{"_id":"6a6637dec081812bb50b4025","slug":"shoulders-are-getting-stiff-from-sitting-in-the-same-posture-for-long-periods-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1005-125688-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से कंधे हो रहे जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से कंधे हो रहे जाम
विज्ञापन
-फोटो 84 : नागरिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे लोग। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। कंप्यूटर-लैपटॉप पर घंटों कार्य करने से कंधे जाम यानी फ्रोजन शोल्डर की समस्या बढ़ रही है। सूजन और दर्द के कारण रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी होने लगी है। ऑफिस में कार्य करने वाले युवा इनमें अधिक संख्या में हैं। बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में प्रतिदिन इस तरह के 5-7 केस सामने आ रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने बताया कि कामकाजी युवा मोबाइल-लैपटॉप पर एक ही मुद्रा में औसतन चार-पांच घंटे काम कर रहे हैं। इससे उनके कंधों की मांसपेशियां जकड़ जाती हैं और रक्त संचार प्रभावित होता है। लंबे समय तक ऐसा रहने से कंधे जाम होने लगते हैं। हाथ ऊपर करने, घुमाने या वजन उठाने पर दर्द महसूस होता है।
उन्होंने बताया कि कंधे में चोट और फ्रैक्चर की तरह कंधे जाम होने की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसका असर गर्दन, कमर और रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ने लगता है। बीमारी बढ़ने के बाद मरीज चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं में भी यह परेशानी बढ़ रही है। मोटापा और गर्दन पर बढ़ती चर्बी से कंधे और हाथों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
विज्ञापन
हाथ पीठ तक नहीं पहुंच पाते, कपड़े पहनने और कंघी करने तक में परेशानी होती है। इसके उपचार के लिए व्यायाम और फिजियोथेरेपी का सहारा लेना पड़ता है। अनदेखी करने पर यह समस्या बढ़ती जाती है।
इन बातों का रखें ध्यान
-कंधे को लचीला रखने के लिए नियमित व्यायाम करें।
-रात को सोते वक्त हाथों को सिर के नीचे नहीं रखें।
-कंप्यूटर-लैपटॉप पर 30-40 मिनट कार्य के बाद ब्रेक लें।
-लेटर, आढ़े-तिरछे होकर कंप्यूटर-लैपटॉप पर कार्य न करें।
-नियमित 40 मिनट से अधिक व्यायाम करें, वजन न बढ़ने दें।
-फोटो 84 :
विज्ञापन
बहादुरगढ़। कंप्यूटर-लैपटॉप पर घंटों कार्य करने से कंधे जाम यानी फ्रोजन शोल्डर की समस्या बढ़ रही है। सूजन और दर्द के कारण रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी होने लगी है। ऑफिस में कार्य करने वाले युवा इनमें अधिक संख्या में हैं। बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में प्रतिदिन इस तरह के 5-7 केस सामने आ रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने बताया कि कामकाजी युवा मोबाइल-लैपटॉप पर एक ही मुद्रा में औसतन चार-पांच घंटे काम कर रहे हैं। इससे उनके कंधों की मांसपेशियां जकड़ जाती हैं और रक्त संचार प्रभावित होता है। लंबे समय तक ऐसा रहने से कंधे जाम होने लगते हैं। हाथ ऊपर करने, घुमाने या वजन उठाने पर दर्द महसूस होता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कंधे में चोट और फ्रैक्चर की तरह कंधे जाम होने की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसका असर गर्दन, कमर और रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ने लगता है। बीमारी बढ़ने के बाद मरीज चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं में भी यह परेशानी बढ़ रही है। मोटापा और गर्दन पर बढ़ती चर्बी से कंधे और हाथों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
विज्ञापन
हाथ पीठ तक नहीं पहुंच पाते, कपड़े पहनने और कंघी करने तक में परेशानी होती है। इसके उपचार के लिए व्यायाम और फिजियोथेरेपी का सहारा लेना पड़ता है। अनदेखी करने पर यह समस्या बढ़ती जाती है।
इन बातों का रखें ध्यान
-कंधे को लचीला रखने के लिए नियमित व्यायाम करें।
-रात को सोते वक्त हाथों को सिर के नीचे नहीं रखें।
-कंप्यूटर-लैपटॉप पर 30-40 मिनट कार्य के बाद ब्रेक लें।
-लेटर, आढ़े-तिरछे होकर कंप्यूटर-लैपटॉप पर कार्य न करें।
-नियमित 40 मिनट से अधिक व्यायाम करें, वजन न बढ़ने दें।
-फोटो 84 :