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Kaithal News: दादा खेड़ा की मूर्ति की स्थापना पर निकाली कलश यात्रा
Mon, 17 Aug 2026 03:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 17 Aug 2026 03:16 AM IST
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कलश यात्रा निकालते हुए श्रद्धालु। संवाद
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कैथल। शहीद भगत सिंह कॉलोनी आनंद बिहार में दादा खेड़ा की मूर्ति स्थापना कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद की अध्यक्षा सुरभि गर्ग ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह सात बजे निकाली गई कलश यात्रा से हुई। कॉलोनी की महिलाओं और श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। धार्मिक जयकारों के साथ निकली यात्रा से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मंच संचालन विजय व मा. राजेश गिल ने किया। कार्यक्रम के दौरान कॉलोनी के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। सम्मानित होने वालों में छवि, विवान, अनिक, सहजदीप, खुशी, प्रज्ञा, वैभवी, माधव, पननीति, शिक्षा, दीक्षा, आरवी, प्रिया गिल, तमन्ना, सागर, दीपांशु, प्रियंका और साहिल शामिल रहे।
अध्यक्षा सुरभि गर्ग ने दादा खेड़ा की मूर्ति स्थापना को कॉलोनीवासियों के लिए आस्था और एकजुटता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दादा खेड़ा की परंपरा हरियाणा की ग्रामीण और सामाजिक संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है। दादा खेड़ा को लोग केवल धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में नहीं देखते, बल्कि यह स्थान समाज को आपसी भाईचारे, सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी जड़ों और संस्कारों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
भीम सेन अग्रवाल ने कहा कि किसी भी कॉलोनी या समाज की पहचान केवल उसके विकास कार्यों से नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के आपसी प्रेम, सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव से भी होती है। दादा खेड़ा की मूर्ति स्थापना से कॉलोनीवासियों की धार्मिक आस्था को एक नया केंद्र मिला है। उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया।
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मूर्ति स्थापना कार्यक्रम के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं को हलवा, पूरी, छोले की सब्जी और खीर प्रसाद के रूप में वितरित की गई। इस मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भीम सेन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि और वीरेंद्र सांगवान, मोहनलाल धीमान, पूर्व पार्षद डॉ. संजय, सुरेंद्र पेगां, सुभाष थुआ, चंद्रभान, रेशम बुढ़ाखेड़ा, बलबीर, जिले सिंह, मामू राम, पुष्पेंद्र गर्ग, दिनेश, मनफूल अहलावत, सरदार साहब सिंह, कर्मबीर पाडला, संजीव, बलबहादुर सिंह उपस्थित रहे। संवाद
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अध्यक्षा सुरभि गर्ग ने दादा खेड़ा की मूर्ति स्थापना को कॉलोनीवासियों के लिए आस्था और एकजुटता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दादा खेड़ा की परंपरा हरियाणा की ग्रामीण और सामाजिक संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है। दादा खेड़ा को लोग केवल धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में नहीं देखते, बल्कि यह स्थान समाज को आपसी भाईचारे, सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी जड़ों और संस्कारों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
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भीम सेन अग्रवाल ने कहा कि किसी भी कॉलोनी या समाज की पहचान केवल उसके विकास कार्यों से नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के आपसी प्रेम, सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव से भी होती है। दादा खेड़ा की मूर्ति स्थापना से कॉलोनीवासियों की धार्मिक आस्था को एक नया केंद्र मिला है। उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया।
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मूर्ति स्थापना कार्यक्रम के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं को हलवा, पूरी, छोले की सब्जी और खीर प्रसाद के रूप में वितरित की गई। इस मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भीम सेन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि और वीरेंद्र सांगवान, मोहनलाल धीमान, पूर्व पार्षद डॉ. संजय, सुरेंद्र पेगां, सुभाष थुआ, चंद्रभान, रेशम बुढ़ाखेड़ा, बलबीर, जिले सिंह, मामू राम, पुष्पेंद्र गर्ग, दिनेश, मनफूल अहलावत, सरदार साहब सिंह, कर्मबीर पाडला, संजीव, बलबहादुर सिंह उपस्थित रहे। संवाद