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Jind News: दो साल से खेत में नहीं आया पानी, मंत्री बोले- एफआईआर दर्ज करवा अंदर करवा दूंगा
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जींद। दो साल से किसान के खेत में पानी नहीं आने पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, नहरी विभाग के एक्सईन को जमकर फटकार लगाई। मंत्री ने कहा कि एफआईआर दर्ज करवा तुम्हें अंदर करवा दूंगा। यह बात उन्होंने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कही।
बैठक में कुल 13 शिकायतें सुनी गईं, जिनमें से 5 का मौके पर समाधान किया गया जबकि बाकी मामलों में संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कलावतीन गांव निवासी दलसिंह ने कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि विभाग की लापरवाही के कारण दो साल से उनके खेत में पानी आया है। इस पर मंत्री ने पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग व सिंचाई विभाग के एक्सईन से जवाब मांगा तो तीनों अधिकारियों ने कहा, उनके पास रिकॉर्ड नहीं है।
मंत्री ने कहा कि यह कैसा जवाब है। काम किया है और रिकॉर्ड होने से मना कर रहे हो। तुम्हारे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा अंदर करवा दूंगा। हालांकि एक पाइप बंद होने से किसान के खेत में पानी नहीं जा रहा था।
तय समय में समाधान न होने पर सचिव को निलंबन की चेतावनी दी
सफीदों के निवासी अतुल की खेत से कूड़ा नहीं उठाने की शिकायत पर महिपाल ढांडा ने सफीदों नगर पालिका सचिव आशीष कुमार से कहा कि यदि तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सस्पेंशन ऑर्डर हाथ में दूंगा। अतुल ने बताया कि उनकी जमीन हुडा में है। उनकी जमीन के साथ डंपिग यार्ड बनाया है। डंपिंग यार्ड से कूड़ा उनके खेत में पहुंच रहा है जिससे फसल प्रभावित हो रही है। नगर पालिका सचिव कई साल से उनकी सुनवाई नहीं कर रहे। मंत्री ने इस मामले में पहले भी सचिव को निर्देश दिए थे। अब तय समय में समाधान न होने पर सचिव को निलंबन की चेतावनी दी। बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से न लेना और बार-बार निर्देशों की अनदेखी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगूरां की महिला की शिकायत पर मंत्री ने डीएसपी से जवाब तलब किया
पुलिस से जुड़ी एक शिकायत में नगूरां की महिला राजो ने आरोप लगाया कि मारपीट की घटना के नौ महीने बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनके खिलाफ तो एफआईआर दर्ज कर ली लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। इस पर मंत्री ने डीएसपी से जवाब तलब किया।डीएसपी ने कहा कि एमएलआर में सामान्य चोट हैं। यह शिकायत मामला क्रॉस करवाने के लिए दी गई थी। इसमें जांच की है। मंत्री को बताया कि उनके पास घटना के दो दिन बाद की एमएलआर है। जब मंत्री ने दस्तावेज जांचे तो महिला ने अस्पताल के कागजात दिखाए। मंत्री ने पुलिस को भी फटकार लगाई कि आपने क्या जांच की। डॉक्टर ने पहले दिन एमएलआर क्यों नहीं काटी जब पर्ची के अनुसार महिला उसी दिन अस्पताल गई है। हालांकि, महिला ने आरोप लगाया कि उचाना विधायक का एक आदमी पुलिस पर दबाव बनाकर यह गलत काम करवा रहा है। उस दौरान उचाना विधायक भी बैठक में मौजूद थे उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया।
पात्र नहीं बताकर कन्यादान की राशि देने से मना कर दिया
एक अन्य मामले में वर्ष 2024 में एक व्यक्ति को उसकी बेटी की शादी के लिए कन्यादान योजना का लाभ देने से मना कर दिया गया। मंत्री ने पाया कि संबंधित व्यक्ति को पहले अन्य योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी जा चुकी है जिसके आधार पर उसे अपात्र बताया गया। हालांकि, व्यक्ति को विभाग ने पांच हजार रुपये साइकिल व 800 रुपये मजदूरी के लिए औजार खरीदने के लिए दिए तो वह पात्र कैसे थे। इसके अलावा श्रम विभाग के अधिकारियों ने उनको 41000 रुपये दूसरी योजना के तहत दिलवाए और शपथ पत्र लिया। इसके बाद बहाना बनाया कि एक जगह से ही लाभ लिया जा सकता है। यह सरकार की योजना है।
