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Jhajjar-Bahadurgarh News: चंदन की लकड़ी पर बारीक नक्काशी से चमके बहादुरगढ़ के शिल्पकार
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-फोटो 56 : मैसूर में आयोजित शिल्प बाजार में भाग लेते बहादुरगढ़ के सूर्यकांत बौंदवाल। स्रोत स्वयं
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बहादुरगढ़। कर्नाटक के मैसूर में आयोजित गांधी शिल्प बाजार में बहादुरगढ़ के शिल्पकार सूर्यकांत ने चंदन की लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी से विशेष पहचान बनाई है। शिल्प बाजार भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की ओर से शिल्पकारों और बुनकरों को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया है।
मैसूर के जेएसएस अर्बन हाट में आयोजित गांधी शिल्प बाजार 15 मार्च तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार और बुनकर अपनी पारंपरिक कला और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। सूर्यकांत ने बताया कि मैसूर चंदन की लकड़ी के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
कहा कि इससे बनी मूर्तिकला व शिल्प वस्तुएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही जाती हैं। उनकी कारीगरी को दर्शकों और अन्य शिल्पकारों से सराहना मिल रही है। ऐसे आयोजन शिल्पकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान एवं परीक्षण संस्थान, मैसूर की निदेशक और हस्तशिल्प एवं हथकरघा विभाग के सहायक निदेशक विनोद कुमार ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया।
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मैसूर के जेएसएस अर्बन हाट में आयोजित गांधी शिल्प बाजार 15 मार्च तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार और बुनकर अपनी पारंपरिक कला और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। सूर्यकांत ने बताया कि मैसूर चंदन की लकड़ी के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
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कहा कि इससे बनी मूर्तिकला व शिल्प वस्तुएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही जाती हैं। उनकी कारीगरी को दर्शकों और अन्य शिल्पकारों से सराहना मिल रही है। ऐसे आयोजन शिल्पकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान एवं परीक्षण संस्थान, मैसूर की निदेशक और हस्तशिल्प एवं हथकरघा विभाग के सहायक निदेशक विनोद कुमार ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया।