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Jhajjar-Bahadurgarh News: ट्रॉमा सेंटर के लिए जमीन खाली नहीं, सीएचसी चढ़ा कब्जों की भेंट
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बादली। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो रहा है। जहां सरकार की तरफ से 100 बेड का हॉस्पिटल प्रस्तावित है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की भूमि पर भी कब्जों की भरमार है। किसी ने मकान बना रखे हैं और किसी ने चहारदीवारी से कब्जा कर रखा है।
गांव में स्वास्थ्य विभाग के पास 20 कैनल, दो मरला जमीन है। जमीन के कुछ हिस्से पर वर्षों पहले भवन बनाया गया था जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं जारी हैं। 2 साल पहले सरकार की तरफ से 100 बेड का ट्रॉमा सेंटर बादली में मंजूर किया गया लेकिन जमीन पर अवैध कब्जा होने के चलते काम रुका है।
24 गांव और भट्ठा मजदूर निर्भर
सीएचसी पर आसपास के 24 गांवों के ग्रामीण सहित ईंट भट्ठा मजदूर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर हैं। क्षेत्र में हजारों की संख्या में बाहरी मजदूर रहते हैं जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में सीएचसी के भरोसे हैं। छोटी-छोटी बीमारियों सहित आपातकालीन सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को सीएचसी जाना होता है।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो बार तहसीलदार से निशानदेही रिपोर्ट मांगी गई है लेकिन 6 माह बीत जाने पर भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हुई। इसके अतिरिक्त कब्जों को हटाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई अधूरी है। अब एक बार फिर संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजने के लिए लिखा जाएगा।
डॉक्टर प्रीति दुग्गल, एसएमओ बादली।
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गांव में स्वास्थ्य विभाग के पास 20 कैनल, दो मरला जमीन है। जमीन के कुछ हिस्से पर वर्षों पहले भवन बनाया गया था जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं जारी हैं। 2 साल पहले सरकार की तरफ से 100 बेड का ट्रॉमा सेंटर बादली में मंजूर किया गया लेकिन जमीन पर अवैध कब्जा होने के चलते काम रुका है।
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24 गांव और भट्ठा मजदूर निर्भर
सीएचसी पर आसपास के 24 गांवों के ग्रामीण सहित ईंट भट्ठा मजदूर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर हैं। क्षेत्र में हजारों की संख्या में बाहरी मजदूर रहते हैं जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में सीएचसी के भरोसे हैं। छोटी-छोटी बीमारियों सहित आपातकालीन सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को सीएचसी जाना होता है।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो बार तहसीलदार से निशानदेही रिपोर्ट मांगी गई है लेकिन 6 माह बीत जाने पर भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हुई। इसके अतिरिक्त कब्जों को हटाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई अधूरी है। अब एक बार फिर संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजने के लिए लिखा जाएगा।
डॉक्टर प्रीति दुग्गल, एसएमओ बादली।