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Jind News: नरवाना में 2,067 एकड़ में बसेंगे 10 नए सेक्टर, विकास को मिलेगी रफ्तार
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24जेएनडी20: जानकारी देते हुए संपदा अधिकारी सत्यवान सिंह मान। स्रोत प्रशासन।
- फोटो : सांकेतिक
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नरवाना। शहर के विकास की दिशा में बड़ा कदम प्रशासन ने उठाया है। अब शहर और आसपास के क्षेत्रों में नए रिहायशी सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इस योजना के तहत करीब 2,067 एकड़ भूमि अधिग्रहण कर 10 नए सेक्टर बसाने का लक्ष्य रखा है।
नरवाना के साथ डूमरखां कलां, मोहल खेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों का भी समग्र विकास होगा। उन्होंने यह जानकारी मंगलवार को भगवान परशुराम संस्थान, गेबी साहिब मंदिर के पास आयोजित जागरूकता शिविर में दी। शिविर का उद्देश्य किसानों और भूमि मालिकों को सरकार द्वारा शुरू किए गए ई-भूमि पोर्टल के बारे में जानकारी देना और उन्हें इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करना था।
संपदा अधिकारी ने बताया कि ई-भूमि पोर्टल के जरिए भूमि खरीद प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इस पोर्टल पर किसान अपनी जमीन का विवरण ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। साथ ही वे अपनी सहमति या आपत्ति दर्ज करने के अलावा जमीन का मूल्य भी स्वयं तय कर सकते हैं जिससे उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मुआवजा देना और उन्हें विकास प्रक्रिया का भागीदार बनाना है। शिविर में अधिकारियों ने किसानों को पोर्टल के उपयोग, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। सत्यवान सिंह मान ने बताया कि यह विभाग का दूसरा जागरूकता शिविर है।
इससे पहले डूमरखां कलां में भी शिविर लगाया गया था जहां किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस योजना से क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का विकास होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और नरवाना आधुनिक शहर के रूप में विकसित होगा। इस मौके पर एसडीओ तरुण कुमार, राजेंद्र आर्य सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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नरवाना के साथ डूमरखां कलां, मोहल खेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों का भी समग्र विकास होगा। उन्होंने यह जानकारी मंगलवार को भगवान परशुराम संस्थान, गेबी साहिब मंदिर के पास आयोजित जागरूकता शिविर में दी। शिविर का उद्देश्य किसानों और भूमि मालिकों को सरकार द्वारा शुरू किए गए ई-भूमि पोर्टल के बारे में जानकारी देना और उन्हें इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करना था।
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संपदा अधिकारी ने बताया कि ई-भूमि पोर्टल के जरिए भूमि खरीद प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इस पोर्टल पर किसान अपनी जमीन का विवरण ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। साथ ही वे अपनी सहमति या आपत्ति दर्ज करने के अलावा जमीन का मूल्य भी स्वयं तय कर सकते हैं जिससे उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मुआवजा देना और उन्हें विकास प्रक्रिया का भागीदार बनाना है। शिविर में अधिकारियों ने किसानों को पोर्टल के उपयोग, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। सत्यवान सिंह मान ने बताया कि यह विभाग का दूसरा जागरूकता शिविर है।
इससे पहले डूमरखां कलां में भी शिविर लगाया गया था जहां किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस योजना से क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का विकास होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और नरवाना आधुनिक शहर के रूप में विकसित होगा। इस मौके पर एसडीओ तरुण कुमार, राजेंद्र आर्य सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।