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Kaithal News: ऑटो रिक्शा चालक बैठक कर बोले- हमारा प्रधान संजीव कुमार ही रहेगा
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बैठक कर प्रधान संजीव कुमार को समर्थन देते ऑटो रिक्शा चालक।
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कैथल। ऑटो रिक्शा चालकों में पिछले कई दिनों से आपसी मतभेद चल रहा है। बुधवार को कुछ ऑटो चालकों ने कैथल ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान संजीव कुमार पर वसूली करने और मनमानी के आरोप लगाए थे। हालांकि वीरवार को फिर ऑटो चालकों ने बैठक की और उन्होंने कहा कि उनका प्रधान संजीव कुमार ही है।
बुधवार को कुछ ऑटो रिक्शा चालकों के लगाए आरोपों के भी प्रधान संजीव कुमार ने जवाब दिए। उन्होंने कहा कि कुछ युवकों ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन शहर और ग्रामीण क्षेत्र के करीब 2500 ऑटो रिक्शा वाले जानते हैं कि सच्चाई क्या है। जो कुछ लोगों ने बैठक की थी, उनमें से एक भी स्थायी तौर पर ऑटो नहीं चलाता और उनमें से ज्यादातर नगर परिषद में सफाई कर्मचारी हैं और वे पार्ट टाइम ऑटो रिक्शा चलाते हैं।
साथ ही उन्होंने पुराने रेलवे स्टेशन पर एक तरह से कब्जा किया हुआ है और वे वहां दूसरे ऑटो वालों से मारपीट करते हैं। वे न तो सवारियां उतारने देते हैं और न चढ़ाने देते हैं। वसूली के जो आरोप थे, वे भी निराधार हैं और ऑटो चालकों से जो रुपये लिए जाते हैं वो यूनियन की फीस है या फिर आइडी कार्ड के रुपये लिए गए थे। चालान पूरे प्रदेश में हो रहे हैं लेकिन फिर भी यूनियन की तरफ से वे लोग एसपी से मिले थे और उनकी मांगें रखी थी। एसपी ने सभी ऑटो चालकों से आइडी कार्ड पहनने और कागजात पूरे रखने के निर्देश दिए थे, ताकि पुलिस को चालान जैसी कार्रवाई ही न करनी पड़े। इस मौके पर उप प्रधान लवली शर्मा, साहब सिंह व तरसेम मौजूद रहे।
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बुधवार को कुछ ऑटो रिक्शा चालकों के लगाए आरोपों के भी प्रधान संजीव कुमार ने जवाब दिए। उन्होंने कहा कि कुछ युवकों ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन शहर और ग्रामीण क्षेत्र के करीब 2500 ऑटो रिक्शा वाले जानते हैं कि सच्चाई क्या है। जो कुछ लोगों ने बैठक की थी, उनमें से एक भी स्थायी तौर पर ऑटो नहीं चलाता और उनमें से ज्यादातर नगर परिषद में सफाई कर्मचारी हैं और वे पार्ट टाइम ऑटो रिक्शा चलाते हैं।
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साथ ही उन्होंने पुराने रेलवे स्टेशन पर एक तरह से कब्जा किया हुआ है और वे वहां दूसरे ऑटो वालों से मारपीट करते हैं। वे न तो सवारियां उतारने देते हैं और न चढ़ाने देते हैं। वसूली के जो आरोप थे, वे भी निराधार हैं और ऑटो चालकों से जो रुपये लिए जाते हैं वो यूनियन की फीस है या फिर आइडी कार्ड के रुपये लिए गए थे। चालान पूरे प्रदेश में हो रहे हैं लेकिन फिर भी यूनियन की तरफ से वे लोग एसपी से मिले थे और उनकी मांगें रखी थी। एसपी ने सभी ऑटो चालकों से आइडी कार्ड पहनने और कागजात पूरे रखने के निर्देश दिए थे, ताकि पुलिस को चालान जैसी कार्रवाई ही न करनी पड़े। इस मौके पर उप प्रधान लवली शर्मा, साहब सिंह व तरसेम मौजूद रहे।

बैठक कर प्रधान संजीव कुमार को समर्थन देते ऑटो रिक्शा चालक।
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