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Jind News: स्कूलों में स्मार्ट क्लास के लिए 31 मार्च तक टीवी लगाना सुनिश्चित की जाए
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:14 AM IST
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15जेएनडी10: राजेश वशिष्ठ।
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जींद। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने जिले में निपुण हरियाणा मिशन की प्रगति की समीक्षा के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर बैठकों के आयोजन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि जिन सरकारी स्कूलों में टेलीविजन नहीं है वहां 31 मार्च तक स्मार्ट क्लास के लिए टीवी लगाना सुनिश्चित की जाए।
निर्देश के अनुसार फरवरी में आयोजित बैठकों की समीक्षा अब इसी माह में की जाएगी। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बैठकों में मिशन की प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाए।
परिषद ने अधिकारियों के लिए स्कूल निरीक्षण के लक्ष्य भी तय किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) को चार स्कूल के निरीक्षण और आठ कक्षा का अवलोकन करना होगा जबकि डायट प्राचार्य को तीन स्कूल के मुआयना और छह कक्षा अवलोकन का लक्ष्य दिया गया है। इसी प्रकार ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को छह स्कूल के विजिट और दस कक्षा अवलोकन और क्लस्टर हेड को आठ से दस स्कूल विजिट और 12 कक्षा अवलोकन करने होंगे। निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी सरकारी स्कूल 60 दिनों से अधिक बिना निरीक्षण के नहीं रहना चाहिए।
सभी ब्लॉकों को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षण सामग्री का समय पर वितरण हो और शिक्षकों को उसका प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही स्कूलों में माता-पिता शिक्षक बैठक नियमित रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है ताकि अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी मिलती रहे।
छात्रों में सीखने की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से निपुण क्विज़ जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर पर आयोजित की जाएगी। वहीं मिशन से जुड़ी गतिविधियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
वर्जन
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पहल की गई है। सभी जिला और ब्लॉक अधिकारियों को 20 मार्च तक कार्रवाई रिपोर्ट परिषद को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिला स्तर से जल्द ही डीपीआईयू और बीपीआईयू बैठकों का शेड्यूल भी जारी किया जाएगा। -राजेश वशिष्ठ जिला समन्वयक एफएलएन
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निर्देश के अनुसार फरवरी में आयोजित बैठकों की समीक्षा अब इसी माह में की जाएगी। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बैठकों में मिशन की प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाए।
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परिषद ने अधिकारियों के लिए स्कूल निरीक्षण के लक्ष्य भी तय किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) को चार स्कूल के निरीक्षण और आठ कक्षा का अवलोकन करना होगा जबकि डायट प्राचार्य को तीन स्कूल के मुआयना और छह कक्षा अवलोकन का लक्ष्य दिया गया है। इसी प्रकार ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को छह स्कूल के विजिट और दस कक्षा अवलोकन और क्लस्टर हेड को आठ से दस स्कूल विजिट और 12 कक्षा अवलोकन करने होंगे। निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी सरकारी स्कूल 60 दिनों से अधिक बिना निरीक्षण के नहीं रहना चाहिए।
सभी ब्लॉकों को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षण सामग्री का समय पर वितरण हो और शिक्षकों को उसका प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही स्कूलों में माता-पिता शिक्षक बैठक नियमित रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है ताकि अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी मिलती रहे।
छात्रों में सीखने की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से निपुण क्विज़ जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर पर आयोजित की जाएगी। वहीं मिशन से जुड़ी गतिविधियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
वर्जन
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पहल की गई है। सभी जिला और ब्लॉक अधिकारियों को 20 मार्च तक कार्रवाई रिपोर्ट परिषद को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिला स्तर से जल्द ही डीपीआईयू और बीपीआईयू बैठकों का शेड्यूल भी जारी किया जाएगा। -राजेश वशिष्ठ जिला समन्वयक एफएलएन