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योग से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधार संभव : डॉ. अमित रोहिला
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फोटो 16जेएनडी03-सीआरएसयू में शिविर में योग करते साधक-साधिकाएं। स्रोत प्रशासन
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जींद। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयुष विभाग की तरफ से चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) में मंगलवार को तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अमित रोहिला ने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग क्रियाएं काफी प्रभावी साबित हो रही हैं।
योग केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की प्राचीन भारतीय विधा है। आज पूरे विश्व में योग की महत्ता को स्वीकार किया जा चुका है और भारत की इस अमूल्य धरोहर ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाना चाहिए।
नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और विचार सकारात्मक बने रहते हैं। योग न केवल विभिन्न बीमारियों से बचाव में सहायक है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सभी नागरिकों को योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए तथा अपने परिवार और समाज को भी योग के प्रति जागरूक करना चाहिए।
यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले, तो स्वस्थ, निरोग और सशक्त भारत का सपना शीघ्र ही साकार हो सकता है। योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर हर व्यक्ति निरोगी जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकता है। मौके पर कोऑर्डिनेटर डॉ. योगेश कुमार, आचार्य डाॅ. वीरेंद्र कुमार, डाॅ. गोबिंदा मौजूद रहे।
योग केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की प्राचीन भारतीय विधा है। आज पूरे विश्व में योग की महत्ता को स्वीकार किया जा चुका है और भारत की इस अमूल्य धरोहर ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाना चाहिए।
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नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और विचार सकारात्मक बने रहते हैं। योग न केवल विभिन्न बीमारियों से बचाव में सहायक है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सभी नागरिकों को योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए तथा अपने परिवार और समाज को भी योग के प्रति जागरूक करना चाहिए।
यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले, तो स्वस्थ, निरोग और सशक्त भारत का सपना शीघ्र ही साकार हो सकता है। योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर हर व्यक्ति निरोगी जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकता है। मौके पर कोऑर्डिनेटर डॉ. योगेश कुमार, आचार्य डाॅ. वीरेंद्र कुमार, डाॅ. गोबिंदा मौजूद रहे।