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Jind News: भिवानी भेजने से डिपो में घटी बसों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:55 AM IST
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जींद। रोडवेज डिपो से बीएस-6 माॅडल की पांच बस भिवानी भेजे जाने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। अब कई रूटों पर यात्रियों को बसों को लेकर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
रोडवेज डिपो ने दिसंबर में बीएस-6 की पांच बसें भिवानी डिपो में भेज दी थी। ऐसे में कई रूटों पर बसों की संख्या घट गई है। दोपहर बाद रोहतक भिवानी और कैथल रूट पर यात्रियों को बसों के लिए आधे से पौने घंटे तक इंतजार करना पड़ता है जबकि डिपो से हर 12 स 15 मिनट में बस चलती है।
भिवानी भेजे जाने वाली पांच में से तीन बस जींद उपकेंद्र और एक-एक बस नरवाना, सफीदों उपकेंद्र से गई थी। इसके बदले में भिवानी डिपो से कोई बस नहीं मिली है। इसके अलावा पांच से सात बस आमतौर पर बस मरम्मत के लिए खड़ी रहती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जींद डिपो में इस समय बसों की संख्या 165 रह गई हैं जिसमें किलोमीटर स्कीम की बसों की संख्या 35 है जबकि पहले बसों की संख्या 170 थी।
डिपो की बसों में हर रोज लगभग 15 हजार यात्री सफर करते है, जिससे डिपो को हर रोज लगभग दस लाख रुपये का राजस्व मिलता है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए डिपो में 30 और बसों की जरूरत है। बसों की कमी के चलते खासकर दोपहर बाद रोहतक, कैथल व भिवानी रूट पर यात्रियों को ज्यादा परेशानी होती है। यात्रियों को आधे घंटा से लेकर पौने घंटा तक बसों का इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीण रूट पर विद्यार्थियों के लिए विशेष बस चलाई जा रही है। इसके अलावा जिस रूट पर भीड़ होती है उस पर बसों को भेज दिया जाता है। -सुनील पूनिया, डीआई, बस स्टैंड जींद
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रोडवेज डिपो ने दिसंबर में बीएस-6 की पांच बसें भिवानी डिपो में भेज दी थी। ऐसे में कई रूटों पर बसों की संख्या घट गई है। दोपहर बाद रोहतक भिवानी और कैथल रूट पर यात्रियों को बसों के लिए आधे से पौने घंटे तक इंतजार करना पड़ता है जबकि डिपो से हर 12 स 15 मिनट में बस चलती है।
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भिवानी भेजे जाने वाली पांच में से तीन बस जींद उपकेंद्र और एक-एक बस नरवाना, सफीदों उपकेंद्र से गई थी। इसके बदले में भिवानी डिपो से कोई बस नहीं मिली है। इसके अलावा पांच से सात बस आमतौर पर बस मरम्मत के लिए खड़ी रहती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जींद डिपो में इस समय बसों की संख्या 165 रह गई हैं जिसमें किलोमीटर स्कीम की बसों की संख्या 35 है जबकि पहले बसों की संख्या 170 थी।
डिपो की बसों में हर रोज लगभग 15 हजार यात्री सफर करते है, जिससे डिपो को हर रोज लगभग दस लाख रुपये का राजस्व मिलता है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए डिपो में 30 और बसों की जरूरत है। बसों की कमी के चलते खासकर दोपहर बाद रोहतक, कैथल व भिवानी रूट पर यात्रियों को ज्यादा परेशानी होती है। यात्रियों को आधे घंटा से लेकर पौने घंटा तक बसों का इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीण रूट पर विद्यार्थियों के लिए विशेष बस चलाई जा रही है। इसके अलावा जिस रूट पर भीड़ होती है उस पर बसों को भेज दिया जाता है। -सुनील पूनिया, डीआई, बस स्टैंड जींद