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Jind News: दुकान की सौदेबाजी कर सवा नौ लाख ठगे
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 17 Mar 2026 02:44 AM IST
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जींद। शहर थाना सफीदों पुलिस ने दुकान की सौदेबाजी कर 9.24 लाख रुपये हड़पने पर दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने, धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। सफीदों के वार्ड चार निवासी सुशील ने एफआईआर में बताया कि उसकी पीर बाबा के पास दुकान है। दुकान को लेकर गांव खेड़ा खेमावती अंकित तथा रवि उसके पास आए और दोनों ने बगल में पड़ी दुकान को खरीदने की बात कही।
उन्होंने बताया कि वह खुद की दुकान किराये पर देना चाहते हैं। उसका किराया आरोपियों ने एक लाख रुपये बताया। दुकान की रजिस्ट्री अंकित के नाम बताई। 15 सितंबर 2025 तक किरायानामा लिखवा लिया गया। कुछ समय के बाद अंकित उसके पास आया और कहा कि उसे दुकान को बेचना है जिसके लिए 35 लाख रुपये कीमत रखी। इस पर उसने रुपये न होने की बात कही।
कुछ समय बाद उसने सात लाख रुपये अंकित को दे दिए। बकाया राशि रजिस्ट्री के समय देने को कहा। फिर बाद में रजिस्ट्री बैंक में रखी होने की बात कह कर दो लाख 24 हजार 200 रुपये और ले लिए। जनवरी 2026 में रवि दुकान पर आया और दुकान खाली करने के लिए कहा। जब उसने दुकान किरायानामा लिखवाने के दौरान एक साथ होने तथा दुकान अंकित के नाम होने की बात कही।
आरोपियों ने उसके रुपये ब्याज समेत वापस देने की बात कही। आरोपी अब न तो रजिस्ट्री करवा रहे हैं और न ही उसके रुपये वापस लौटा रहे हैं। वह दुकान भी खाली करने का दबाव बना रहे हैं। जांच अधिकारी चंद्रपाल ने बताया कि पुलिस ने अंकित तथा रवि के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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उन्होंने बताया कि वह खुद की दुकान किराये पर देना चाहते हैं। उसका किराया आरोपियों ने एक लाख रुपये बताया। दुकान की रजिस्ट्री अंकित के नाम बताई। 15 सितंबर 2025 तक किरायानामा लिखवा लिया गया। कुछ समय के बाद अंकित उसके पास आया और कहा कि उसे दुकान को बेचना है जिसके लिए 35 लाख रुपये कीमत रखी। इस पर उसने रुपये न होने की बात कही।
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कुछ समय बाद उसने सात लाख रुपये अंकित को दे दिए। बकाया राशि रजिस्ट्री के समय देने को कहा। फिर बाद में रजिस्ट्री बैंक में रखी होने की बात कह कर दो लाख 24 हजार 200 रुपये और ले लिए। जनवरी 2026 में रवि दुकान पर आया और दुकान खाली करने के लिए कहा। जब उसने दुकान किरायानामा लिखवाने के दौरान एक साथ होने तथा दुकान अंकित के नाम होने की बात कही।
आरोपियों ने उसके रुपये ब्याज समेत वापस देने की बात कही। आरोपी अब न तो रजिस्ट्री करवा रहे हैं और न ही उसके रुपये वापस लौटा रहे हैं। वह दुकान भी खाली करने का दबाव बना रहे हैं। जांच अधिकारी चंद्रपाल ने बताया कि पुलिस ने अंकित तथा रवि के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।