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Jind News: नगर परिषद नहीं उठा पा रहा कूड़े के ढेर फिर भी स्वच्छता सर्वेक्षण में 12,500 अंकों का लक्ष्य...
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कुलदीप
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रेवाड़ी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में 12,500 अंकों का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इसके बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही कारण है कि स्वच्छता रैंकिंग भी दो साल से गिर रही है।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए नगर परिषद द्वारा पांच साल का ठेका देने के बावजूद कई वार्डों में न तो नियमित रूप से गाड़ियां पहुंच रही हैं और न ही समय पर कचरा का उठान हो पा रहा है। नतीजा यह है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लग रहे हैं और इन्हीं ढेरों में आग लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
शहर के सरकुलर रोड, नाईवाली ओवरब्रिज, बावल रोड, भाड़ावास रोड, मिनी बाईपास, सेक्टर-4 बाईपास और ब्रास मार्केट सहित कई क्षेत्रों में सड़कों पर कचरा फैला हुआ है। बाईपास की ग्रीन बेल्ट में हरियाली की जगह पॉलिथीन और प्लास्टिक कचरा जमा है।
कचरा समय पर न उठने के कारण लोग मजबूरी या लापरवाही में उसमें आग लगा देते हैं जिससे प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई बार आग अधिक भड़कने पर फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ता है। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा कचरा जलाने वालों के खिलाफ चालान काटे जा रहे हैं लेकिन इन कार्रवाइयों का जमीनी स्तर पर असर नहीं दिख रहा है।
सात साल में सबसे ज्यादा गिरी रैंक
स्वच्छता रैंकिंग 2024 के परिणामों में रेवाड़ी नगर परिषद राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बुरी तरह से पिछड़ा था। रैंकिंग में रेवाड़ी को राष्ट्रीय स्तर पर 490 और राज्य स्तर पर 57वां स्थान मिला था। 2023 के परिणामों में नगर परिषद को देश में 258 रैंकिंग और राज्य स्तर पर 11वां स्थान मिला था। नगर परिषद राष्ट्रीय स्तर पर 232 अंक और राज्य स्तर पर 46 अंक पिछड़ा था।
2025 में सात साल में पहली बार इतनी रैंकिंग गिरी थी। उसके बावजूद कोई सुधार नहीं है। बावल नगर पालिका की राष्ट्रीय रैंकिंग 1,271 और राज्य रैंकिंग 77 आई है थी। नगर पालिका धारूहेड़ा को 637 अंक राष्ट्रीय रैंकिंग पर और राज्य स्तर पर 44 अंक हासिल किए थे।
तीन लाख की आबादी, कर्मचारी सिर्फ 320
शहर में तीन लाख की आबादी पर 320 से अधिक सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। आबादी को देखते हुए यह संख्या काफी कम है। करीब 170 सफाई कर्मचारियों की और जरूरत है। शहर में कुल वार्डों की संख्या 31 है।
मार्केट में कई दिनों तक कचरा नहीं उठता जिससे बदबू और गंदगी फैलती है। ऊपर से जब उसमें आग लगा दी जाती है तो सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।
कुलदीप कुमार, दुकानदार, राजीव नगर
शहर का प्रमुख ऐतिहासिक गेट के पास कई दिनों से कूड़ा पड़ा हुआ है। इसकी शिकायत कई बार कर चुके हैं लेकिन कूड़ा यहां से नहीं उठा रहा है।
अंकित, भाड़ावास गेट
बस स्टैंड के आसापस कूड़ा फैला हुआ है। कई बार कूड़े में आग लगा दी जाती है जिससे प्रदूषण फैलता है। सोनू, यात्री, बस स्टैंड
वर्जन:
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। शहर में जहां भी कूड़ा पड़ा है वहां से जल्द ही उठवा दिया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- ब्रह्मप्रकाश अहलावत, डीएमसी
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डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए नगर परिषद द्वारा पांच साल का ठेका देने के बावजूद कई वार्डों में न तो नियमित रूप से गाड़ियां पहुंच रही हैं और न ही समय पर कचरा का उठान हो पा रहा है। नतीजा यह है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लग रहे हैं और इन्हीं ढेरों में आग लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
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शहर के सरकुलर रोड, नाईवाली ओवरब्रिज, बावल रोड, भाड़ावास रोड, मिनी बाईपास, सेक्टर-4 बाईपास और ब्रास मार्केट सहित कई क्षेत्रों में सड़कों पर कचरा फैला हुआ है। बाईपास की ग्रीन बेल्ट में हरियाली की जगह पॉलिथीन और प्लास्टिक कचरा जमा है।
कचरा समय पर न उठने के कारण लोग मजबूरी या लापरवाही में उसमें आग लगा देते हैं जिससे प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई बार आग अधिक भड़कने पर फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ता है। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा कचरा जलाने वालों के खिलाफ चालान काटे जा रहे हैं लेकिन इन कार्रवाइयों का जमीनी स्तर पर असर नहीं दिख रहा है।
सात साल में सबसे ज्यादा गिरी रैंक
स्वच्छता रैंकिंग 2024 के परिणामों में रेवाड़ी नगर परिषद राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बुरी तरह से पिछड़ा था। रैंकिंग में रेवाड़ी को राष्ट्रीय स्तर पर 490 और राज्य स्तर पर 57वां स्थान मिला था। 2023 के परिणामों में नगर परिषद को देश में 258 रैंकिंग और राज्य स्तर पर 11वां स्थान मिला था। नगर परिषद राष्ट्रीय स्तर पर 232 अंक और राज्य स्तर पर 46 अंक पिछड़ा था।
2025 में सात साल में पहली बार इतनी रैंकिंग गिरी थी। उसके बावजूद कोई सुधार नहीं है। बावल नगर पालिका की राष्ट्रीय रैंकिंग 1,271 और राज्य रैंकिंग 77 आई है थी। नगर पालिका धारूहेड़ा को 637 अंक राष्ट्रीय रैंकिंग पर और राज्य स्तर पर 44 अंक हासिल किए थे।
तीन लाख की आबादी, कर्मचारी सिर्फ 320
शहर में तीन लाख की आबादी पर 320 से अधिक सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। आबादी को देखते हुए यह संख्या काफी कम है। करीब 170 सफाई कर्मचारियों की और जरूरत है। शहर में कुल वार्डों की संख्या 31 है।
मार्केट में कई दिनों तक कचरा नहीं उठता जिससे बदबू और गंदगी फैलती है। ऊपर से जब उसमें आग लगा दी जाती है तो सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।
कुलदीप कुमार, दुकानदार, राजीव नगर
शहर का प्रमुख ऐतिहासिक गेट के पास कई दिनों से कूड़ा पड़ा हुआ है। इसकी शिकायत कई बार कर चुके हैं लेकिन कूड़ा यहां से नहीं उठा रहा है।
अंकित, भाड़ावास गेट
बस स्टैंड के आसापस कूड़ा फैला हुआ है। कई बार कूड़े में आग लगा दी जाती है जिससे प्रदूषण फैलता है। सोनू, यात्री, बस स्टैंड
वर्जन:
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। शहर में जहां भी कूड़ा पड़ा है वहां से जल्द ही उठवा दिया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- ब्रह्मप्रकाश अहलावत, डीएमसी

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