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Jind News: अमेरिकी ट्रेड डील के विरोध में किसान एकजुट, 23 मार्च को पीपली में होगी जनआक्रोश रैली
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 22 Mar 2026 02:02 AM IST
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21जेएनडी17: बैठक में भाग लेते किसान। स्रोत ग्रामीण
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जुलाना। कस्बे के वार्ड नंबर 3 में भारतीय किसान यूनियन की एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यहां विशेष रूप से केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जमीदारा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप सिहाग ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसानों के हितों के खिलाफ जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ किए गए इस समझौते से भारतीय किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उनका कहना था कि इस डील के तहत अमेरिकी किसानों को भारत के बाजार में अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा जिससे स्थानीय किसानों की उपज की मांग प्रभावित होगी। प्रदीप सिहाग ने कहा कि यदि विदेशी फसलें सस्ती दरों पर भारतीय बाजार में उपलब्ध होंगी तो देश के किसानों की फसल बिकना मुश्किल हो जाएगा।
इससे न केवल किसानों की आय पर असर पड़ेगा बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो सकती है। 23 मार्च को पीपली में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जनआक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में किसान भाग लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
किसानों का कहना है कि जब तक सरकार इस समझौते को वापस नहीं लेती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर जयदीप चहल, विजय नंबरदार, सत्यवान लाठर, राजेश, सुनील सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए जमीदारा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप सिहाग ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसानों के हितों के खिलाफ जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ किए गए इस समझौते से भारतीय किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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उनका कहना था कि इस डील के तहत अमेरिकी किसानों को भारत के बाजार में अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा जिससे स्थानीय किसानों की उपज की मांग प्रभावित होगी। प्रदीप सिहाग ने कहा कि यदि विदेशी फसलें सस्ती दरों पर भारतीय बाजार में उपलब्ध होंगी तो देश के किसानों की फसल बिकना मुश्किल हो जाएगा।
इससे न केवल किसानों की आय पर असर पड़ेगा बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो सकती है। 23 मार्च को पीपली में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जनआक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में किसान भाग लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
किसानों का कहना है कि जब तक सरकार इस समझौते को वापस नहीं लेती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर जयदीप चहल, विजय नंबरदार, सत्यवान लाठर, राजेश, सुनील सहित अनेक किसान मौजूद रहे।