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Jind News: जरूरतमंद बच्चों की मदद को आगे आईं अंतिमा, चार साल में 1500 विद्यार्थियों को बांटी जर्सियां
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18 जुलाना 01: स्कूल में जरूरतमंद छात्रों को गर्म वस्त्र भेंट करती अंतिमा भारद्वाज। संवाद
जुलाना। क्षेत्र के गतौली गांव की बहू अंतिमा भारद्वाज जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद कर समाज में मिसाल कायम कर रही हैं। वह चार वर्षों से सर्दी के मौसम में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को जर्सी और जुराबें वितरित कर रही हैं। अब तक वह करीब 1500 विद्यार्थियों को जर्सियां बांट चुकी हैं।
अंतिमा भारद्वाज के मन में समाजसेवा का विचार उस समय आया, जब उन्होंने एक दिन स्कूल में एक विद्यार्थी को बिना जर्सी के देखा। कारण पूछने पर बच्चे ने बताया कि उसके पास जर्सी नहीं है। बच्चे की बात ने अंतिमा को प्रभावित किया। उन्हें एहसास हुआ कि आर्थिक तंगी के कारण कई परिवार अपने बच्चों के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था नहीं कर पाते। इसके बाद उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों को गर्म वस्त्र उपलब्ध करवाने का संकल्प लिया।
अंतिमा हर वर्ष करीब 350 विद्यार्थियों को जर्सी और जुराबें वितरित करती हैं ताकि सर्दी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। बच्चों के बीच वह ''''जर्सी वाली मैम'''' के नाम से जानी जाती हैं। उनकी यह पहल जरूरतमंद बच्चों को राहत देने के साथ अन्य महिलाओं को भी समाजसेवा के लिए प्रेरित कर रही है। उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करे तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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अंतिमा भारद्वाज के मन में समाजसेवा का विचार उस समय आया, जब उन्होंने एक दिन स्कूल में एक विद्यार्थी को बिना जर्सी के देखा। कारण पूछने पर बच्चे ने बताया कि उसके पास जर्सी नहीं है। बच्चे की बात ने अंतिमा को प्रभावित किया। उन्हें एहसास हुआ कि आर्थिक तंगी के कारण कई परिवार अपने बच्चों के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था नहीं कर पाते। इसके बाद उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों को गर्म वस्त्र उपलब्ध करवाने का संकल्प लिया।
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अंतिमा हर वर्ष करीब 350 विद्यार्थियों को जर्सी और जुराबें वितरित करती हैं ताकि सर्दी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। बच्चों के बीच वह ''''जर्सी वाली मैम'''' के नाम से जानी जाती हैं। उनकी यह पहल जरूरतमंद बच्चों को राहत देने के साथ अन्य महिलाओं को भी समाजसेवा के लिए प्रेरित कर रही है। उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करे तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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