{"_id":"697bad2a852ae303ef03f27a","slug":"17000-ration-cards-cancelled-in-five-months-kaithal-news-c-18-1-knl1004-834924-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: पांच माह में कटे 17 हजार राशन कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: पांच माह में कटे 17 हजार राशन कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
नरेंद्र पंडित
कैथल। जिले में सितंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच बीपीएल और एएवाई राशन कार्डों में भारी कटौती सामने आई है। बीते पांच महीनों में जिले से कुल 17,028 राशन कार्ड कट गए, जिनमें 16,156 बीपीएल और 872 अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) कार्ड शामिल हैं। इसके चलते राशन पर निर्भर 45,993 लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। कार्ड कटने का प्रमुख कारण परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्ज आय और अन्य जानकारियों में त्रुटियां बताई जा रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में जिले में बीपीएल और एएवाई के कुल 2,04,928 कार्ड थे, जो 28 जनवरी 2026 तक घटकर 1,87,900 रह गए। कार्ड कटने से बीपीएल श्रेणी के 31,271 और एएवाई के 14,722 लोग राशन से वंचित हो गए हैं। राशन बंद होने के बाद प्रभावित परिवार अपनी समस्याएं लेकर कभी सरल केंद्र, कभी समाधान शिविर तो कभी विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान के नाम पर उन्हें केवल इंतजार और धक्के ही मिल रहे हैं। कई लोगों को तो यह तक पता नहीं कि वर्षों से मिल रहा राशन अचानक क्यों बंद हो गया। सबसे अधिक कार्ड कटौती कैथल सेंटर में हुई है। इसके साथ ही जिले में राशन डिपुओं की संख्या में भी कमी आई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। प्रदेश स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक है। सितंबर 2025 से जनवरी 2026 तक प्रदेश में 5.12 लाख से अधिक बीपीएल कार्ड कट चुके हैं। इससे राशन पर आश्रित 12 लाख 829 लोगों का निवाला छिन गया है। सितंबर 2025 में प्रदेश में 42,79,598 बीपीएल कार्ड थे, जो 27 जनवरी 2026 तक घटकर 37,67,258 रह गए हैं।
ये कहते हैं लोग : किछाना निवासी सावित्री ने बताया कि उनका राशन कार्ड कट गया है, जिससे डिपो से राशन नहीं मिल पा रहा। इसे ठीक कराने के लिए वह लगातार चक्कर काट रही हैं।
राजदुलारी ने बताया कि राशन न लेने के कारण उनकी पेंशन भी काट दी गई। पूछताछ करने पर बताया गया कि राशन नहीं लेने के कारण आय की जांच की गई, जिसमें आय अधिक दर्शाई गई। संवाद
जिले में बीपीएल राशन कार्डों की स्थिति
सेंटर
सितंबर 2025
जनवरी 2026
चीका
25926
23258
ढांड
16209
14940
कैथल
60741
55985
कलायत
25122
23008
पूंडरी
25548
23638
राजौंद
19429
17754
सीवन
18466
16702
यह मिलता है राशन में
सरकार 1.80 लाख रुपये सालाना से कम आय वाले परिवारों को बीपीएल कार्ड जारी करती है। अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत प्रति परिवार 35 किलो अनाज (गेहूं 2 रुपये प्रति किलो और चावल 3 रुपये प्रति किलो) दिया जाता है। वहीं बीपीएल कार्डधारकों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं या चावल रियायती दर पर मिलता है। इसके अलावा चीनी, मिट्टी का तेल (केरोसिन) और दालें भी उचित मूल्य की दुकानों से सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
परिवार पहचान पत्र में आय बढ़ने या किसी सदस्य के नाम वाहन दर्ज होने की स्थिति में राशन की सुविधा स्वतः बंद हो जाती है। इसमें विभाग की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं होता। यदि किसी उपभोक्ता की पीपीपी में त्रुटि है, तो वह उसे ठीक करवा सकता है।
-मंजीत, पीडीएस इंचार्ज, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
Trending Videos
कैथल। जिले में सितंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच बीपीएल और एएवाई राशन कार्डों में भारी कटौती सामने आई है। बीते पांच महीनों में जिले से कुल 17,028 राशन कार्ड कट गए, जिनमें 16,156 बीपीएल और 872 अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) कार्ड शामिल हैं। इसके चलते राशन पर निर्भर 45,993 लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। कार्ड कटने का प्रमुख कारण परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्ज आय और अन्य जानकारियों में त्रुटियां बताई जा रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में जिले में बीपीएल और एएवाई के कुल 2,04,928 कार्ड थे, जो 28 जनवरी 2026 तक घटकर 1,87,900 रह गए। कार्ड कटने से बीपीएल श्रेणी के 31,271 और एएवाई के 14,722 लोग राशन से वंचित हो गए हैं। राशन बंद होने के बाद प्रभावित परिवार अपनी समस्याएं लेकर कभी सरल केंद्र, कभी समाधान शिविर तो कभी विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान के नाम पर उन्हें केवल इंतजार और धक्के ही मिल रहे हैं। कई लोगों को तो यह तक पता नहीं कि वर्षों से मिल रहा राशन अचानक क्यों बंद हो गया। सबसे अधिक कार्ड कटौती कैथल सेंटर में हुई है। इसके साथ ही जिले में राशन डिपुओं की संख्या में भी कमी आई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। प्रदेश स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक है। सितंबर 2025 से जनवरी 2026 तक प्रदेश में 5.12 लाख से अधिक बीपीएल कार्ड कट चुके हैं। इससे राशन पर आश्रित 12 लाख 829 लोगों का निवाला छिन गया है। सितंबर 2025 में प्रदेश में 42,79,598 बीपीएल कार्ड थे, जो 27 जनवरी 2026 तक घटकर 37,67,258 रह गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये कहते हैं लोग : किछाना निवासी सावित्री ने बताया कि उनका राशन कार्ड कट गया है, जिससे डिपो से राशन नहीं मिल पा रहा। इसे ठीक कराने के लिए वह लगातार चक्कर काट रही हैं।
राजदुलारी ने बताया कि राशन न लेने के कारण उनकी पेंशन भी काट दी गई। पूछताछ करने पर बताया गया कि राशन नहीं लेने के कारण आय की जांच की गई, जिसमें आय अधिक दर्शाई गई। संवाद
जिले में बीपीएल राशन कार्डों की स्थिति
सेंटर
सितंबर 2025
जनवरी 2026
चीका
25926
23258
ढांड
16209
14940
कैथल
60741
55985
कलायत
25122
23008
पूंडरी
25548
23638
राजौंद
19429
17754
सीवन
18466
16702
यह मिलता है राशन में
सरकार 1.80 लाख रुपये सालाना से कम आय वाले परिवारों को बीपीएल कार्ड जारी करती है। अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत प्रति परिवार 35 किलो अनाज (गेहूं 2 रुपये प्रति किलो और चावल 3 रुपये प्रति किलो) दिया जाता है। वहीं बीपीएल कार्डधारकों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं या चावल रियायती दर पर मिलता है। इसके अलावा चीनी, मिट्टी का तेल (केरोसिन) और दालें भी उचित मूल्य की दुकानों से सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
परिवार पहचान पत्र में आय बढ़ने या किसी सदस्य के नाम वाहन दर्ज होने की स्थिति में राशन की सुविधा स्वतः बंद हो जाती है। इसमें विभाग की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं होता। यदि किसी उपभोक्ता की पीपीपी में त्रुटि है, तो वह उसे ठीक करवा सकता है।
-मंजीत, पीडीएस इंचार्ज, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग