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Kaithal News: कैलरम के प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नेशनल हाईवे-152डी पर गांव कैलरम के समीप स्थित एक प्लास्टिक कबाड़ी के गोदाम में वीरवार अल सुबह भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते लाखों रुपये का प्लास्टिक और अन्य सामान जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। पास में बनी झुग्गियों को समय रहते खाली करा लिया गया, जिससे जानी नुकसान नहीं हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग 3:30 बजे गोदाम से धुआं निकलते देखा गया। प्लास्टिक की भड़कीली सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया। हाईवे पर विजिबिलिटी कम होने के कारण पुलिस ने ट्रैफिक की गति धीमी करनी पड़ी। दमकल की 4-5 गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
मजदूर और संचालक हुए नाराज़
गोदाम में काम करने वाले मजदूर और संचालक गुरमेल, बलिंदर और सुनील ने दमकल विभाग पर देरी और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगभग एक घंटे देरी से पहुंची। आरोप यह भी है कि जब गाड़ी आई तो उसमें पानी ही नहीं था, जिससे दोबारा पानी भरकर आने में समय बर्बाद हुआ।
संचालकों का कहना है कि अगर दमकल विभाग समय पर और तत्परता के साथ कार्रवाई करता, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। पुलिस और संबंधित विभाग अब यह जांच कर रहे हैं कि गोदाम में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम मौजूद थे या नहीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जो लाखों रुपये में बताया जा रहा है।
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कलायत। नेशनल हाईवे-152डी पर गांव कैलरम के समीप स्थित एक प्लास्टिक कबाड़ी के गोदाम में वीरवार अल सुबह भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते लाखों रुपये का प्लास्टिक और अन्य सामान जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। पास में बनी झुग्गियों को समय रहते खाली करा लिया गया, जिससे जानी नुकसान नहीं हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग 3:30 बजे गोदाम से धुआं निकलते देखा गया। प्लास्टिक की भड़कीली सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया। हाईवे पर विजिबिलिटी कम होने के कारण पुलिस ने ट्रैफिक की गति धीमी करनी पड़ी। दमकल की 4-5 गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
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मजदूर और संचालक हुए नाराज़
गोदाम में काम करने वाले मजदूर और संचालक गुरमेल, बलिंदर और सुनील ने दमकल विभाग पर देरी और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगभग एक घंटे देरी से पहुंची। आरोप यह भी है कि जब गाड़ी आई तो उसमें पानी ही नहीं था, जिससे दोबारा पानी भरकर आने में समय बर्बाद हुआ।
संचालकों का कहना है कि अगर दमकल विभाग समय पर और तत्परता के साथ कार्रवाई करता, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। पुलिस और संबंधित विभाग अब यह जांच कर रहे हैं कि गोदाम में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम मौजूद थे या नहीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जो लाखों रुपये में बताया जा रहा है।