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Jind News: लिफ्ट ऑपरेटर ले रहा था सैंपल, सर्जन ने इशारा कर हटाया...डीसी को थमा दी गलत रिपोर्ट
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16जेएनडी13: डीसी डॉ. वैशाली शर्मा के हीमोग्लोबिन की जांच के लिए सैंपल लेते हुए एलटी। संवाद
- फोटो : 1
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जींद। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को लिफ्ट ऑपरेटर ही खून के सैंपल लेने बैठा हुआ था। डीसी डॉ. वैशाली के निरीक्षण के दौरान डिप्टी सिविल सर्जन ने उसे इशारा कर तुरंत हटाया। डीसी ने टेक्नीशियन से खून की जांच कराई लेकिन हीमोग्लोबिन (15.3) गलत बता दिया। तीन दिन पहले यह 10 मिला था।
डीसी डॉ. वैशाली के नागरिक अस्पताल के निरीक्षण ने यहां की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। हुआ यूं कि निरीक्षण के दौरान डीसी ने अपने खून की जांच कराने की बात कही। यह सुनते ही खून की जांच के काउंटर पर बैठा लिफ्ट ऑपरेटर दस्ताने पहनकर सैंपल लेने की तैयारी करने लगा।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल ने स्थिति भांपते हुए तीन बार इशारे करके लिफ्ट ऑपरेटर को पीछे हटाया। इसके बाद लैब टेक्नीशियन (एलटी) को बुलाया गया और डीसी के खून की जांच हुई। यह रिपोर्ट भी सही नहीं मिली।
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डीसी ने सवाल किया कि तीन दिन पहले कराई खून की जांच में हीमोग्लोबिन 10 के करीब था। मंगलवार को नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट में यह 15.3 दर्शाया गया है। तीन दिन में पांच प्वाइंट बढ़ना कैसे संभव हो सकता है।
डीसी ने अस्पताल में सफाई व्यवस्था से लेकर जांच, रिकॉर्ड का रखरखाव और मरीजों की सुविधाओं को देखा। वे विभिन्न वार्डों, आपातकालीन कक्ष, गायनी वार्ड, एसएनसीयू समेत कई जगह गईं। यहां उन्हें गंभीर खामियां मिलीं। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। तत्काल सुधार के निर्देश भी दिए।
उन्हें कहीं भी संतोषजनक सफाई व्यवस्था नहीं मिली। गंभीर मरीजों के वार्डों के बाहर सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं था। वार्डों में स्वच्छता मानकों की अनदेखी मिली। फायर फाइटिंग सिस्टम में भी खामियां मिलीं। कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था देखकर डीसी ने नाराजगी जताई।
निरीक्षण की सूचना पर शुरू हुई सफाई
महिला शौचालय की स्थिति सबसे अधिक खराब मिली। डीसी के निरीक्षण की सूचना मिलते ही शौचालय की सफाई शुरू करवाई गई लेकिन हालात इतने खराब थे कि डीसी शौचालय में दो कदम अंदर जाकर ही वापस लौट आईं। उन्होंने मौके पर मौजूद सीएमओ और नर्सिंग स्टाफ से कहा कि यदि व्यवस्था ठीक है तो पांच मिनट अंदर खड़े होकर दिखाएं। उन्होंने शौचालयों के बाहर ड्यूटी बोर्ड लगाने, सफाई कर्मी का नाम दर्ज करने और सफाई के समय का रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
पांच घंटे पहले अस्पताल से रवाना हुई एंबुलेंस की एंट्री तक रजिस्टर में नहीं थी दर्ज
इमरजेंसी सेवाओं की जांच में भी खामियां सामने आईं। एंबुलेंस संचालन का रिकॉर्ड अपडेट नहीं मिला। पांच घंटे पहले अस्पताल से रवाना हुई एंबुलेंस की एंट्री तक रजिस्टर में दर्ज नहीं थी। इस पर एंबुलेंस इंचार्ज कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना से संबंधित रिकॉर्ड भी अधूरे और अव्यवस्थित पाए गए। कई सवालों के जवाब अधिकारी मौके पर नहीं दे सके।
बाक्स
अस्पताल में डीसी के निरीक्षण के दौरान जो खामियां मिली हैं उनकी रिपोर्ट बनाकर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। सभी वार्डों में सैनिटाइजर रखने, रिकार्ड को दुरूस्त करने, साफ सफाई नियमित रुप से करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में कोई कमी न रहे इसके लिए भी ड्यूटी निर्धारित की गई है। डीसी का हीमोग्लोबिन का सैंपल एलटी ने लिया था। लिफ्ट ऑपरेटर वहां पर रिकार्ड तैयार करने के लिए बैठाया गया था। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
डीसी डॉ. वैशाली के नागरिक अस्पताल के निरीक्षण ने यहां की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। हुआ यूं कि निरीक्षण के दौरान डीसी ने अपने खून की जांच कराने की बात कही। यह सुनते ही खून की जांच के काउंटर पर बैठा लिफ्ट ऑपरेटर दस्ताने पहनकर सैंपल लेने की तैयारी करने लगा।
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डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल ने स्थिति भांपते हुए तीन बार इशारे करके लिफ्ट ऑपरेटर को पीछे हटाया। इसके बाद लैब टेक्नीशियन (एलटी) को बुलाया गया और डीसी के खून की जांच हुई। यह रिपोर्ट भी सही नहीं मिली।
डीसी ने सवाल किया कि तीन दिन पहले कराई खून की जांच में हीमोग्लोबिन 10 के करीब था। मंगलवार को नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट में यह 15.3 दर्शाया गया है। तीन दिन में पांच प्वाइंट बढ़ना कैसे संभव हो सकता है।
डीसी ने अस्पताल में सफाई व्यवस्था से लेकर जांच, रिकॉर्ड का रखरखाव और मरीजों की सुविधाओं को देखा। वे विभिन्न वार्डों, आपातकालीन कक्ष, गायनी वार्ड, एसएनसीयू समेत कई जगह गईं। यहां उन्हें गंभीर खामियां मिलीं। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। तत्काल सुधार के निर्देश भी दिए।
उन्हें कहीं भी संतोषजनक सफाई व्यवस्था नहीं मिली। गंभीर मरीजों के वार्डों के बाहर सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं था। वार्डों में स्वच्छता मानकों की अनदेखी मिली। फायर फाइटिंग सिस्टम में भी खामियां मिलीं। कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था देखकर डीसी ने नाराजगी जताई।
निरीक्षण की सूचना पर शुरू हुई सफाई
महिला शौचालय की स्थिति सबसे अधिक खराब मिली। डीसी के निरीक्षण की सूचना मिलते ही शौचालय की सफाई शुरू करवाई गई लेकिन हालात इतने खराब थे कि डीसी शौचालय में दो कदम अंदर जाकर ही वापस लौट आईं। उन्होंने मौके पर मौजूद सीएमओ और नर्सिंग स्टाफ से कहा कि यदि व्यवस्था ठीक है तो पांच मिनट अंदर खड़े होकर दिखाएं। उन्होंने शौचालयों के बाहर ड्यूटी बोर्ड लगाने, सफाई कर्मी का नाम दर्ज करने और सफाई के समय का रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
पांच घंटे पहले अस्पताल से रवाना हुई एंबुलेंस की एंट्री तक रजिस्टर में नहीं थी दर्ज
इमरजेंसी सेवाओं की जांच में भी खामियां सामने आईं। एंबुलेंस संचालन का रिकॉर्ड अपडेट नहीं मिला। पांच घंटे पहले अस्पताल से रवाना हुई एंबुलेंस की एंट्री तक रजिस्टर में दर्ज नहीं थी। इस पर एंबुलेंस इंचार्ज कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना से संबंधित रिकॉर्ड भी अधूरे और अव्यवस्थित पाए गए। कई सवालों के जवाब अधिकारी मौके पर नहीं दे सके।
बाक्स
अस्पताल में डीसी के निरीक्षण के दौरान जो खामियां मिली हैं उनकी रिपोर्ट बनाकर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। सभी वार्डों में सैनिटाइजर रखने, रिकार्ड को दुरूस्त करने, साफ सफाई नियमित रुप से करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में कोई कमी न रहे इसके लिए भी ड्यूटी निर्धारित की गई है। डीसी का हीमोग्लोबिन का सैंपल एलटी ने लिया था। लिफ्ट ऑपरेटर वहां पर रिकार्ड तैयार करने के लिए बैठाया गया था। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।

16जेएनडी13: डीसी डॉ. वैशाली शर्मा के हीमोग्लोबिन की जांच के लिए सैंपल लेते हुए एलटी। संवाद- फोटो : 1

16जेएनडी13: डीसी डॉ. वैशाली शर्मा के हीमोग्लोबिन की जांच के लिए सैंपल लेते हुए एलटी। संवाद- फोटो : 1