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Kaithal News: समय सीमा समाप्त होते ही किसानों ने अपने खेतों में धान रोपना शुरू किया
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15 ढांड 01 धान की रोपाई करते हुए प्रवासी मजदूर।
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ढांड। सरकार की ओर से धान की रोपाई पर लगाई गई निर्धारित समय सीमा समाप्त होते ही क्षेत्र के किसानों ने अपने खेतों में धान की रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है।
लंबे इंतजार के बाद रोपाई शुरू होने से गांवों में कृषि गतिविधियां तेज हो गई हैं और खेतों में एक बार फिर चहल-पहल देखने को मिल रही है। सरकार की ओर से भूजल संरक्षण और बिजली की खपत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से धान की रोपाई के लिए 15 जून निर्धारित तिथि तय की गई थी। प्रतिबंध अवधि समाप्त होते ही किसानों ने खेतों की तैयारियां पूरी कर रोपाई कार्य शुरू कर दिया। कई किसानों ने पहले से ही नर्सरी तैयार कर रखी थी जिसके कारण निर्धारित समय सीमा समाप्त होते ही मजदूरों और कृषि मशीनों की मदद से रोपाई का काम शुरू कर दिया गया।
किसान बलजीत सिंह, भगवान दास, देशराज, बलकार सिंह, रोशन लाल और श्याम सुंदर ने कहा कि समय पर रोपाई होने से फसल की बढ़वार अच्छी रहेगी और उत्पादन में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि किसानों ने मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत के प्रति भी चिंता जताई। किसानों के अनुसार डीजल, खाद और कृषि मजदूरी के बढ़ते खर्च के कारण खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। धान की रोपाई शुरू होने के साथ ही कृषि विभाग भी किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और पानी की बचत करने के लिए जागरूक कर रहा है। विभागीय अधिकारियों ने किसानों से सलाह दी है कि वे आवश्यकता के अनुसार ही सिंचाई करें और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी संरक्षण किया जा सके।
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लंबे इंतजार के बाद रोपाई शुरू होने से गांवों में कृषि गतिविधियां तेज हो गई हैं और खेतों में एक बार फिर चहल-पहल देखने को मिल रही है। सरकार की ओर से भूजल संरक्षण और बिजली की खपत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से धान की रोपाई के लिए 15 जून निर्धारित तिथि तय की गई थी। प्रतिबंध अवधि समाप्त होते ही किसानों ने खेतों की तैयारियां पूरी कर रोपाई कार्य शुरू कर दिया। कई किसानों ने पहले से ही नर्सरी तैयार कर रखी थी जिसके कारण निर्धारित समय सीमा समाप्त होते ही मजदूरों और कृषि मशीनों की मदद से रोपाई का काम शुरू कर दिया गया।
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किसान बलजीत सिंह, भगवान दास, देशराज, बलकार सिंह, रोशन लाल और श्याम सुंदर ने कहा कि समय पर रोपाई होने से फसल की बढ़वार अच्छी रहेगी और उत्पादन में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि किसानों ने मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत के प्रति भी चिंता जताई। किसानों के अनुसार डीजल, खाद और कृषि मजदूरी के बढ़ते खर्च के कारण खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। धान की रोपाई शुरू होने के साथ ही कृषि विभाग भी किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और पानी की बचत करने के लिए जागरूक कर रहा है। विभागीय अधिकारियों ने किसानों से सलाह दी है कि वे आवश्यकता के अनुसार ही सिंचाई करें और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी संरक्षण किया जा सके।

15 ढांड 01 धान की रोपाई करते हुए प्रवासी मजदूर।