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Jind: जुलाना सीआईए ने नाबालिग को अवैध हिरासत में रखा, हाईकोर्ट से कार्रवाई की भनक मिली तो देर रात छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी जींद
Published by: Digvijay Singh
Updated Thu, 01 Jan 2026 04:29 AM IST
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सार
जुलाना सीआईए पर एक नाबालिग किशोर को अवैध रूप से हिरासत में रखने, मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि पुलिस को जब हाईकोर्ट से कार्रवाई की भनक लगी तो उन्होंने देर रात किशोर को घर छोड़ दिया।
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जुलाना सीआईए पर एक नाबालिग किशोर को अवैध रूप से हिरासत में रखने, मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि पुलिस को जब हाईकोर्ट से कार्रवाई की भनक लगी तो उन्होंने देर रात किशोर को घर छोड़ दिया। अगले दिन हाईकोर्ट से आए वारंट पर अफसर ने जांच की तो थाने में न तो सीसीटीवी कैमरे मिले और न ही 27 दिसंबर के बाद रोजनामचा में कोई कई एंट्री दर्ज पाई गई।
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जोगेंद्र नगर निवासी महेश कुमार ने बताया कि 30 दिसंबर की सुबह सीआईए की टीम ने जोगेंद्र नगर से उनके बेटे को उठा लिया था। टीम बेटे को जुलाना एवीटी थाने ले गई। आरोप है कि यहां नाबालिग से मारपीट कर उसका टॉर्चर किया गया। महेश का आरोप है कि हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार ने बार-बार फोन कर उन्हें थाने बुलाने का दबाव बनाया। इस पर उन्होंने अधिवक्ता राकेश मलिक से संपर्क कर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
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इधर, हाईकोर्ट से कार्रवाई की भनक मिलते ही पुलिस ने देर रात नाबालिग को घर के बाहर छोड़ दिया। बच्चे की हालत अत्यंत खराब होने पर उन्हें बेटे को सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
हाईकोर्ट ने जांच के लिए भेजा वारंट अफसर
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय कुमार को वारंट अफसर बनाकर जांच के लिए जुलाना भेजा। वारंट अफसर अजय कुमार और अधिवक्ता नरेंद्र अत्री बच्चे को साथ लेकर थाने पहुंचे। वहां मौके पर एक संतरी और दूसरा सचिन कुमार नाम का युवक मिला। जांच में पता चला कि जिस सरकारी गाड़ी से नाबालिग को उठाया गया उसका चालक सचिन था। जिस कमरे में उसे अवैध रूप से रखा गया और मारपीट की गई उसकी भी शिनाख्त करवाई गई। जांच अफसर को रोजनामचा में 27 दिसंबर के बाद की कोई एंट्री भी दर्ज नहीं मिली।
ड्यूटी अफसर को मौके पर बुलाकर किए बयान दर्ज
जांच अफसर ने ड्यूटी इंचार्ज को मौके पर बुलाकर बयान दर्ज किए। वहीं, परिजनों ने दोषी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की न्यायिक जांच करने की मांग की है। परिजनों ने नाबालिग को सुरक्षा प्रदान करने के साथ संबंधित थाना एवं सीआईए यूनिट के अधिकारियों को निलंबित करने की मांग उठाई है।
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। पुलिस जांच में सहयोगी करेगी। इसमें अगर कोई भी कर्मचारी आरोपी मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद।