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Jind News: कोबरा के डंसने से बछिया की मौत, पशुबाड़े में मिले 25 अंडे
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07जेएनडी28-कोबरा सांप को पकड़ते स्नेक्समैन सतीश फफड़ाना। स्रोत शहरवासी
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सफीदों। शहर के वार्ड नंबर-7 स्थित सरला देवी कॉलेज के पास एक कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया जब पशुबाड़े में मादा कोबरा के डंसने से एक बछिया की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया।
रविवार को कॉलोनी निवासी सुमित सैनी के पशुबाड़े में अचानक बछिया की हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। जब परिवार ने आसपास जांच की तो उन्हें सांप के होने का शक हुआ। यह बात पता चलते ही परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी।
देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार और स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी देर तक सांप को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआत में कोई सफलता नहीं मिली। कुछ समय बाद घर की एक महिला को पशुबाड़े में बने बिटोड़े (उपलों के ढेर) के अंदर सांप का मुंह दिखाई दिया। यह देखते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और सभी लोग डर के कारण पीछे हट गए।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्नेकमैन सतीश फफड़ाना को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सतीश फफड़ाना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत और सावधानी के बाद उन्होंने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। जब उस स्थान को पूरी तरह खाली कर जांच की गई तो वहां एक और चौंकाने वाली बात सामने आई।
पशुबाड़े में करीब 25 सांप के अंडे भी पाए गए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि मादा कोबरा ने वहीं अपना बसेरा बना रखा था और अंडे देने के लिए यह जगह चुनी थी। सतीश फफड़ाना ने बताया कि पकड़ा गया सांप मादा कोबरा है, जो बेहद जहरीली प्रजाति का होता है। कोबरा का जहर बहुत खतरनाक होता है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि अंडों के कारण मादा सांप अधिक आक्रामक हो जाती है, जिससे इस तरह की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया है और उसे किसी सुनसान जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह मानव बस्तियों से दूर रहे और किसी को नुकसान न पहुंचे।
रविवार को कॉलोनी निवासी सुमित सैनी के पशुबाड़े में अचानक बछिया की हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। जब परिवार ने आसपास जांच की तो उन्हें सांप के होने का शक हुआ। यह बात पता चलते ही परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी।
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देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार और स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी देर तक सांप को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआत में कोई सफलता नहीं मिली। कुछ समय बाद घर की एक महिला को पशुबाड़े में बने बिटोड़े (उपलों के ढेर) के अंदर सांप का मुंह दिखाई दिया। यह देखते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और सभी लोग डर के कारण पीछे हट गए।
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पशुबाड़े में करीब 25 सांप के अंडे भी पाए गए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि मादा कोबरा ने वहीं अपना बसेरा बना रखा था और अंडे देने के लिए यह जगह चुनी थी। सतीश फफड़ाना ने बताया कि पकड़ा गया सांप मादा कोबरा है, जो बेहद जहरीली प्रजाति का होता है। कोबरा का जहर बहुत खतरनाक होता है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि अंडों के कारण मादा सांप अधिक आक्रामक हो जाती है, जिससे इस तरह की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया है और उसे किसी सुनसान जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह मानव बस्तियों से दूर रहे और किसी को नुकसान न पहुंचे।