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Jind News: बहादुरगढ़ और शकूरबस्ती के बीच हुआ हाइड्रोजन ट्रेन का हाई स्पीड ट्रायल
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फोटो 29जेएनडी26-ट्रायल को लेकर दौड़ती हुई हाइड्रोजन ट्रेन। संवाद
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जींद। देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का हाई स्पीड ट्रायल सोमवार को चौथे दिन बहादुरगढ़ और शकूरबस्ती के बीच हुआ। सुबह 9:30 बजे हाइड्रोजन ट्रेन को शकूरबस्ती के लिए रवाना किया गया, जहां निर्धारित ट्रैक पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की गई।
ट्रायल के दौरान रेलवे और संबंधित तकनीकी टीम के अधिकारियों ने ट्रेन के इंजन, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग, ट्रैक पर स्थिरता तथा अन्य सुरक्षा मानकों का बारीकी से परीक्षण किया।
हाई स्पीड पर ट्रेन के प्रदर्शन, कंपन, नियंत्रण प्रणाली और अन्य तकनीकी उपकरणों की निगरानी भी की गई। पूरे ट्रायल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि परीक्षण बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
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इससे पहले भी ट्रेन के कई चरणों में ट्रायल किए जा चुके हैं जिनमें कम गति पर परीक्षण सफल रहे थे। अब हाई स्पीड ट्रायल के माध्यम से ट्रेन की अधिकतम संचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों का आकलन किया जा रहा है। यदि सभी परीक्षण संतोषजनक पाए जाते हैं तो अगले चरण में संबंधित तकनीकी एजेंसियां अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार हाई स्पीड ट्रायल से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। रिपोर्ट में किसी प्रकार की तकनीकी कमी सामने नहीं आने पर ट्रेन के नियमित संचालन की दिशा में आगे की प्रक्रिया तेज होगी।
पहले दिन शुक्रवार को ट्रेन को दिल्ली सब्जी मंडी ले जाया गया था। वहां सब्जी मंडी और सोनीपत के बीच 85 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच अलग-अलग स्पीड पर ट्रायल किया गया। दूसरे दिन सोनीपत-दिल्ली सब्जी मंडी के बीच चार चक्कर लगाए गए। इस दौरान ट्रेन को 80, 100 और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अलग-अलग स्पीड मानकों पर ट्रायल किया गया। वहीं रविवार को खरैंटी तक 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया था।
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ट्रायल के दौरान रेलवे और संबंधित तकनीकी टीम के अधिकारियों ने ट्रेन के इंजन, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग, ट्रैक पर स्थिरता तथा अन्य सुरक्षा मानकों का बारीकी से परीक्षण किया।
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हाई स्पीड पर ट्रेन के प्रदर्शन, कंपन, नियंत्रण प्रणाली और अन्य तकनीकी उपकरणों की निगरानी भी की गई। पूरे ट्रायल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि परीक्षण बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
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इससे पहले भी ट्रेन के कई चरणों में ट्रायल किए जा चुके हैं जिनमें कम गति पर परीक्षण सफल रहे थे। अब हाई स्पीड ट्रायल के माध्यम से ट्रेन की अधिकतम संचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों का आकलन किया जा रहा है। यदि सभी परीक्षण संतोषजनक पाए जाते हैं तो अगले चरण में संबंधित तकनीकी एजेंसियां अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार हाई स्पीड ट्रायल से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। रिपोर्ट में किसी प्रकार की तकनीकी कमी सामने नहीं आने पर ट्रेन के नियमित संचालन की दिशा में आगे की प्रक्रिया तेज होगी।
पहले दिन शुक्रवार को ट्रेन को दिल्ली सब्जी मंडी ले जाया गया था। वहां सब्जी मंडी और सोनीपत के बीच 85 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच अलग-अलग स्पीड पर ट्रायल किया गया। दूसरे दिन सोनीपत-दिल्ली सब्जी मंडी के बीच चार चक्कर लगाए गए। इस दौरान ट्रेन को 80, 100 और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अलग-अलग स्पीड मानकों पर ट्रायल किया गया। वहीं रविवार को खरैंटी तक 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया था।