सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   After 10 daughters woman gave birth to a son in Jind

दस बेटियों के बाद मां ने बेटे को दिया जन्म: पिता ने नाम रखा दिलखुश, फतेहाबाद के बाद अब जिंद से आया मामला

संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Published by: शाहिल शर्मा Updated Tue, 20 Jan 2026 10:57 AM IST
विज्ञापन
सार

हरियाणा में फतेहाबाद के बाद अब जिंद में एक महिला ने 10 बेटियों के बाद एक बच्चे को जन्म दिया है। पिता ने बच्चे का नाम दिलखुश रखा है। 

After 10 daughters woman gave birth to a son in Jind
बेटे के जन्म पर परिवार में खुशी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

बेटे की चाह में उचाना खुर्द गांव की रितु ने 11 बच्चे पैदा कर डाले। शुक्र है, सोमवार को उचाना के नागरिक अस्पताल में रितु को बेटा पैदा हुआ जिससे परिवार खुशी से झूम उठा। बेटे का नाम दिलखुश रखा गया।  रितु की 24 साल पहले सुरेंद्र से शादी हुई थी। सुरेंद्र दिहाड़ी मजदूर हैं। प्रसव पीड़ा होने पर रितु को उचाना के नागरिक अस्पताल लाया गया। यहां स्टाफ नर्स सुमन लता ने रितु की नार्मल डिलीवरी कराई। जैसे ही बेटा होने की खबर आई, पति सुरेंद्र समेत घर वाले खुशी से झूम उठे।
Trending Videos


सुरेंद्र ने कहा कि 10 बेटियों के बाद जन्मे लड़के का नाम हमने दिलखुश रखा है। आखिरी बेटी का निधन हो चुका है। फिलहाल, नौ बेटियां स्वस्थ हैं।

15 दिन पहले भी जन्मा था दिलखुश

फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज के रहने वाले संजय की पत्नी सुनीता ने भी उचाना के एक निजी अस्पताल में 10 बच्चियों के बाद बेटे को जन्म दिया था। इसका नाम भी दिलखुश रखा गया था। हीमोग्लोबिन की कमी के कारण डॉक्टरों ने खून चढ़ाकर सुनीता की डिलीवरी कराई थी। पिता संजय की हंसी तब उड़ी, जब वह अपने सभी बच्चों का नाम तक नहीं बता पाए थे। सोशल मीडिया में इसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

डॉक्टर बोले-ऐसा रिस्क हो सकता है जानलेवा

जींद नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला कहते हैं कि महिलाएं दो या तीन से ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं तो बच्चेदानी बहुत कमजोर हो जाती है। इससे मां के साथ पेट में पल रहे बच्चे को भी खतरा होता है। महिलाएं ऐसा रिस्क न लें। यह जानलेवा हो सकता है। ऐसी महिलाओं में अक्सर खून की कमी भी हो जाती है।

80 फीसदी दंपती चाहते हैं एक बेटा जरूर हो

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-2021) के आंकड़े बताते हैं कि 80 फीसदी लोग एक बेटा जरूर चाहते हैं। कई दंपती तो बेटा होने की चाह पूरी होने तक बच्चे पैदा करते हैं। देश में मेघालय इकलौता राज्य है जहां बेटियों को बेटों से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है।

प्रदेश में बढ़ीं, जींद में घटी बेटियां

जींद के एक घर में 10 बेटियां पैदा हो जाने की सुर्खियों के बीच यहां लिंगानुपात की तस्वीर चिंताजनक है। जिले में वर्ष 2024 (919) के मुकाबले 2025 में 1000 लड़कों पर बेटियां 918 ही रह गई थीं। जबकि, इसी अवधि में हरियाणा में बेटियों की संख्या में 16 अंकों की जबर्दस्त बढ़त (923) हासिल हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed