{"_id":"69b08607a77b03aafb0eeb43","slug":"commercial-cylinders-are-being-sold-in-the-black-market-for-rs-3000-due-to-gas-shortage-bahadurgarh-news-c-195-1-nnl1001-132626-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: गैस किल्लत से ब्लैक में बिक रहा 3000 रुपये का कॉमर्शियल सिलिंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: गैस किल्लत से ब्लैक में बिक रहा 3000 रुपये का कॉमर्शियल सिलिंडर
विज्ञापन
10jjrp03- बेरी गेट स्थित गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की लाइन। संवाद
विज्ञापन
झज्जर। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर एलपीजी गैस सिलिंडरों पर सीधा असर पड़ रहा है। ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। शादियों में लोग पड़ोसियों से गैस सिलिंडर मांगकर काम चला रहे हैं। ब्लैक में 3000 रुपये में कॉमर्शियल सिलिंडर मिल रहा है। वहीं रेस्टोरेंस, होटल, ढाबे बंद करने की नौबत आ गई है।
मांग के अनुसार सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ रही है। होम डिलीवरी की सुविधा भी लगभग बंद हो गई है, क्योंकि इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। कॉल व व्हाट्सएप के जरिये बुकिंग कराने के दौरान दिए गए नंबरों पर कॉल कनेक्ट नहीं हो रही।
एजेंसी पर गैस कॉपी के साथ बुकिंग कराने पर मोबाइल पर डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड आता है लेकिन अब यह कोड या तो आ नहीं या कई घंटे बाद आता है। गैस एजेंसियों पर लोगों को एक सिलिंडर बुकिंग करवाने के लिए एक-एक घंटा इंतजार करना पड़ रहा है।
गैस एजेंसी संचालक रमेश वाल्मीकि ने कहा कि अब घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही होगी। यह आदेश कंपनी की तरफ से लागू किए जा चुके हैं। पीछे से सप्लाई कम आ रही है।
बहादुरगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर 7 गैस एजेंसियां हैं। इनमें राम, सुशील, वीरेंद्रा, जय माता, बाबा हरिदास, महादेव और भारत गैस एजेंसी शामिल हैं। इनसे करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। गैस सिलिंडर नहीं मिलने से लोग परेशान हैं।
व्यापार बंद होने के कगार पर पहुंचा
व्यवसायिक संस्थान चलाने वाले लोगों को भी कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। घरेलू सिलिंडर के व्यवसायिक प्रयोग पर पाबंदी है। प्राइवेट कंपनियों ने कॉमर्शियल सिलिंडरों की डिलीवरी बंद कर दी है जबकि अन्य सरकारी कंपनियों के पास भी कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं है। हलवाई यूनियन के जिलाध्यक्ष कृष्ण सैनी ने बताया कि शहर में लगभग 70 से अधिक हलवाई, रेस्टोरेंस, होटल, ढाबे हैं। कई दिन से कॉमर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो रही। सभी के पास दो-तीन दिन की ही सप्लाई है। वह खत्म होते ही दुकान बंद करने की नौबत आ जाएगी। मिठाई किसी तरह कोयल, लकड़ी पर बनाई जा रही है जबकि अन्य सामान नहीं बन सकता। इसके लिए गैस ही चाहिए।
बॉक्स
ब्लैक में 3000 रुपये में बिक रहे कॉमर्शियल सिलिंडर
बहादुरगढ़ के एक वाटिका संचालक दिनेश कुमार ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर एजेंसियों पर तो मिल नहीं रहे हैं लेकिन बाजार में ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। पहले जहां एक कॉमर्शियल सिलिंडर करीब 1800 रुपये में मिल जाता था वहीं अब इसका दाम बढ़कर करीब 3000 रुपये तक पहुंच गया है। कॉमर्शियल सिलिंडर ब्लैक में खरीदने पड़ रहे हैं जिससे शादी समारोह का खर्च बढ़ रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुचारु कराने और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने की मांग की है।
एजेंसी से समय पर नहीं मिले सिलिंडर
कानौंदा गांव निवासी राकेश ने बताया कि उनके घर में शादी है। खाना बनाने के लिए सिलिंडर की जरूरत थी लेकिन एजेंसी से समय पर सिलिंडर नहीं मिले। दोस्तों और रिश्तेदारों से मांगकर काम चलाना पड़ा। उन्होंने बताया कि शादी वाले घरों में भट्टियां लगातार चलती हैं इसलिए एक से अधिक सिलिंडर की जरूरत पड़ती है।
सिलिंडर मांगकर हुआ कार्यक्रम पूरा
परनाला गांव निवासी अशोक ने बताया कि उनके बेटे की शादी 9 मार्च को हुई है। इस दौरान एजेंसी से न तो कॉमर्शियल सिलिंडर मिल पाए और न ही घरेलू। मजबूरन उन्हें रिश्तेदारों और परिचितों से सिलिंडर मांगकर कार्यक्रम पूरा करना पड़ा। उनका कहना है कि कॉमर्शियल सिलिंडर एजेंसियों पर उपलब्ध नहीं हैं।
वर्जन
गैस सिलिंडर की कीमत एकाएक 60 रुपये बढ़ा दी गई है। इससे सीधा आर्थिक असर पड़ा है। इन कीमतों को वापस लेना चाहिए।
सुनीता बंसल, बेरी निवासी
सिलिंडर न मिलने का असर घरेलू कामकाज के अलावा व्यापार पर भी पड़ेगा। हर चीज के लिए गैस प्रयोग होती है। युद्ध के चलते ऐसे में आने वाले दिनों में दिक्कत बढ़ेगी। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
