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Jind News: पसीने में भीगी उम्मीदें, सुरक्षा का अडिग पहरा
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03जेएनडी17:माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर चेकिंग करते पुलिसकर्मी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी रविवार को शहर के केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सख्त नियमों के बीच आयोजित की गई। शहर के छह केंद्रों पर 2931 में से 2857 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 74 छात्र अनुपस्थित रहे। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई।
परीक्षार्थियों के अभिभावक केंद्रों के बाहर भीषण गर्मी में बैठकर बच्चों की परीक्षा खत्म होने का इंतजार करते नजर आए। परीक्षा को पूरी तरह नकल रहित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
केंद्रों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और धारा 163 लागू की गई जिसके तहत आसपास की फोटोस्टेट की दुकानें और कोचिंग सेंटर पूरी तरह बंद रहे।
तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र से गुजरे परीक्षार्थी दोपहर दो बजे शुरू हुई इस परीक्षा के लिए सुबह 11 बजे से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। परीक्षार्थियों को केंद्र के भीतर पहुंचने के लिए तीन कड़े सुरक्षा चरणों से गुजरना पड़ा।
सबसे पहले निजी कंपनी के प्रतिनिधियों ने एडमिट कार्ड और आधार कार्ड का मिलान किया। इसके बाद मुख्य गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सघन तलाशी ली और अंत में बायोमीट्रिक सत्यापन व कागजों की जांच के बाद ही कक्षा में प्रवेश दिया गया।
नियमों का पालन इतनी कड़ाई से हुआ कि महिला परीक्षार्थियों को कानों की बालियां और नाक के आभूषण तक उतारने पड़े। यहां तक कि बालों में लगा रबर बैंड भी खुलवाकर जांचा गया।
सीसीटीवी और बायोमीट्रिक से निगरानी परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गैजेट या प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर पूर्ण पाबंदी थी। परीक्षार्थियों को केवल पानी की पारदर्शी बोतल और एडमिट कार्ड ले जाने की अनुमति दी गई।
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जींद। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी रविवार को शहर के केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सख्त नियमों के बीच आयोजित की गई। शहर के छह केंद्रों पर 2931 में से 2857 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 74 छात्र अनुपस्थित रहे। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई।
परीक्षार्थियों के अभिभावक केंद्रों के बाहर भीषण गर्मी में बैठकर बच्चों की परीक्षा खत्म होने का इंतजार करते नजर आए। परीक्षा को पूरी तरह नकल रहित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
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केंद्रों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और धारा 163 लागू की गई जिसके तहत आसपास की फोटोस्टेट की दुकानें और कोचिंग सेंटर पूरी तरह बंद रहे।
तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र से गुजरे परीक्षार्थी दोपहर दो बजे शुरू हुई इस परीक्षा के लिए सुबह 11 बजे से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। परीक्षार्थियों को केंद्र के भीतर पहुंचने के लिए तीन कड़े सुरक्षा चरणों से गुजरना पड़ा।
सबसे पहले निजी कंपनी के प्रतिनिधियों ने एडमिट कार्ड और आधार कार्ड का मिलान किया। इसके बाद मुख्य गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सघन तलाशी ली और अंत में बायोमीट्रिक सत्यापन व कागजों की जांच के बाद ही कक्षा में प्रवेश दिया गया।
नियमों का पालन इतनी कड़ाई से हुआ कि महिला परीक्षार्थियों को कानों की बालियां और नाक के आभूषण तक उतारने पड़े। यहां तक कि बालों में लगा रबर बैंड भी खुलवाकर जांचा गया।
सीसीटीवी और बायोमीट्रिक से निगरानी परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गैजेट या प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर पूर्ण पाबंदी थी। परीक्षार्थियों को केवल पानी की पारदर्शी बोतल और एडमिट कार्ड ले जाने की अनुमति दी गई।

03जेएनडी17:माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर चेकिंग करते पुलिसकर्मी। संवाद

03जेएनडी17:माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर चेकिंग करते पुलिसकर्मी। संवाद

03जेएनडी17:माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर चेकिंग करते पुलिसकर्मी। संवाद
