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Jhajjar-Bahadurgarh News: संशोधित... 23 लाख महिलाएं पीपीपी में मुखिया, फरीदाबाद सबसे आगे
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झज्जर।
प्रदेश के 22 लाख 99 हजार 158 लाख परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में महिलाओं को परिवार का मुखिया दिखाया गया है। यह हरियाणा में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रदेश में इस समय लगभग 78 लाख परिवार पहचान पत्र बने हुए हैं।
आंकड़ों पर नजर डाले तो टॉप तीन जिलों में फरीदाबाद, करनाल और सोनीपत हैं जहां सबसे ज्यादा परिवार पहचान पत्र में महिलाओं को मुखिया दिखाया गया है। फरीदाबाद में सबसे ज्यादा एक लाख 62 हजार 532 महिलाएं, करनाल में 142420 महिलाएं और तीसरे नंबर पर सोनीपत में 131124 महिलाओं को मुखिया दिखाया है।
यदि सबसे कम संख्या में महिलाओं को मुखिया दिखाने वाले जिलों की बात करें तो पंचकूला जिला आता है जहां केवल 45 हजार 719 महिलाएं परिवार की मुखिया हैं। आंकड़ा बताता है कि महिलाओं की भूमिका केवल घर तक सीमित नहीं नहीं है बल्कि परिवार की अधिकारिक पहचान और जिम्मेदारी भी दी जा रही है। संवाद
परिवार पहचान पत्र महत्वपूर्ण योजना
परिवार पहचान पत्र प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसमें हर परिवार का एक यूनिट डाटा तैयार किया जाता है। इसके आधार पर सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जाता है। किसी परिवार में महिला को मुखिया बनाया जाता है तो योजनाओं का लाभ भी उनके नाम से जुड़ जाता है।
वर्जन
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। हरियाणा पहला ऐसा राज्य है जहां लिखित और प्रमाणिक रूप से महिलाओं को परिवार का मुखिया दिखाया गया है। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में बेहतर कदम है।
डॉ. सतीश खोला, स्टेट कोऑर्डिनेटर, हरियाणा परिवार पहचान अथोरिटी
बॉक्स
किस जिले में कितनी महिलाएं मुखिया
फरीदाबाद 162532
करनाल 142420
सोनीपत 131124
गुरुग्राम 125419
जींद 123932
सिरसा 122557
यमुनानगर 112871
पानीपत 111871
हिसार 110499
कैथल 110324
अंबाला 106238
भिवानी 105590
पलवल 98158
रोहतक 97026
नूंह 96165
कुरुक्षेत्र 95557
फतेहाबाद 92936
झज्जर 90100
महेंद्रगढ़ 86634
रेवाड़ी 83824
चरखीदादरी 47662
पंचकूला 45719
प्रदेश के 22 लाख 99 हजार 158 लाख परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में महिलाओं को परिवार का मुखिया दिखाया गया है। यह हरियाणा में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रदेश में इस समय लगभग 78 लाख परिवार पहचान पत्र बने हुए हैं।
आंकड़ों पर नजर डाले तो टॉप तीन जिलों में फरीदाबाद, करनाल और सोनीपत हैं जहां सबसे ज्यादा परिवार पहचान पत्र में महिलाओं को मुखिया दिखाया गया है। फरीदाबाद में सबसे ज्यादा एक लाख 62 हजार 532 महिलाएं, करनाल में 142420 महिलाएं और तीसरे नंबर पर सोनीपत में 131124 महिलाओं को मुखिया दिखाया है।
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यदि सबसे कम संख्या में महिलाओं को मुखिया दिखाने वाले जिलों की बात करें तो पंचकूला जिला आता है जहां केवल 45 हजार 719 महिलाएं परिवार की मुखिया हैं। आंकड़ा बताता है कि महिलाओं की भूमिका केवल घर तक सीमित नहीं नहीं है बल्कि परिवार की अधिकारिक पहचान और जिम्मेदारी भी दी जा रही है। संवाद
परिवार पहचान पत्र महत्वपूर्ण योजना
परिवार पहचान पत्र प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसमें हर परिवार का एक यूनिट डाटा तैयार किया जाता है। इसके आधार पर सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जाता है। किसी परिवार में महिला को मुखिया बनाया जाता है तो योजनाओं का लाभ भी उनके नाम से जुड़ जाता है।
वर्जन
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। हरियाणा पहला ऐसा राज्य है जहां लिखित और प्रमाणिक रूप से महिलाओं को परिवार का मुखिया दिखाया गया है। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में बेहतर कदम है।
डॉ. सतीश खोला, स्टेट कोऑर्डिनेटर, हरियाणा परिवार पहचान अथोरिटी
बॉक्स
किस जिले में कितनी महिलाएं मुखिया
फरीदाबाद 162532
करनाल 142420
सोनीपत 131124
गुरुग्राम 125419
जींद 123932
सिरसा 122557
यमुनानगर 112871
पानीपत 111871
हिसार 110499
कैथल 110324
अंबाला 106238
भिवानी 105590
पलवल 98158
रोहतक 97026
नूंह 96165
कुरुक्षेत्र 95557
फतेहाबाद 92936
झज्जर 90100
महेंद्रगढ़ 86634
रेवाड़ी 83824
चरखीदादरी 47662
पंचकूला 45719