रिंकू, बेरी निवासी
वर्जन
युद्ध की वजह से गैस सप्लाई की कमी चल रही है। 25 दिन बाद ही गैस सिलिंडरों की बुकिंग की जा रही है। अभी कोई कालाबाजारी की शिकायत नहीं आई है। शिकायत आई तो कार्रवाई की जाएगी।
आदित्य कौशिक, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
Trending Videos
मांग के अनुसार सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ रही है। होम डिलीवरी की सुविधा भी लगभग बंद हो गई है, क्योंकि इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। कॉल व व्हाट्सएप के जरिये बुकिंग कराने के दौरान दिए गए नंबरों पर कॉल कनेक्ट नहीं हो रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
एजेंसी पर गैस कॉपी के साथ बुकिंग कराने पर मोबाइल पर डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड आता है लेकिन अब यह कोड या तो आ नहीं या कई घंटे बाद आता है। गैस एजेंसियों पर लोगों को एक सिलिंडर बुकिंग करवाने के लिए एक-एक घंटा इंतजार करना पड़ रहा है।
गैस एजेंसी संचालक रमेश वाल्मीकि ने कहा कि अब घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही होगी। यह आदेश कंपनी की तरफ से लागू किए जा चुके हैं। पीछे से सप्लाई कम आ रही है।
बहादुरगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर 7 गैस एजेंसियां हैं। इनमें राम, सुशील, वीरेंद्रा, जय माता, बाबा हरिदास, महादेव और भारत गैस एजेंसी शामिल हैं। इनसे करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। गैस सिलिंडर नहीं मिलने से लोग परेशान हैं।
व्यापार बंद होने के कगार पर पहुंचा
व्यवसायिक संस्थान चलाने वाले लोगों को भी कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। घरेलू सिलिंडर के व्यवसायिक प्रयोग पर पाबंदी है। प्राइवेट कंपनियों ने कॉमर्शियल सिलिंडरों की डिलीवरी बंद कर दी है जबकि अन्य सरकारी कंपनियों के पास भी कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं है। हलवाई यूनियन के जिलाध्यक्ष कृष्ण सैनी ने बताया कि शहर में लगभग 70 से अधिक हलवाई, रेस्टोरेंस, होटल, ढाबे हैं। कई दिन से कॉमर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो रही। सभी के पास दो-तीन दिन की ही सप्लाई है। वह खत्म होते ही दुकान बंद करने की नौबत आ जाएगी। मिठाई किसी तरह कोयल, लकड़ी पर बनाई जा रही है जबकि अन्य सामान नहीं बन सकता। इसके लिए गैस ही चाहिए।
बॉक्स
ब्लैक में 3000 रुपये में बिक रहे कॉमर्शियल सिलिंडर
बहादुरगढ़ के एक वाटिका संचालक दिनेश कुमार ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर एजेंसियों पर तो मिल नहीं रहे हैं लेकिन बाजार में ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। पहले जहां एक कॉमर्शियल सिलिंडर करीब 1800 रुपये में मिल जाता था वहीं अब इसका दाम बढ़कर करीब 3000 रुपये तक पहुंच गया है। कॉमर्शियल सिलिंडर ब्लैक में खरीदने पड़ रहे हैं जिससे शादी समारोह का खर्च बढ़ रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुचारु कराने और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने की मांग की है।
एजेंसी से समय पर नहीं मिले सिलिंडर
कानौंदा गांव निवासी राकेश ने बताया कि उनके घर में शादी है। खाना बनाने के लिए सिलिंडर की जरूरत थी लेकिन एजेंसी से समय पर सिलिंडर नहीं मिले। दोस्तों और रिश्तेदारों से मांगकर काम चलाना पड़ा। उन्होंने बताया कि शादी वाले घरों में भट्टियां लगातार चलती हैं इसलिए एक से अधिक सिलिंडर की जरूरत पड़ती है।
सिलिंडर मांगकर हुआ कार्यक्रम पूरा
परनाला गांव निवासी अशोक ने बताया कि उनके बेटे की शादी 9 मार्च को हुई है। इस दौरान एजेंसी से न तो कॉमर्शियल सिलिंडर मिल पाए और न ही घरेलू। मजबूरन उन्हें रिश्तेदारों और परिचितों से सिलिंडर मांगकर कार्यक्रम पूरा करना पड़ा। उनका कहना है कि कॉमर्शियल सिलिंडर एजेंसियों पर उपलब्ध नहीं हैं।
वर्जन
गैस सिलिंडर की कीमत एकाएक 60 रुपये बढ़ा दी गई है। इससे सीधा आर्थिक असर पड़ा है। इन कीमतों को वापस लेना चाहिए।
सुनीता बंसल, बेरी निवासी
सिलिंडर न मिलने का असर घरेलू कामकाज के अलावा व्यापार पर भी पड़ेगा। हर चीज के लिए गैस प्रयोग होती है। युद्ध के चलते ऐसे में आने वाले दिनों में दिक्कत बढ़ेगी। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
रिंकू, बेरी निवासी
वर्जन
युद्ध की वजह से गैस सप्लाई की कमी चल रही है। 25 दिन बाद ही गैस सिलिंडरों की बुकिंग की जा रही है। अभी कोई कालाबाजारी की शिकायत नहीं आई है। शिकायत आई तो कार्रवाई की जाएगी।
आदित्य कौशिक, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक

10jjrp03- बेरी गेट स्थित गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की लाइन। संवाद

10jjrp03- बेरी गेट स्थित गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की लाइन। संवाद