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Jind News: छात्रा ने पूछा-कैसे काम करती है पुलिस...एसपी ने बना दिया एक दिन का एसएचओ
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जींद। ट्रैफिक संभाल रही महिला पुलिसकर्मियों को देखकर प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय की बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा ओजशी के मन में सवाल उठा कि पुलिस काम कैसे करती है। इस पर एसपी कुलदीप सिंह ने ओजशी को महिला थाने का एक दिन का एसएचओ बना दिया।
एसएचओ बनकर छात्रा ने न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली जानी बल्कि ट्रैफिक भी संभाला। कई फरियादियों की समस्याएं भी निपटा दीं।
छात्रा ओजशी बुधवार सुबह आम दिनों की तरह कॉलेज के लिए निकली थी। रास्ते में जींद महिला थाना प्रभारी मोनिका को वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते देखकर पूछ लिया-मैम पुलिस कैसे काम करती है?
पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने छात्रा की जिज्ञासा शांत करने के लिए कहा। एसपी ने छात्रा को पुलिस थाना दिखाने और एक दिन का एसएचओ बनाने के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी मोनिका ने ओजशी को इंस्पेक्टर की कैप पहनाई और यातायात नियम तोड़ने वालों को जागरूक करके दिखाया। इसके बाद ओजशी ने भी पुलिस कर्मियों के साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और नियम तोड़ने वालों को फूल देकर समझाया।
थाने में सुनीं शिकायतें, पति-पत्नी के झगड़े सुलझाए
छात्रा ओजशी जब थाने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उनका एसएचओ की तरह स्वागत किया। छात्रा को एसएचओ की कुर्सी पर बिठाया गया। छात्रा ने घूमकर पूरा थाना देखा। एसएचओ मोनिका ने हवालात, एफआईआर, बीट पुलिसिंग, डायल-100 आदि की जानकारी दी। छात्रा को बताया कि पुलिस घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, साइबर अपराध, बाल शोषण, गुमशुदगी और ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों में कैसे काम करती है। इस दौरान छात्रा ने एसएचओ की तरह कई फरियादियों की समस्याएं सुनीं। पति-पत्नी के करीब चार घरेलू वाद भी निपटाए।
मुझे पहले नहीं पता था कि पुलिस को समाजहित में इतना काम करना पड़ता है। आज एक दिन की एसएचओ बनकर मैंने जाना है कि पुलिस का काम एक समाजसेवा ही है। अब मैं पूरी मेहनत करके पुलिस में ही अधिकारी बनने का प्रयास करूंगी। -ओजशी, छात्रा।
.............
-छात्र-छात्राओं संग ऐसे कार्यक्रम का मकसद उनमें पुलिस के प्रति विश्वास जगाना है। यह बच्चे ही देश का भविष्य हैं। आगे भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम किए जाएंगे। आम लोगों की मदद से ही अपराध नियत्रंण में सफलता पाई जा सकती है। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद।
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एसएचओ बनकर छात्रा ने न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली जानी बल्कि ट्रैफिक भी संभाला। कई फरियादियों की समस्याएं भी निपटा दीं।
छात्रा ओजशी बुधवार सुबह आम दिनों की तरह कॉलेज के लिए निकली थी। रास्ते में जींद महिला थाना प्रभारी मोनिका को वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते देखकर पूछ लिया-मैम पुलिस कैसे काम करती है?
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पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने छात्रा की जिज्ञासा शांत करने के लिए कहा। एसपी ने छात्रा को पुलिस थाना दिखाने और एक दिन का एसएचओ बनाने के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी मोनिका ने ओजशी को इंस्पेक्टर की कैप पहनाई और यातायात नियम तोड़ने वालों को जागरूक करके दिखाया। इसके बाद ओजशी ने भी पुलिस कर्मियों के साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और नियम तोड़ने वालों को फूल देकर समझाया।
थाने में सुनीं शिकायतें, पति-पत्नी के झगड़े सुलझाए
छात्रा ओजशी जब थाने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उनका एसएचओ की तरह स्वागत किया। छात्रा को एसएचओ की कुर्सी पर बिठाया गया। छात्रा ने घूमकर पूरा थाना देखा। एसएचओ मोनिका ने हवालात, एफआईआर, बीट पुलिसिंग, डायल-100 आदि की जानकारी दी। छात्रा को बताया कि पुलिस घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, साइबर अपराध, बाल शोषण, गुमशुदगी और ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों में कैसे काम करती है। इस दौरान छात्रा ने एसएचओ की तरह कई फरियादियों की समस्याएं सुनीं। पति-पत्नी के करीब चार घरेलू वाद भी निपटाए।
मुझे पहले नहीं पता था कि पुलिस को समाजहित में इतना काम करना पड़ता है। आज एक दिन की एसएचओ बनकर मैंने जाना है कि पुलिस का काम एक समाजसेवा ही है। अब मैं पूरी मेहनत करके पुलिस में ही अधिकारी बनने का प्रयास करूंगी। -ओजशी, छात्रा।
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-छात्र-छात्राओं संग ऐसे कार्यक्रम का मकसद उनमें पुलिस के प्रति विश्वास जगाना है। यह बच्चे ही देश का भविष्य हैं। आगे भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम किए जाएंगे। आम लोगों की मदद से ही अपराध नियत्रंण में सफलता पाई जा सकती है। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद।