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युवा शक्ति ही विकसित भारत की आधारशिला : जयनारायण
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:12 AM IST
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08जेएनडी04: एनएसएस शिविर के शुभारंभ पर प्राचार्य का स्वागत करते हुए कार्यक्रम अधिकारी व स्वयं
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जींद। राजकीय महिला महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ प्राचार्य जयनारायण गहलावत की अध्यक्षता में रत्ती राम धर्मशाला पांडु पिंडारा में किया गया। शिविर की थीम युवा सहभागिता द्वारा विकसित भारत रखी गई है।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रितु, डॉ. प्रीति, डॉ. मोनिका ने बताया कि इसका उद्देश्य युवाओं को समाज एवं राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है।
प्राचार्य ने युवाओं से समाज सेवा, अनुशासन और नेतृत्व गुणों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। उद्घाटन के बाद सुबह के सत्र में स्वरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें प्रशिक्षक डॉ. प्रमोद ने स्वयंसेविकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए।
प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना रहा। इसके पश्चात भोजन अवकाश रखा गया। दोपहर सत्र में ग्राम समुदाय के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें स्वयंसेविकाओं ने ग्रामीणों से स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। सायं के समय खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
इनमें बैडमिंटन, कैरम बोर्ड और अंताक्षरी प्रतियोगिताएं करवाई गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य स्वयंसेवकों में टीम भावना, आपसी समन्वय और मानसिक स्फूर्ति का विकास करना रहा।
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एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रितु, डॉ. प्रीति, डॉ. मोनिका ने बताया कि इसका उद्देश्य युवाओं को समाज एवं राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है।
प्राचार्य ने युवाओं से समाज सेवा, अनुशासन और नेतृत्व गुणों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। उद्घाटन के बाद सुबह के सत्र में स्वरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें प्रशिक्षक डॉ. प्रमोद ने स्वयंसेविकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए।
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प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना रहा। इसके पश्चात भोजन अवकाश रखा गया। दोपहर सत्र में ग्राम समुदाय के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें स्वयंसेविकाओं ने ग्रामीणों से स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। सायं के समय खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
इनमें बैडमिंटन, कैरम बोर्ड और अंताक्षरी प्रतियोगिताएं करवाई गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य स्वयंसेवकों में टीम भावना, आपसी समन्वय और मानसिक स्फूर्ति का विकास करना रहा।