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Hisar News: ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार
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हिसार। इंस्टाग्राम पर सस्ती ड्रेस और आकर्षक गिफ्ट का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने राजस्थान के बूंदी जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी व फोरेंसिक जांच कर गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
साइबर थाना प्रभारी कपिल ने बताया कि ऋषि नगर निवासी कमल की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि इंस्टाग्राम पर सस्ती ड्रेस का विज्ञापन देखकर उसने संपर्क किया। इसके बाद व्हाट्सएप पर बातचीत के दौरान आरोपियों ने कम कीमत पर ड्रेस उपलब्ध कराने और अधिक खरीदारी पर गिफ्ट व कैशबैक का लालच दिया।
आरोपियों ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर कई किस्तों में 41,940 रुपये जमा करवा लिए। विश्वास जीतने के लिए 9,090 रुपये वापस भेजे और बाद में 32,850 रुपये की साइबर ठगी कर ली।
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अलग-अलग खातों में पहुंची ठगी की रकम
जांच में सामने आया कि ठगी की राशि का बड़ा हिस्सा इक्विटास बैंक समेत अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। इसके आधार पर पुलिस ने बूंदी जिले से उमाशंकर सैनी (बरूधन), सेवक सिंह (छतरपुरा) और विकास मीणा (मेरूपुरा) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि उमाशंकर ने रुपये के लालच में अपना बैंक खाता सेवक सिंह को दिया था, जबकि सेवक सिंह ने वह खाता आगे विकास मीणा को साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध करा दिया।
दो आरोपी दूसरे के नाम की सिम चला रहे थे
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दो आरोपी अन्य व्यक्तियों के नाम पर जारी सिम कार्ड का उपयोग कर रहे थे। मोबाइल फोन और सिम कार्ड की फोरेंसिक व तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। तीनों आरोपियों को हिसार लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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साइबर थाना प्रभारी कपिल ने बताया कि ऋषि नगर निवासी कमल की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि इंस्टाग्राम पर सस्ती ड्रेस का विज्ञापन देखकर उसने संपर्क किया। इसके बाद व्हाट्सएप पर बातचीत के दौरान आरोपियों ने कम कीमत पर ड्रेस उपलब्ध कराने और अधिक खरीदारी पर गिफ्ट व कैशबैक का लालच दिया।
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आरोपियों ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर कई किस्तों में 41,940 रुपये जमा करवा लिए। विश्वास जीतने के लिए 9,090 रुपये वापस भेजे और बाद में 32,850 रुपये की साइबर ठगी कर ली।
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अलग-अलग खातों में पहुंची ठगी की रकम
जांच में सामने आया कि ठगी की राशि का बड़ा हिस्सा इक्विटास बैंक समेत अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। इसके आधार पर पुलिस ने बूंदी जिले से उमाशंकर सैनी (बरूधन), सेवक सिंह (छतरपुरा) और विकास मीणा (मेरूपुरा) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि उमाशंकर ने रुपये के लालच में अपना बैंक खाता सेवक सिंह को दिया था, जबकि सेवक सिंह ने वह खाता आगे विकास मीणा को साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध करा दिया।
दो आरोपी दूसरे के नाम की सिम चला रहे थे
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दो आरोपी अन्य व्यक्तियों के नाम पर जारी सिम कार्ड का उपयोग कर रहे थे। मोबाइल फोन और सिम कार्ड की फोरेंसिक व तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। तीनों आरोपियों को हिसार लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।