{"_id":"6a6e3b60018e5c32fc0012cd","slug":"a-signature-campaign-has-been-launched-to-demand-benches-and-desks-for-the-girls-school-kaithal-news-c-245-1-kht1013-153139-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: कन्या विद्यालय में बैंच डेस्कों की मांग के लिए हस्ताक्षर अभियान किया शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: कन्या विद्यालय में बैंच डेस्कों की मांग के लिए हस्ताक्षर अभियान किया शुरू
विज्ञापन
स्कूल में बैंच डेस्कों की मांग को लेकर कलायत नगर में हस्ताक्षर अभियान चलाती छात्राएं। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कलायत। स्कूल बचाओ अभियान के तहत कलायत के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के लिए पर्याप्त संख्या में डेस्क उपलब्ध करवाने की मांग के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। अभियान के माध्यम से छात्राओं व अभिभावकों की ओर से आम नागरिकों से इस मांग के समर्थन में हस्ताक्षर करने की अपील की जा रही है।
विद्यालय में 500 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं जबकि उनके बैठने के लिए केवल 50 डेस्क ही उपलब्ध हैं। अभियान से जुड़ी छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में छात्राओं की संख्या के अनुपात में पर्याप्त डेस्क नहीं हैं। इसके कारण अनेक छात्राओं को फर्श पर या असुविधाजनक परिस्थितियों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। इससे न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है बल्कि उनके स्वास्थ्य और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के अधिकार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। नौजवान भारत सभा के अजय आशु ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का होना अनिवार्य है। बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण छात्राओं का ध्यान पढ़ाई पर पूरी तरह केंद्रित नहीं हो पाता जिससे उनकी शैक्षणिक प्रगति प्रभावित होती है। एक ओर सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की कमी बनी हुई है।
स्कूल बचाओ अभियान ने मांग की है कि सोमवार को संबंधित प्रशासन और शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलायत में छात्राओं की संख्या के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में डेस्क शीघ्र उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि सभी छात्राओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके और वे बिना किसी असुविधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। अभियान के कार्यकर्ताओं ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से एकत्रित ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा। यदि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होती है तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्यालय में 500 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं जबकि उनके बैठने के लिए केवल 50 डेस्क ही उपलब्ध हैं। अभियान से जुड़ी छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में छात्राओं की संख्या के अनुपात में पर्याप्त डेस्क नहीं हैं। इसके कारण अनेक छात्राओं को फर्श पर या असुविधाजनक परिस्थितियों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। इससे न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है बल्कि उनके स्वास्थ्य और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के अधिकार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। नौजवान भारत सभा के अजय आशु ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का होना अनिवार्य है। बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण छात्राओं का ध्यान पढ़ाई पर पूरी तरह केंद्रित नहीं हो पाता जिससे उनकी शैक्षणिक प्रगति प्रभावित होती है। एक ओर सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की कमी बनी हुई है।
विज्ञापन
स्कूल बचाओ अभियान ने मांग की है कि सोमवार को संबंधित प्रशासन और शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलायत में छात्राओं की संख्या के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में डेस्क शीघ्र उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि सभी छात्राओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके और वे बिना किसी असुविधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। अभियान के कार्यकर्ताओं ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से एकत्रित ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा। यदि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होती है तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से इस मुद्दे को उठाया जाएगा।

स्कूल में बैंच डेस्कों की मांग को लेकर कलायत नगर में हस्ताक्षर अभियान चलाती छात्राएं। संवाद

स्कूल में बैंच डेस्कों की मांग को लेकर कलायत नगर में हस्ताक्षर अभियान चलाती छात्राएं। संवाद

स्कूल में बैंच डेस्कों की मांग को लेकर कलायत नगर में हस्ताक्षर अभियान चलाती छात्राएं। संवाद
विज्ञापन