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Jind News: डीआरएम ने पटरियों से लेकर जांची वेटिंग हाल की व्यवस्था
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फोटो। जंक्शन पर रेल लाइन की जांच करते डीआरएम पुष्पेंद्र त्रिपाठी। संवाद
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नरवाना। दिल्ली डिविजन रेलवे मैनेजर (डीआरएम) पुष्पेंद्र रमन त्रिपाठी बुधवार को निरीक्षण करने के लिए जंक्शन पहुंचे। उन्होंने रेलवे क्रॉसिंग का गहन निरीक्षण किया और उसकी गहराई का माप लिया। उन्होंने अधिकारियों से तकनीकी जानकारी मांगी लेकिन कुछ सवालों के जवाब देने में अधिकारी असहज नजर आए।
करीब पांच बजे डीआरएम ने दबलैन फाटक आरओबी के नीचे बीते दिनों बदली डायमंड क्रॉसिंग को लेकर बारीकी से पड़ताल शुरू की। कई स्थानों पर खामियों को लेकर अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
जैसे ही डीआरएम आगे बढ़े, उनकी नजर रेलवे लाइन के एक हिस्से पर पड़ी जो हल्का ऊपर उठा हुआ था। उन्होंने तुरंत रुककर अधिकारियों से सवाल किया और कहा कि इस तरह की स्थिति से रेल संचालन में दिक्कत आ सकती है। जल्द से जल्द ठीक कराएं।
अधिकारियों ने जवाब दिया कि आवश्यक मशीनरी फिलहाल उपलब्ध नहीं है जो एक-दो महीने में आने की संभावना है। इसके बाद समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
इसके बाद डीआरएम टीम और स्थानीय अधिकारियों के साथ पैदल ही रेलवे जंक्शन पहुंचे। डीआरएम ने वेटिंग हॉल का निरीक्षण किया और वहां साफ-सफाई और सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। निर्देश दिए कि यदि कोई कमी है तो उसे तत्काल प्रभाव से दूर किया जाए। इसके बाद उन्होंने कैफेटेरिया, शौचालय, स्टेशन परिसर, टिकट काउंटर और स्टेशन के बाहरी क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण पूरा करने के बाद वह पुनः परिसर में लौटे और फिर उचाना की ओर रवाना हो गए। डीआरएम ने बुधवार को कटारसिंह वाला से निरीक्षण शुरू किया था जिसके बाद वे मानसा, जाखल होते हुए नरवाना जंक्शन पहुंचे।
लोगों ने यह रखीं मांगें
वहीं नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं डीआरएम के सामने रखीं। नंदलाल शर्मा ने ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई जबकि अन्य लोगों ने स्टेशन के मुख्य द्वार को आगे स्थानांतरित करने की बात कही। इसके अलावा वेटिंग हॉल की कमी और स्टेशन पर प्रकाश व्यवस्था की समस्या भी प्रमुख रूप से उठाई गई। कई लोगों ने अपने मांग पत्र भी डीआरएम को सौंपे।
मशीन आने के बाद होगा सुधार
क्रॉसिंग पर प्वाइंट बदलने के बाद मशीनों से पैकिंग की जाती है जिससे ट्रेनों की गति बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल मशीनें अन्य स्थानों पर कार्यरत हैं लेकिन जैसे ही वे उपलब्ध होंगी, यहां की लाइनों को ठीक कर गति बढ़ाई जाएगी। जंक्शन पर टिकटों की संख्या फिलहाल कम है लेकिन यदि यात्री संख्या बढ़ती है तो स्टेशन पर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। –पुष्पेंद्र रमन त्रिपाठी, डीआरएम
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करीब पांच बजे डीआरएम ने दबलैन फाटक आरओबी के नीचे बीते दिनों बदली डायमंड क्रॉसिंग को लेकर बारीकी से पड़ताल शुरू की। कई स्थानों पर खामियों को लेकर अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
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जैसे ही डीआरएम आगे बढ़े, उनकी नजर रेलवे लाइन के एक हिस्से पर पड़ी जो हल्का ऊपर उठा हुआ था। उन्होंने तुरंत रुककर अधिकारियों से सवाल किया और कहा कि इस तरह की स्थिति से रेल संचालन में दिक्कत आ सकती है। जल्द से जल्द ठीक कराएं।
अधिकारियों ने जवाब दिया कि आवश्यक मशीनरी फिलहाल उपलब्ध नहीं है जो एक-दो महीने में आने की संभावना है। इसके बाद समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
इसके बाद डीआरएम टीम और स्थानीय अधिकारियों के साथ पैदल ही रेलवे जंक्शन पहुंचे। डीआरएम ने वेटिंग हॉल का निरीक्षण किया और वहां साफ-सफाई और सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। निर्देश दिए कि यदि कोई कमी है तो उसे तत्काल प्रभाव से दूर किया जाए। इसके बाद उन्होंने कैफेटेरिया, शौचालय, स्टेशन परिसर, टिकट काउंटर और स्टेशन के बाहरी क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण पूरा करने के बाद वह पुनः परिसर में लौटे और फिर उचाना की ओर रवाना हो गए। डीआरएम ने बुधवार को कटारसिंह वाला से निरीक्षण शुरू किया था जिसके बाद वे मानसा, जाखल होते हुए नरवाना जंक्शन पहुंचे।
लोगों ने यह रखीं मांगें
वहीं नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं डीआरएम के सामने रखीं। नंदलाल शर्मा ने ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई जबकि अन्य लोगों ने स्टेशन के मुख्य द्वार को आगे स्थानांतरित करने की बात कही। इसके अलावा वेटिंग हॉल की कमी और स्टेशन पर प्रकाश व्यवस्था की समस्या भी प्रमुख रूप से उठाई गई। कई लोगों ने अपने मांग पत्र भी डीआरएम को सौंपे।
मशीन आने के बाद होगा सुधार
क्रॉसिंग पर प्वाइंट बदलने के बाद मशीनों से पैकिंग की जाती है जिससे ट्रेनों की गति बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल मशीनें अन्य स्थानों पर कार्यरत हैं लेकिन जैसे ही वे उपलब्ध होंगी, यहां की लाइनों को ठीक कर गति बढ़ाई जाएगी। जंक्शन पर टिकटों की संख्या फिलहाल कम है लेकिन यदि यात्री संख्या बढ़ती है तो स्टेशन पर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। –पुष्पेंद्र रमन त्रिपाठी, डीआरएम

फोटो। जंक्शन पर रेल लाइन की जांच करते डीआरएम पुष्पेंद्र त्रिपाठी। संवाद