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Jind News: चूहाें ने मशीन का तार कुतर डाला, खून की जांच ठप होने से मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:02 AM IST
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18जेएनडी39: नागरिक अस्पताल की लैब जहां पर सभी मशीन बंद हुई। संवाद
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जींद। नागरिक अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में लापरवाही और अव्यवस्था के चलते खून जांच की व्यवस्था ठप हो गई है। शनिवार रात को लैब में चल रही एकमात्र फाइव पार्ट सीबीसी मशीन के तार चूहों ने काट दिया। इससे मशीन खराब हो गई। रविवार को अस्पताल में भर्ती मरीजों और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को लिखी गई रक्त जांच बाजार से करानी पड़ी। इससे मरीजों और परिजनों को परेशानी और आर्थिक बोझ झेलना पड़ा। यदि आज भी मशीन नहीं चली तो करीब 500 मरीजाें को निजी लैब का सहारा लेना पड़ेगा।
नागरिक अस्पताल में चार रक्त जांच मशीनें उपलब्ध थीं। इनमें से दो थ्री पार्ट सीबीसी मशीन और दो फाइव पार्ट सीबीसी मशीन थीं। पिछले काफी दिनों से दोनों थ्री पार्ट मशीनें रसायन की कमी के कारण बंद थीं। वहीं फाइव पार्ट मशीनों में से एक मशीन के लिए भी जरूरी रसायन उपलब्ध नहीं थे जिसके कारण वह भी लंबे समय से बंद थी। ऐसे में केवल एक फाइव पार्ट सीबीसी मशीन से जांच व्यवस्था चल रही थी।
शनिवार रात को फाइव पार्ट मशीन के तार चूहों ने काट दिया। इससे यह मशीन भी बंद हो गई। इसके चलते रविवार को अस्पताल की लैब में रक्त की जांच ठप हो गई। चिकित्सकों द्वारा जिन मरीजों के सीबीसी और अन्य रक्त जांच लिखे गए, उन्हें मजबूरी में निजी प्रयोगशालाओं का सहारा लेना पड़ा। खासतौर पर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा।
बाक्स
सीबीसी जांच का महत्व
सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच किसी भी मरीज की प्राथमिक और सबसे जरूरी जांच मानी जाती है। इसके जरिए संक्रमण, एनीमिया, प्लेटलेट्स की कमी, बुखार, डेंगू, मलेरिया, सेप्सिस और अन्य कई बीमारियों का प्रारंभिक आकलन किया जाता है। सीबीसी जांच के बिना चिकित्सकों को इलाज तय करने में भी परेशानी होती है।
बाक्स
थ्री पार्ट सीबीसी मशीन में होने वाले टेस्ट
थ्री पार्ट सीबीसी मशीन मुख्य रूप से रक्त के तीन प्रमुख घटकों का विश्लेषण करती है। इसमें हीमोग्लोबिन, श्वेत रक्त कणिकाएं, लाल रक्त कणिकाएं, प्लेटलेट्स काउंट, हेमाटोक्रिट, एमसीवी, एमसीएच, एमसीएचसी जैसे रेड सेल इंडेक्स, थ्री पार्ट मशीन में डब्ल्यूबीसी का केवल बेसिक विभाजन होता है। इससे सामान्य संक्रमण और एनीमिया जैसी स्थितियों की पहचान की जाती है।
बाक्स
फाइव पार्ट सीबीसी मशीन में होने वाले टेस्ट
फाइव पार्ट सीबीसी मशीन उन्नत होती है और यह श्वेत रक्त कणिकाओं को पांच भागों में विभाजित कर जानकारी देती है। इसमें न्यूट्रोफिल, लिम्फोसाइट, मोनोसाइट, ईओसिनोफिल, बेसोफिल के साथ-साथ हीमोग्लोबिन, आरबीसी काउंट,प्लेटलेट्स, आरडी डब्ल्यू, एमपीवी जैसे एडवांस पैरामीटर शामिल होते हैं।
बाक्स
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए
अस्पताल में मशीनों के रसायन समय पर उपलब्ध न होना और लैब में चूहों का आतंक गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। लैब जैसी संवेदनशील जगह पर साफ-सफाई और उपकरणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
बाक्स
फिलहाल मशीनें बंद होने के कारण जांच प्रभावित है। मरीजों ने मांग की है कि जल्द से जल्द मशीनों की मरम्मत कराई जाए। जरूरी रसायन उपलब्ध करवाए जाएं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं-सुनील राज बामनिया अधिवक्ता, तीमारदार
