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Kaithal News: गुस्साए किसानों ने सचिव-चेयरमैन कक्ष पर जड़ा ताला
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। गेहूं खरीद सीजन 1 अप्रैल से शुरू होने के बावजूद अनाज मंडी में बारदाना नहीं पहुंचने से तोलाई का कार्य ठप हो गया है। इसके चलते मंडी में गेहूं के ढेर लग गए हैं और किसान परेशान हंै। हालात से नाराज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेताओं और किसानों ने मार्किट कमेटी कार्यालय में बैठक आयोजित की। इसमें सचिव को बुलाया गया, लेकिन उनके न पहुंचने पर गुस्साए किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव और चेयरमैन के कमरों पर ताला जड़ दिया।
भाकियू जिला प्रधान गुरनाम सिंह सहारण और प्रदेश महासचिव जियालाल ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए किसानों पर थोपे गए नियमों के विरोध में भाकियू पिछले पांच दिनों से अनाज मंडी गेट पर धरना दे रही है। बायोमीट्रिक प्रक्रिया के चलते मंडी गेट पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे बाहर जाम की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के हालिया दौरे के बावजूद किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद तो की जा रही है, लेकिन एक भी ढेरी की तोलाई नहीं हो सकी है। यहां तक कि जिस ढेरी की नमी जांच कर स्वयं कृषि मंत्री ने खरीद सुनिश्चित की थी, वह भी बिना तुले पड़ी है।
मार्केट कमेटी सचिव अजय नैन ने बताया कि हैफेड कार्यालय से आढ़तियों की लेबर की व्यवस्था कर बारदाना मंडी में पहुंचा दिया गया है, जिसके चलते अब गेहूं की तोलाई का कार्य शुरू हो गया है। वीरवार को धरने पर भाकियू हरियाणा के महासचिव जियालाल, जिला प्रधान गुरनाम सहारण, सुरेंद्र सिंह, ब्लॉक प्रधान कृष्ण मोर शिमला सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तुलाई पर जताया संदेह : किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि आढ़ती और खरीद एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक कांटों से गेहूं की तोलाई नहीं करना चाहतीं, जबकि सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फसल की तोलाई इलेक्ट्रॉनिक कांटों से ही की जाए। उन्होंने कहा कि वीरवार को कलायत मंडी में किसी भी एजेंसी ने खरीद नहीं की, जिससे किसानों की परेशानियां और बढ़ गईं।
इन मुद्दों पर जवाब लेने के लिए सचिव को बैठक में बुलाया गया, लेकिन उन्होंने आने से मना कर दिया और कार्यालय छोड़कर चले गए। इससे नाराज किसानों ने उनके कमरे को ताला जड़ दिया। किसान नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि मार्केट कमेटी चेयरमैन का दायित्व किसानों के हितों की रक्षा करना है, लेकिन वे भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटते नजर आए। बाद में मार्केट कमेटी सचिव बैठक में पहुंचे और आधे घंटे के भीतर मंडी में बारदाना पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने ताला खोल दिया।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि थोपे गए कानूनों के विरोध में 11 अप्रैल को हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर में हाईवे जाम किया जाएगा। कैथल जिले के किसान तितरम मोड़ पर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक एकत्रित होकर रोड जाम करेंगे।
अनाज मंडी में अब तक विभिन्न एजेंसियों द्वारा 31 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। ट्रांसपोर्टेशन और लेबर से जुड़ा मुद्दा अभी तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है, इस कारण खरीदी गई गेहूं की तुलाई नहीं हो सकी। -अजय नैन, सचिव-मार्केट कमेटी
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कलायत। गेहूं खरीद सीजन 1 अप्रैल से शुरू होने के बावजूद अनाज मंडी में बारदाना नहीं पहुंचने से तोलाई का कार्य ठप हो गया है। इसके चलते मंडी में गेहूं के ढेर लग गए हैं और किसान परेशान हंै। हालात से नाराज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेताओं और किसानों ने मार्किट कमेटी कार्यालय में बैठक आयोजित की। इसमें सचिव को बुलाया गया, लेकिन उनके न पहुंचने पर गुस्साए किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव और चेयरमैन के कमरों पर ताला जड़ दिया।
भाकियू जिला प्रधान गुरनाम सिंह सहारण और प्रदेश महासचिव जियालाल ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए किसानों पर थोपे गए नियमों के विरोध में भाकियू पिछले पांच दिनों से अनाज मंडी गेट पर धरना दे रही है। बायोमीट्रिक प्रक्रिया के चलते मंडी गेट पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे बाहर जाम की स्थिति बनी हुई है।
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उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के हालिया दौरे के बावजूद किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद तो की जा रही है, लेकिन एक भी ढेरी की तोलाई नहीं हो सकी है। यहां तक कि जिस ढेरी की नमी जांच कर स्वयं कृषि मंत्री ने खरीद सुनिश्चित की थी, वह भी बिना तुले पड़ी है।
मार्केट कमेटी सचिव अजय नैन ने बताया कि हैफेड कार्यालय से आढ़तियों की लेबर की व्यवस्था कर बारदाना मंडी में पहुंचा दिया गया है, जिसके चलते अब गेहूं की तोलाई का कार्य शुरू हो गया है। वीरवार को धरने पर भाकियू हरियाणा के महासचिव जियालाल, जिला प्रधान गुरनाम सहारण, सुरेंद्र सिंह, ब्लॉक प्रधान कृष्ण मोर शिमला सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तुलाई पर जताया संदेह : किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि आढ़ती और खरीद एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक कांटों से गेहूं की तोलाई नहीं करना चाहतीं, जबकि सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फसल की तोलाई इलेक्ट्रॉनिक कांटों से ही की जाए। उन्होंने कहा कि वीरवार को कलायत मंडी में किसी भी एजेंसी ने खरीद नहीं की, जिससे किसानों की परेशानियां और बढ़ गईं।
इन मुद्दों पर जवाब लेने के लिए सचिव को बैठक में बुलाया गया, लेकिन उन्होंने आने से मना कर दिया और कार्यालय छोड़कर चले गए। इससे नाराज किसानों ने उनके कमरे को ताला जड़ दिया। किसान नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि मार्केट कमेटी चेयरमैन का दायित्व किसानों के हितों की रक्षा करना है, लेकिन वे भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटते नजर आए। बाद में मार्केट कमेटी सचिव बैठक में पहुंचे और आधे घंटे के भीतर मंडी में बारदाना पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने ताला खोल दिया।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि थोपे गए कानूनों के विरोध में 11 अप्रैल को हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर में हाईवे जाम किया जाएगा। कैथल जिले के किसान तितरम मोड़ पर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक एकत्रित होकर रोड जाम करेंगे।
अनाज मंडी में अब तक विभिन्न एजेंसियों द्वारा 31 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। ट्रांसपोर्टेशन और लेबर से जुड़ा मुद्दा अभी तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है, इस कारण खरीदी गई गेहूं की तुलाई नहीं हो सकी। -अजय नैन, सचिव-मार्केट कमेटी