{"_id":"6967f1874c12f116da0fb6f1","slug":"animals-are-also-at-risk-of-heart-attack-kaithal-news-c-18-1-knl1004-824340-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: पशुओं को भी हृदयाघात का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: पशुओं को भी हृदयाघात का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 15 Jan 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बढ़ती ठंड ने उम्रदराज पशुओं के लिए खतरे का रंग दिखाया है। पशु चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि ठंड से 12-15 वर्ष के पशुओं को भी हृदयाघात और अंगों के कमजोर होने का खतरा रहता है। हाल में जिले की गोशालाओं में ठंड से 160 पशुओं की मौत हो चुकी है।
डॉ. सुरेंद्र ने कहा कि ठंड के कारण उम्रदराज और कमजोर पशु अपना शरीर सही से संभाल नहीं पाते। ठंड से रक्त संचार धीमा पड़ता है और हृदय पर दबाव बढ़ता है। इससे पशु सुस्त हो जाते हैं, खाना कम खाते हैं और शरीर कमजोर होने लगता है।
डा. सुरेंद्र ने चेतावनी दी कि सही देखभाल न होने पर उम्रदराज पशुओं की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि सामान्य से नीचे तापमान जाने पर पशुपालकों को उनके खान-पान व रखरखाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। सर्दी के मौसम में पशुओं के नीचे सफाई का विशेष ध्यान रखें। ज्यादा देर तक उन्हें गीले में न बैठने दें। धूप निकलने पर शेड के अंदर से बाहर निकालें।
चिकित्सकों की सलाह
n
पशुओं को गर्म और सूखी जगह पर रखें।
n
गुनगुना पानी पिलाएं और शरीर की मालिश करें।
n
संतुलित आहार दें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत पशु चिकित्सक को दिखाएं।
n
नहलाने में सावधानी: कमजोर पशु को सीधे पानी में नहलाने के बजाय सूखे कपड़े और पुआल से सफाई करें।
n
धूप में शेड से बाहर निकालें और गीले स्थान पर लंबी देर तक न बैठने दें।
Trending Videos
कैथल। बढ़ती ठंड ने उम्रदराज पशुओं के लिए खतरे का रंग दिखाया है। पशु चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि ठंड से 12-15 वर्ष के पशुओं को भी हृदयाघात और अंगों के कमजोर होने का खतरा रहता है। हाल में जिले की गोशालाओं में ठंड से 160 पशुओं की मौत हो चुकी है।
डॉ. सुरेंद्र ने कहा कि ठंड के कारण उम्रदराज और कमजोर पशु अपना शरीर सही से संभाल नहीं पाते। ठंड से रक्त संचार धीमा पड़ता है और हृदय पर दबाव बढ़ता है। इससे पशु सुस्त हो जाते हैं, खाना कम खाते हैं और शरीर कमजोर होने लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डा. सुरेंद्र ने चेतावनी दी कि सही देखभाल न होने पर उम्रदराज पशुओं की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि सामान्य से नीचे तापमान जाने पर पशुपालकों को उनके खान-पान व रखरखाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। सर्दी के मौसम में पशुओं के नीचे सफाई का विशेष ध्यान रखें। ज्यादा देर तक उन्हें गीले में न बैठने दें। धूप निकलने पर शेड के अंदर से बाहर निकालें।
चिकित्सकों की सलाह
n
पशुओं को गर्म और सूखी जगह पर रखें।
n
गुनगुना पानी पिलाएं और शरीर की मालिश करें।
n
संतुलित आहार दें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत पशु चिकित्सक को दिखाएं।
n
नहलाने में सावधानी: कमजोर पशु को सीधे पानी में नहलाने के बजाय सूखे कपड़े और पुआल से सफाई करें।
n
धूप में शेड से बाहर निकालें और गीले स्थान पर लंबी देर तक न बैठने दें।