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Hydrogen Train: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन फरवरी में जींद से भरेगी फर्राटा, पीएम मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी

अमर उजाला नेटवर्क, जींद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 19 Jan 2026 03:18 AM IST
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सार

यह दुनिया की सबसे लंबी और ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। जींद पहुंच चुकी ट्रेन के साथ ट्रैक और हाइड्रोजन प्लांट की टेस्टिंग की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसे हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना है।
 

The country's first hydrogen train will run from Jind in February
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विस्तार
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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन फरवरी में जींद-सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच फरवरी में फर्राटा भरेगी। यह दुनिया की सबसे लंबी और ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। जींद पहुंच चुकी ट्रेन के साथ ट्रैक और हाइड्रोजन प्लांट की टेस्टिंग की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसे हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना है।

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हाइड्रोजन सेल आधारित 35 ट्रेनों के बेड़े को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने 2023-24 में 2800 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) ने डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डेमू) को हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक में ढालकर यह पहली ट्रेन तैयार की है। इसके कोच इंटीग्रल रेल कोच फैक्टरी चेन्नई ने बनाए हैं।
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इस कामयाबी के बाद भारत दुनिया में फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, यूके, चीन, अमेरिका जैसे हाइड्रोजन ट्रेनों से समृद्ध देशों में शुमार हो गया है। 140 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार क्षमता वाली यह ट्रेन पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के मिलने से पैदा हुई बिजली से यह संचालित होगी। इसमें धुएं की जगह सिर्फ भाप (वाष्प) का ही उत्सर्जन होगा। आठ कोच वाली दुनिया की सबसे लंबी यह ट्रेन एक बार में 2500 यात्री ले जा सकेगी। ट्रेन के दरवाजे स्वचालित होंगे। 

हाइड्रोजन ट्रेन और प्लांट की टेस्टिंग का काम चल रहा है। इसके बाद ट्रेन का ट्रायल होगा। फिलहाल, ट्रेन संचालन की तारीख तय नहीं हुई है।
-अजय माइकल, सीपीआरओ, नई दिल्ली

40 हजार लीटर पानी से रोज बनेगी 430 किलो गैस
ट्रेन को हाइड्रोजन मुहैया कराने के लिए जींद रेलवे जंक्शन के पास साढ़े पांच एकड़ में हाइड्रोजन प्लांट लगाया गया है। इसकी लागत 118 करोड़ आई और वक्त भी लगा दो साल। यह प्लांट रोजाना 430 किलोग्राम हाइड्रोजन का निर्माण करेगा। इसमें 40,000 लीटर पानी की जरूरत पड़ेगी। प्लांट की गैस भंडारण क्षमता 3000 किलोग्राम है।

89 किमी का सफर एक घंटे में, सात स्टेशनों पर रुकेगी
जींद से सोनीपत तक के 89 किमी लंबे रूट में यह ट्रेन सात स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें सिर्फ एक घंटा लगेगा। इतनी दूरी का किराया डेमू के बराबर ही मात्र 25 रुपये प्रस्तावित है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह ट्रेन जींद से चलकर पांडु पिंडारा, भंभेवा, गोहाना जंक्शन, मोहाना और सोनीपत में रुकेगी।

ट्रेन में हैं सुविधाएं

  • बिना आवाज के चलेगी, यात्री आरामदायक सफर कर सकेंगे
  • हाइड्रोजन ट्रेन के दोनों छोर पर पावर इंजन लगे हैं
  • यात्रियों के बैठने के लिए आठ डिब्बे लगाए गए हैं
  • यात्रियों को सफर के दौरान पंखे, लाइट और एसी की सुविधा मिलेगी
  • मेट्रो की तरह कोच के दोनों तरफ प्रवेश और निकासी के लिए 2-2 दरवाजे
  • हर कोच में डिस्प्ले होगी, जिससे स्टेशन आने के बारे में सूचना प्रसारित होगी
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