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Jind News: सीआरएसयू के छात्रों के विश्वस्तरीय शोध और करियर के नए रास्ते खोले
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 23 Mar 2026 03:30 AM IST
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22जेएनडी05: पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में मौजूद कुलपति प्रो. रामपाल सैनी और अन्य। स्रोत विवि
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जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राम पाल सैनी की दूरदर्शी पहल ने विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर दिया है। 15 से 20 मार्च तक पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन के उनके दौरे ने सीआरएसयू के छात्रों के लिए विश्वस्तरीय शोध और करियर के नए रास्ते खोल दिए हैं।
प्रो. सैनी ने यूरोप के संस्थान इंस्टिट्यूटो सुपीरियर टेक्नीको, यूनिवर्सिटी ऑफ लिस्बन में रसायनज्ञ प्रो. अरमांडो जेएल पोम्बेइरो और प्रमुख वैज्ञानिक प्रो. डॉ. बृज मोहन सहित कई शीर्ष विशेषज्ञों से चर्चा की। बैठकों के दौरान संयुक्त शोध, छात्र विनिमय कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं पर ठोस सहमति बनी।
यह पहल सीआरएसयू को देश के उन चुनिंदा संस्थानों की श्रेणी में खड़ा करती है जो अपने छात्रों को सीधे वैश्विक नेटवर्क से जोड़ रहे हैं। आईएसटी के अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. रुई मेंडेस के साथ हुई बैठक में संयुक्त डिग्री और पीएचडी स्तर पर शोध सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल ने 1779 में स्थापित लिस्बन एकेडमी ऑफ साइंसेज का दौरा कर वरिष्ठ वैज्ञानिकों से संवाद किया। प्रो. सैनी के इस कदम से भविष्य में स्मार्ट सेंसर, हरित रसायन और उन्नत विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ेगा। कुलपति प्रो. सैनी की यह पहल सीआरएसयू के छात्रों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जिससे वे अब केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी अपनी पहचान बना सकेंगे।
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यह पहल सीआरएसयू को देश के उन चुनिंदा संस्थानों की श्रेणी में खड़ा करती है जो अपने छात्रों को सीधे वैश्विक नेटवर्क से जोड़ रहे हैं। आईएसटी के अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ. रुई मेंडेस के साथ हुई बैठक में संयुक्त डिग्री और पीएचडी स्तर पर शोध सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल ने 1779 में स्थापित लिस्बन एकेडमी ऑफ साइंसेज का दौरा कर वरिष्ठ वैज्ञानिकों से संवाद किया। प्रो. सैनी के इस कदम से भविष्य में स्मार्ट सेंसर, हरित रसायन और उन्नत विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ेगा। कुलपति प्रो. सैनी की यह पहल सीआरएसयू के छात्रों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जिससे वे अब केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी अपनी पहचान बना सकेंगे।