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बैठक में कुल 13 शिकायतें सुनी गईं, जिनमें से 5 का मौके पर समाधान किया गया जबकि बाकी मामलों में संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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कलावतीन गांव निवासी दलसिंह ने कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि विभाग की लापरवाही के कारण दो साल से उनके खेत में पानी आया है। इस पर मंत्री ने पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग व सिंचाई विभाग के एक्सईन से जवाब मांगा तो तीनों अधिकारियों ने कहा, उनके पास रिकॉर्ड नहीं है।
मंत्री ने कहा कि यह कैसा जवाब है। काम किया है और रिकॉर्ड होने से मना कर रहे हो। तुम्हारे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा अंदर करवा दूंगा। हालांकि एक पाइप बंद होने से किसान के खेत में पानी नहीं जा रहा था।
तय समय में समाधान न होने पर सचिव को निलंबन की चेतावनी दी
सफीदों के निवासी अतुल की खेत से कूड़ा नहीं उठाने की शिकायत पर महिपाल ढांडा ने सफीदों नगर पालिका सचिव आशीष कुमार से कहा कि यदि तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सस्पेंशन ऑर्डर हाथ में दूंगा। अतुल ने बताया कि उनकी जमीन हुडा में है। उनकी जमीन के साथ डंपिग यार्ड बनाया है। डंपिंग यार्ड से कूड़ा उनके खेत में पहुंच रहा है जिससे फसल प्रभावित हो रही है। नगर पालिका सचिव कई साल से उनकी सुनवाई नहीं कर रहे। मंत्री ने इस मामले में पहले भी सचिव को निर्देश दिए थे। अब तय समय में समाधान न होने पर सचिव को निलंबन की चेतावनी दी। बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से न लेना और बार-बार निर्देशों की अनदेखी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगूरां की महिला की शिकायत पर मंत्री ने डीएसपी से जवाब तलब किया
पुलिस से जुड़ी एक शिकायत में नगूरां की महिला राजो ने आरोप लगाया कि मारपीट की घटना के नौ महीने बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनके खिलाफ तो एफआईआर दर्ज कर ली लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। इस पर मंत्री ने डीएसपी से जवाब तलब किया।डीएसपी ने कहा कि एमएलआर में सामान्य चोट हैं। यह शिकायत मामला क्रॉस करवाने के लिए दी गई थी। इसमें जांच की है। मंत्री को बताया कि उनके पास घटना के दो दिन बाद की एमएलआर है। जब मंत्री ने दस्तावेज जांचे तो महिला ने अस्पताल के कागजात दिखाए। मंत्री ने पुलिस को भी फटकार लगाई कि आपने क्या जांच की। डॉक्टर ने पहले दिन एमएलआर क्यों नहीं काटी जब पर्ची के अनुसार महिला उसी दिन अस्पताल गई है। हालांकि, महिला ने आरोप लगाया कि उचाना विधायक का एक आदमी पुलिस पर दबाव बनाकर यह गलत काम करवा रहा है। उस दौरान उचाना विधायक भी बैठक में मौजूद थे उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया।
पात्र नहीं बताकर कन्यादान की राशि देने से मना कर दिया
एक अन्य मामले में वर्ष 2024 में एक व्यक्ति को उसकी बेटी की शादी के लिए कन्यादान योजना का लाभ देने से मना कर दिया गया। मंत्री ने पाया कि संबंधित व्यक्ति को पहले अन्य योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी जा चुकी है जिसके आधार पर उसे अपात्र बताया गया। हालांकि, व्यक्ति को विभाग ने पांच हजार रुपये साइकिल व 800 रुपये मजदूरी के लिए औजार खरीदने के लिए दिए तो वह पात्र कैसे थे। इसके अलावा श्रम विभाग के अधिकारियों ने उनको 41000 रुपये दूसरी योजना के तहत दिलवाए और शपथ पत्र लिया। इसके बाद बहाना बनाया कि एक जगह से ही लाभ लिया जा सकता है। यह सरकार की योजना है।
