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उत्कृष्ट जीवन के लिए योगमयी यात्रा आवश्यक : डॉ. मनोज भाम्बू
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 10 Jun 2026 02:54 AM IST
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कैथल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के साहित्य विभाग की ओर से मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति में योग शिक्षा की भूमिका रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भाम्बू ने कहा कि उत्कृष्ट जीवन के लिए योगमयी जीवन यात्रा आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण जीवन में योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। अपने अनुभवों के माध्यम से उन्होंने योग की उपयोगिता और प्रभाव को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक प्रो. भाग सिंह बोदला ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। साहित्य विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रामानंद मिश्र ने योग के महत्व को रामायण से जोड़ते हुए कहा कि त्रेतायुग से ही योग की परंपरा के प्रमाण मिलते हैं। उन्होंने बताया कि माता सीता ने अपनी योग शक्ति के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मबल बनाए रखा। कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा कि योग जीवन में सफलता का मुख्य आधार है। इस मौके पर डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. कृष्णचंद्र पाण्डेय, डॉ. नरेश आदि मौजूद रहे। संवाद
उन्होंने कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण जीवन में योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। अपने अनुभवों के माध्यम से उन्होंने योग की उपयोगिता और प्रभाव को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक प्रो. भाग सिंह बोदला ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। साहित्य विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रामानंद मिश्र ने योग के महत्व को रामायण से जोड़ते हुए कहा कि त्रेतायुग से ही योग की परंपरा के प्रमाण मिलते हैं। उन्होंने बताया कि माता सीता ने अपनी योग शक्ति के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मबल बनाए रखा। कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने कहा कि योग जीवन में सफलता का मुख्य आधार है। इस मौके पर डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. कृष्णचंद्र पाण्डेय, डॉ. नरेश आदि मौजूद रहे। संवाद
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