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Jind News: व्यापारी बोले-दुकानों में आग लगने पर नुकसान की हो भरपाई
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15जेएनडी07: जगदीश गोयल
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रेखा रानी
जींद। बाजारों में लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं से व्यापारी वर्ग में चिंता है। छोटी-सी चिंगारी या शॉर्ट सर्किट से दुकानों में लाखों रुपये का माल जलकर राख हो जाता है जिससे व्यापारियों की वर्षों की मेहनत पल भर में खत्म हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में अधिकांश व्यापारियों के पास न तो पर्याप्त बीमा होता है और न ही सरकारी स्तर पर त्वरित राहत की कोई ठोस व्यवस्था।
जिले के व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि दुकानों में आग लगने की स्थिति में नुकसान की भरपाई के लिए नियम लागू किए जाएं और व्यापार आयोग के माध्यम से पीड़ित व्यापारियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
व्यापारियों का कहना है कि आगजनी की घटनाएं केवल व्यापारी की गलती से नहीं होतीं। कई बार बिजली विभाग की लापरवाही, जर्जर तार, ट्रांसफॉर्मर की खराबी या प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी के कारण हादसे होते हैं। बावजूद इसके, पूरा नुकसान व्यापारी को ही उठाना पड़ता है। इससे न केवल व्यापारी परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है बल्कि बाजार की गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को झटका लगता है।
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सरकार को व्यापारी आपदा राहत नीति बनानी चाहिए जिसके तहत आग, प्राकृतिक आपदा या अन्य आकस्मिक घटनाओं में हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए। साथ ही व्यापार आयोग को अधिकार दिए जाएं ताकि वह मौके पर निरीक्षण कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार कर सके और पीड़ित व्यापारी को तुरंत राहत मिल सके। -जगदीश गोयल
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बाजारों में अग्निशमन सुविधाएं मजबूत की जाएं। पुराने बिजली तार बदले जाएं और नियमित सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। इससे आगजनी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
-अनिल कुमार
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आग लगने पर सब कुछ खत्म हो जाता है। सरकार को नियम बनाकर नुकसान की भरपाई करनी चाहिए ताकि व्यापारी दोबारा खड़ा हो सके। केवल बीमा काफी नहीं है। व्यापार आयोग के माध्यम से तुरंत राहत मिलनी चाहिए, वरना छोटा व्यापारी पूरी तरह टूट जाता है। -सज्जन सैनी
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जींद। बाजारों में लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं से व्यापारी वर्ग में चिंता है। छोटी-सी चिंगारी या शॉर्ट सर्किट से दुकानों में लाखों रुपये का माल जलकर राख हो जाता है जिससे व्यापारियों की वर्षों की मेहनत पल भर में खत्म हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में अधिकांश व्यापारियों के पास न तो पर्याप्त बीमा होता है और न ही सरकारी स्तर पर त्वरित राहत की कोई ठोस व्यवस्था।
जिले के व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि दुकानों में आग लगने की स्थिति में नुकसान की भरपाई के लिए नियम लागू किए जाएं और व्यापार आयोग के माध्यम से पीड़ित व्यापारियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
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व्यापारियों का कहना है कि आगजनी की घटनाएं केवल व्यापारी की गलती से नहीं होतीं। कई बार बिजली विभाग की लापरवाही, जर्जर तार, ट्रांसफॉर्मर की खराबी या प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी के कारण हादसे होते हैं। बावजूद इसके, पूरा नुकसान व्यापारी को ही उठाना पड़ता है। इससे न केवल व्यापारी परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है बल्कि बाजार की गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को झटका लगता है।
सरकार को व्यापारी आपदा राहत नीति बनानी चाहिए जिसके तहत आग, प्राकृतिक आपदा या अन्य आकस्मिक घटनाओं में हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए। साथ ही व्यापार आयोग को अधिकार दिए जाएं ताकि वह मौके पर निरीक्षण कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार कर सके और पीड़ित व्यापारी को तुरंत राहत मिल सके। -जगदीश गोयल
बाजारों में अग्निशमन सुविधाएं मजबूत की जाएं। पुराने बिजली तार बदले जाएं और नियमित सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। इससे आगजनी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
-अनिल कुमार
आग लगने पर सब कुछ खत्म हो जाता है। सरकार को नियम बनाकर नुकसान की भरपाई करनी चाहिए ताकि व्यापारी दोबारा खड़ा हो सके। केवल बीमा काफी नहीं है। व्यापार आयोग के माध्यम से तुरंत राहत मिलनी चाहिए, वरना छोटा व्यापारी पूरी तरह टूट जाता है। -सज्जन सैनी

15जेएनडी07: जगदीश गोयल

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