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Kaithal News: उल्लास परीक्षा में 4019 वयस्कों ने दी परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:46 AM IST
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उल्लास परीक्षा के दौरान जांच करते फ्लाइंग टीम के सदस्य। संवाद
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कैथल। शिक्षा मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे उल्लास (अंडरस्टैंडिंग लाइफ लॉन्ग लर्निंग फॉर ऑल इन सोसाइटी) कार्यक्रम के तहत जिले में वयस्क साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए उल्लास परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में 7050 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 4019 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। इनमें 1128 पुरुष और 2891 महिलाएं शामिल रहीं। परीक्षा के लिए जिले में 128 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई।
इस परीक्षा का उद्देश्य 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जो अब तक शिक्षा से वंचित रहे हैं। उल्लास कार्यक्रम का संचालन शिक्षा मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है, जिसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) भी सहयोग कर रहा है। इसके तहत वयस्क शिक्षार्थियों को पढ़ना, लिखना और गिनती जैसे बुनियादी कौशल सिखाए जाते हैं, ताकि वे दैनिक जीवन के कार्यों को आसानी से कर सकें। परीक्षा का स्तर सरल रखा जाता है ताकि नए शिक्षार्थी इसे आसानी से दे सकें। इसमें पढ़ने, लिखने और जोड़-घटाव से जुड़े सरल प्रश्नों के साथ दैनिक जीवन से संबंधित सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी शामिल किए जाते हैं। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल होने वाले शिक्षार्थियों को साक्षरता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। संवाद
उल्लास परीक्षा में डिजीटल साक्षरता पर रहता है फोकस
परीक्षा के माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि शिक्षार्थियों ने मूलभूत साक्षरता और गणितीय ज्ञान कितना हासिल किया है। इसके अलावा उन्हें डिजिटल साक्षरता, बैंकिंग से जुड़ी जानकारी और वित्तीय समझ भी दी जाती है, जिससे वे आधुनिक जीवन की जरूरतों के अनुरूप खुद को सक्षम बना सकें। उल्लास योजना के तहत शिक्षार्थियों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी, क्रिटिकल लाइफ स्किल्स, बेसिक एजुकेशन और वोकेशनल स्किल्स जैसी पांच प्रमुख प्रकार की शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, स्वच्छता, वित्तीय जानकारी और रोजगार से जुड़े कौशल भी सिखाए जाते हैं।
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इस परीक्षा का उद्देश्य 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जो अब तक शिक्षा से वंचित रहे हैं। उल्लास कार्यक्रम का संचालन शिक्षा मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है, जिसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) भी सहयोग कर रहा है। इसके तहत वयस्क शिक्षार्थियों को पढ़ना, लिखना और गिनती जैसे बुनियादी कौशल सिखाए जाते हैं, ताकि वे दैनिक जीवन के कार्यों को आसानी से कर सकें। परीक्षा का स्तर सरल रखा जाता है ताकि नए शिक्षार्थी इसे आसानी से दे सकें। इसमें पढ़ने, लिखने और जोड़-घटाव से जुड़े सरल प्रश्नों के साथ दैनिक जीवन से संबंधित सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी शामिल किए जाते हैं। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल होने वाले शिक्षार्थियों को साक्षरता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। संवाद
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उल्लास परीक्षा में डिजीटल साक्षरता पर रहता है फोकस
परीक्षा के माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि शिक्षार्थियों ने मूलभूत साक्षरता और गणितीय ज्ञान कितना हासिल किया है। इसके अलावा उन्हें डिजिटल साक्षरता, बैंकिंग से जुड़ी जानकारी और वित्तीय समझ भी दी जाती है, जिससे वे आधुनिक जीवन की जरूरतों के अनुरूप खुद को सक्षम बना सकें। उल्लास योजना के तहत शिक्षार्थियों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी, क्रिटिकल लाइफ स्किल्स, बेसिक एजुकेशन और वोकेशनल स्किल्स जैसी पांच प्रमुख प्रकार की शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, स्वच्छता, वित्तीय जानकारी और रोजगार से जुड़े कौशल भी सिखाए जाते हैं।