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Kaithal News: ललकार रैली 31 को भाकियू ने दिया न्योता
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष राजीव आर्य ढांड और भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा ने 31 मार्च को जींद में आयोजित होने वाली किसान-ललकार रैली के सिलसिले में कौल, साकरा, चंदलाना और ढांड गांवों का दौरा कर किसानों को निमंत्रण दिया। उन्होंने किसानों से रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
किसानों को संबोधित करते हुए राजीव आर्य और भूरा राम पबनावा ने आरोप लगाया कि सरकार एक साजिश के तहत किसानों को परेशान करने का काम कर रही है और आए दिन नए-नए फरमान लागू किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के नए नियमों के अनुसार किसानों को गेहूं बेचने के लिए ट्रैक्टर के आगे नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है, वहीं गेट पास कटवाने के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसान का अंगूठा लगाना जरूरी कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान किसान खेतों में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में अनाज मंडी में जाकर गेट पास बनवाना उनके लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी एसी कमरों में बैठकर ऐसे निर्णय लेते हैं, जिनकी जमीनी हकीकत से वे अनजान रहते हैं।
किसानों को संबोधित करते हुए नेताओं ने बताया कि इन सभी मुद्दों के विरोध और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर 31 मार्च को जींद में किसान ललकार रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान भी किया जा सकता है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में जींद पहुंचकर रैली को सफल बनाएं।
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ढांड। युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष राजीव आर्य ढांड और भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा ने 31 मार्च को जींद में आयोजित होने वाली किसान-ललकार रैली के सिलसिले में कौल, साकरा, चंदलाना और ढांड गांवों का दौरा कर किसानों को निमंत्रण दिया। उन्होंने किसानों से रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
किसानों को संबोधित करते हुए राजीव आर्य और भूरा राम पबनावा ने आरोप लगाया कि सरकार एक साजिश के तहत किसानों को परेशान करने का काम कर रही है और आए दिन नए-नए फरमान लागू किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार के नए नियमों के अनुसार किसानों को गेहूं बेचने के लिए ट्रैक्टर के आगे नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है, वहीं गेट पास कटवाने के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसान का अंगूठा लगाना जरूरी कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान किसान खेतों में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में अनाज मंडी में जाकर गेट पास बनवाना उनके लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी एसी कमरों में बैठकर ऐसे निर्णय लेते हैं, जिनकी जमीनी हकीकत से वे अनजान रहते हैं।
किसानों को संबोधित करते हुए नेताओं ने बताया कि इन सभी मुद्दों के विरोध और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर 31 मार्च को जींद में किसान ललकार रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान भी किया जा सकता है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में जींद पहुंचकर रैली को सफल बनाएं।