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ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत नहीं होनी चाहिए : एडीसी
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29जेएनडी07: लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते एडीसी प्रदीप कुमार। स्रोत प्रशासन
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जींद। जिला जल एवं सीवरेज मिशन की बैठक बुधवार को एडीसी प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले की पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विस्तृत समीक्षा की गई।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जल आपूर्ति योजनाओं का नियमित संचालन और खराब उपकरणों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत नहीं होनी चाहिए। अब ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर पेयजल स्रोतों को ठीक करवा सकेंगी। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा। बेहतर प्रबंधन के लिए अब तक जिले में 156 ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों का गठन किया जा चुका है।
एडीसी ने शेष गांवों में भी जल्द समितियां बनाने और पंचायतों के अलग बैंक खाते खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन लीकेज रोकने और जल गुणवत्ता की जांच में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर डीडीपीओ संदीप भारद्वाज और कार्यकारी अभियंता भानू शर्मा और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जल आपूर्ति योजनाओं का नियमित संचालन और खराब उपकरणों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत नहीं होनी चाहिए। अब ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर पेयजल स्रोतों को ठीक करवा सकेंगी। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा। बेहतर प्रबंधन के लिए अब तक जिले में 156 ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों का गठन किया जा चुका है।
एडीसी ने शेष गांवों में भी जल्द समितियां बनाने और पंचायतों के अलग बैंक खाते खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन लीकेज रोकने और जल गुणवत्ता की जांच में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर डीडीपीओ संदीप भारद्वाज और कार्यकारी अभियंता भानू शर्मा और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
