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Jind News: ‘द गर्ल्स रिवेंज’ डॉक्यूमेंटरी में सुनील जगलान की मुहिम को मिला वैश्विक मंच
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 08 Mar 2026 02:16 AM IST
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07जेएनडी07: सुनील जागलान बेटियों के साथ सेल्फी लेते हुए। स्रोत: स्वयं
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जींद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर फ्रांसीसी चैनल एआरटीई फ्रेंस की ओर से जारी डॉक्यूमेंटरी द गर्ल्स रिवेंज ने वैश्विक स्तर पर खासा ध्यान आकर्षित किया है। इसमें जींद के गांव बीबीपुर के पूर्व सरपंच व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील जागलान की बेटियों के सम्मान और अधिकारों के लिए चल रही मुहिम को प्रमुखता से दिखाया गया है।
यह फिल्म भारत और चीन में लिंग अनुपात की असमानता, कन्या भ्रूण हत्या और बेटियों के प्रति समाज की संकीर्ण सोच को उजागर करती है। डॉक्यूमेंटरी में बताया गया है कि किस तरह सुनील जगलान ने ग्रामीण समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देते हुए बालिका सशक्तिकरण की दिशा में कई अनूठी पहल की।
उन्होंने गांव-गांव में बालिका पंचायतों का गठन कराया। इनके माध्यम से लड़कियां नेतृत्व क्षमता विकसित कर रही हैं और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैला रही हैं। इसने समाज में बेटियों के प्रति नजरिया बदलने में अहम भूमिका निभाई।
डॉक्यूमेंटरी में जागलान के चर्चित अभियान सेल्फी विद डॉटर को भी विशेष रूप से दिखाया गया है। वर्ष 2015 में बीबीपुर से शुरू हुआ यह अभियान आज 70 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। इसके तहत माता-पिता अपनी बेटियों के साथ सेल्फी साझा कर बेटियों के प्रति सम्मान और गर्व का संदेश देते हैं।
फिल्म में सुनील जागलान की बेटियां नंदिनी जागलान और याचिका जागलान की सक्रिय भूमिका को भी दर्शाया गया है। जो अब स्वयं सामाजिक कार्यों के माध्यम से बेटियों के अधिकारों के लिए काम कर रही हैं।
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यह फिल्म भारत और चीन में लिंग अनुपात की असमानता, कन्या भ्रूण हत्या और बेटियों के प्रति समाज की संकीर्ण सोच को उजागर करती है। डॉक्यूमेंटरी में बताया गया है कि किस तरह सुनील जगलान ने ग्रामीण समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देते हुए बालिका सशक्तिकरण की दिशा में कई अनूठी पहल की।
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उन्होंने गांव-गांव में बालिका पंचायतों का गठन कराया। इनके माध्यम से लड़कियां नेतृत्व क्षमता विकसित कर रही हैं और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैला रही हैं। इसने समाज में बेटियों के प्रति नजरिया बदलने में अहम भूमिका निभाई।
डॉक्यूमेंटरी में जागलान के चर्चित अभियान सेल्फी विद डॉटर को भी विशेष रूप से दिखाया गया है। वर्ष 2015 में बीबीपुर से शुरू हुआ यह अभियान आज 70 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। इसके तहत माता-पिता अपनी बेटियों के साथ सेल्फी साझा कर बेटियों के प्रति सम्मान और गर्व का संदेश देते हैं।
फिल्म में सुनील जागलान की बेटियां नंदिनी जागलान और याचिका जागलान की सक्रिय भूमिका को भी दर्शाया गया है। जो अब स्वयं सामाजिक कार्यों के माध्यम से बेटियों के अधिकारों के लिए काम कर रही हैं।