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Kaithal News: एसीबी ने 44.59 लाख की ठगी में तीन के खिलाफ पेश किया चालान
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 26 Mar 2026 02:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने छात्रवृत्ति घोटाले के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ कैथल कोर्ट में चालान पेश किया है। करोड़ा गांव निवास आरोपी धर्मबीर (सेंटर संचालक) और राजेश कुमार के साथ नवीन कुमार पर सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी छात्रवृत्ति राशि गबन करने का आरोप है।
जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने शैक्षणिक सत्र 2013-14 और 2014-15 के दौरान 91 छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन पर अपना नियंत्रण रखा। इसके बाद पंजाब के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दर्शाकर छात्रवृत्ति के आवेदन तैयार किए गए।
इन आवेदनों पर कॉलेजों की जाली मोहर, प्राचार्यों के फर्जी हस्ताक्षर और नकली उपस्थिति रजिस्टर लगाकर दस्तावेजों को वैध दिखाया गया। आरोपियों ने इन फर्जी दस्तावेजों को जिला कल्याण अधिकारी, कैथल के कार्यालय में जमा करवा कर छात्रवृत्ति राशि स्वीकृत करवाई।
इसके बाद बायोमीट्रिक, चेक और अन्य माध्यमों से कुल 44 लाख 59 हजार 760 रुपये निकालकर अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए, जिससे सरकार और पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान हुआ। इस मामले में 19 दिसंबर 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। जांच में 29 दिसंबर 2025 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नवीन कुमार 6 फरवरी 2026 से जमानत पर है, जबकि धर्मबीर और राजेश कुमार न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले में एक अन्य आरोपी, तत्कालीन बैंक अधिकारी हुकम चंद गुप्ता (सेवानिवृत्त) की गिरफ्तारी अभी शेष है। एसीबी का कहना है कि प्रकरण में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
एमआईटीसी काॅलोनी में चलाते थे अपना सेंटर
छात्रवृत्ति घोटाले में सामने आया है कि आरोपी सेंटर संचालक धर्मबीर कैथल की एमआईटीसी काॅलोनी की पदमा सिटी वाली गली में अपना सेंटर चलाता था। अन्य आरोपियों नवीन व राजेश की मदद से वे सभी अनुसूचित जाति के बच्चों के दाखिले कराते थे और उन्हें छात्रवृत्ति और बेहतर शिक्षा देने का दावा करते थे।
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कैथल। हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने छात्रवृत्ति घोटाले के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ कैथल कोर्ट में चालान पेश किया है। करोड़ा गांव निवास आरोपी धर्मबीर (सेंटर संचालक) और राजेश कुमार के साथ नवीन कुमार पर सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी छात्रवृत्ति राशि गबन करने का आरोप है।
जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने शैक्षणिक सत्र 2013-14 और 2014-15 के दौरान 91 छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन पर अपना नियंत्रण रखा। इसके बाद पंजाब के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दर्शाकर छात्रवृत्ति के आवेदन तैयार किए गए।
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इन आवेदनों पर कॉलेजों की जाली मोहर, प्राचार्यों के फर्जी हस्ताक्षर और नकली उपस्थिति रजिस्टर लगाकर दस्तावेजों को वैध दिखाया गया। आरोपियों ने इन फर्जी दस्तावेजों को जिला कल्याण अधिकारी, कैथल के कार्यालय में जमा करवा कर छात्रवृत्ति राशि स्वीकृत करवाई।
इसके बाद बायोमीट्रिक, चेक और अन्य माध्यमों से कुल 44 लाख 59 हजार 760 रुपये निकालकर अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए, जिससे सरकार और पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान हुआ। इस मामले में 19 दिसंबर 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। जांच में 29 दिसंबर 2025 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नवीन कुमार 6 फरवरी 2026 से जमानत पर है, जबकि धर्मबीर और राजेश कुमार न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले में एक अन्य आरोपी, तत्कालीन बैंक अधिकारी हुकम चंद गुप्ता (सेवानिवृत्त) की गिरफ्तारी अभी शेष है। एसीबी का कहना है कि प्रकरण में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
एमआईटीसी काॅलोनी में चलाते थे अपना सेंटर
छात्रवृत्ति घोटाले में सामने आया है कि आरोपी सेंटर संचालक धर्मबीर कैथल की एमआईटीसी काॅलोनी की पदमा सिटी वाली गली में अपना सेंटर चलाता था। अन्य आरोपियों नवीन व राजेश की मदद से वे सभी अनुसूचित जाति के बच्चों के दाखिले कराते थे और उन्हें छात्रवृत्ति और बेहतर शिक्षा देने का दावा करते थे।