वर्जन
नागरिक अस्पताल की लैब में रक्त जांच की मशीन खराब होने के कारण मरीजों को परेशानी हुई है। इसको ठीक करवाने के लिए इंजीनियर बुलवाए गए हैं। जल्द ठीक करवा दिया जाएगा ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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नागरिक अस्पताल में चार रक्त जांच मशीनें उपलब्ध थीं। इनमें से दो थ्री पार्ट सीबीसी मशीन और दो फाइव पार्ट सीबीसी मशीन थीं। पिछले काफी दिनों से दोनों थ्री पार्ट मशीनें रसायन की कमी के कारण बंद थीं। वहीं फाइव पार्ट मशीनों में से एक मशीन के लिए भी जरूरी रसायन उपलब्ध नहीं थे जिसके कारण वह भी लंबे समय से बंद थी। ऐसे में केवल एक फाइव पार्ट सीबीसी मशीन से जांच व्यवस्था चल रही थी।
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शनिवार रात को फाइव पार्ट मशीन के तार चूहों ने काट दिया। इससे यह मशीन भी बंद हो गई। इसके चलते रविवार को अस्पताल की लैब में रक्त की जांच ठप हो गई। चिकित्सकों द्वारा जिन मरीजों के सीबीसी और अन्य रक्त जांच लिखे गए, उन्हें मजबूरी में निजी प्रयोगशालाओं का सहारा लेना पड़ा। खासतौर पर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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सीबीसी जांच का महत्व
सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच किसी भी मरीज की प्राथमिक और सबसे जरूरी जांच मानी जाती है। इसके जरिए संक्रमण, एनीमिया, प्लेटलेट्स की कमी, बुखार, डेंगू, मलेरिया, सेप्सिस और अन्य कई बीमारियों का प्रारंभिक आकलन किया जाता है। सीबीसी जांच के बिना चिकित्सकों को इलाज तय करने में भी परेशानी होती है।
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थ्री पार्ट सीबीसी मशीन में होने वाले टेस्ट
थ्री पार्ट सीबीसी मशीन मुख्य रूप से रक्त के तीन प्रमुख घटकों का विश्लेषण करती है। इसमें हीमोग्लोबिन, श्वेत रक्त कणिकाएं, लाल रक्त कणिकाएं, प्लेटलेट्स काउंट, हेमाटोक्रिट, एमसीवी, एमसीएच, एमसीएचसी जैसे रेड सेल इंडेक्स, थ्री पार्ट मशीन में डब्ल्यूबीसी का केवल बेसिक विभाजन होता है। इससे सामान्य संक्रमण और एनीमिया जैसी स्थितियों की पहचान की जाती है।
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फाइव पार्ट सीबीसी मशीन में होने वाले टेस्ट
फाइव पार्ट सीबीसी मशीन उन्नत होती है और यह श्वेत रक्त कणिकाओं को पांच भागों में विभाजित कर जानकारी देती है। इसमें न्यूट्रोफिल, लिम्फोसाइट, मोनोसाइट, ईओसिनोफिल, बेसोफिल के साथ-साथ हीमोग्लोबिन, आरबीसी काउंट,प्लेटलेट्स, आरडी डब्ल्यू, एमपीवी जैसे एडवांस पैरामीटर शामिल होते हैं।
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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए
अस्पताल में मशीनों के रसायन समय पर उपलब्ध न होना और लैब में चूहों का आतंक गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। लैब जैसी संवेदनशील जगह पर साफ-सफाई और उपकरणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
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फिलहाल मशीनें बंद होने के कारण जांच प्रभावित है। मरीजों ने मांग की है कि जल्द से जल्द मशीनों की मरम्मत कराई जाए। जरूरी रसायन उपलब्ध करवाए जाएं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं-सुनील राज बामनिया अधिवक्ता, तीमारदार
वर्जन
नागरिक अस्पताल की लैब में रक्त जांच की मशीन खराब होने के कारण मरीजों को परेशानी हुई है। इसको ठीक करवाने के लिए इंजीनियर बुलवाए गए हैं। जल्द ठीक करवा दिया जाएगा ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।

18जेएनडी39: नागरिक अस्पताल की लैब जहां पर सभी मशीन बंद हुई। संवाद