल की उम्र में योग से शुरुआत की थी लेकिन उसमें मुझे खास सफलता नहीं मिली। इसलिए कुछ समय बाद मैंने उसे छोड़ दिया।
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एक दिन मैंने एमएस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की वीडियो देखी। छोटे-छोटे बच्चों को कड़ी मेहनत करते देख मेरे अंदर फिर से खेलों के प्रति जुनून जागा। मैंने इंस्टिट्यूट में दाखिला लिया और शुरुआत रनिंग (एथलेटिक्स) से की। कुछ समय बाद मेरा मन वेटलिफ्टिंग करने का हुआ लेकिन मेरे कोच ने मुझे मुक्केबाजी भी करने की सलाह दी।



शुरुआत में मुक्केबाजी मेरे लिए काफी कठिन थी। अभ्यास के दौरान चोट लगती थी और मैं कई बार रो भी पड़ती थी। मुक्केबाजी छोड़ने का भी विचार आया। उस समय मेरे परिवार और कोच ने मुझे हिम्मत दी और समझाया। उनके विश्वास और प्रेरणा ने मुझे दोबारा खड़ा किया। धीरे-धीरे मैंने खुद को मजबूत किया और मुक्केबाजी में मेहनत जारी रखी। पिछले दो वर्षों से मैं कोच मेवा सिंह के मार्गदर्शन में लगातार अभ्यास कर रही हूं। आज मैं हर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर रही हूं और अब मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल रहा है।

मैं ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में देश के लिए खेलने जा रही हूं और यही मेरा सबसे बड़ा सपना है कि मैं देश का नाम रोशन करूं। स्कूल से भी मुझे 12वीं कक्षा तक 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिली है जिससे मेरी पढ़ाई पूरी तरह निशुल्क हो गई है।

- जैसा कि आर्यनगर निवासी सोनिया ने इस संवाददाता को बताया।

उपलब्धियां:

- वर्ष 2025 में स्कूली खेलों में मुक्केबाजी में जिलास्तर पर स्वर्ण पदक जीता।

- 2025 में ऊंचीकूद में जिलास्तर पर स्वर्ण पदक और राज्य स्तर पर भाग लिया।

- 2025 में फेडरेशन टूर्नामेंट में मुक्केबाजी में जिला रजत पदक हासिल किया।

- वर्ष 2026 में अंडर-15 (सब जूनियर) में जिला, राज्य और राष्ट्रीयस्तर पर स्वर्ण पदक जीते।
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