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Jind News: किसान यूनियन ने किया ट्रेड डील का विरोध, किसानों के हितों की सुरक्षा की मांग उठाई
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30जेएनडी33: लघु सचिवालय में डीसी को ज्ञापन सौंपने गए किसान यूनियन के सदस्य। स्रोत : संगठन
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जींद। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील के विरोध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। यूनियन की जिला प्रधान अनिता सुदकैन की अध्यक्षता में ज्ञापन दिया गया।
उन्होंने बताया कि भारत पहले ही कृषि क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम न मिलना और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी जाती है तो इससे घरेलू किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसान नेताओं ने आशंका जताई कि विदेशी कंपनियों को बढ़ावा मिलने से कृषि क्षेत्र में निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा, जिससे छोटे और मझोले किसानों की स्थिति और कमजोर होगी। इसके अलावा देश की खाद्य सुरक्षा पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उनकी मांग है कि किसी भी ट्रेड डील को लागू करने से पहले किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही पेट्रोलियम और कृषि से जुड़े सहायक क्षेत्रों को ऐसे समझौतों से बाहर रखा जाए।
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उन्होंने बताया कि भारत पहले ही कृषि क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम न मिलना और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी जाती है तो इससे घरेलू किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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किसान नेताओं ने आशंका जताई कि विदेशी कंपनियों को बढ़ावा मिलने से कृषि क्षेत्र में निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा, जिससे छोटे और मझोले किसानों की स्थिति और कमजोर होगी। इसके अलावा देश की खाद्य सुरक्षा पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उनकी मांग है कि किसी भी ट्रेड डील को लागू करने से पहले किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही पेट्रोलियम और कृषि से जुड़े सहायक क्षेत्रों को ऐसे समझौतों से बाहर रखा जाए।
