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Kaithal News: गेहूं की बंपर आवक से मंडियां फुल, भंडारण का संकट बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 30 Apr 2026 12:49 AM IST
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पूंडरी में खुले में लगाया जा रहा गेहूं का स्टाक। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की अनाज मंडियों में इस बार गेहूं की बंपर आवक ने भंडारण व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब तक 7,08,352 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिससे एजेंसियों के सामने अनाज को सुरक्षित रखने का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि हैफेड, डीएफएससी, वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और एफसीआई के सभी सरकारी गोदाम पहले से ही गेहूं और चावल के पुराने स्टॉक से पूरी तरह भरे हुए हैं।
ऐसे में मजबूरीवश नए गेहूं को खुले आसमान के नीचे किराये के प्लींथ (कच्चे-पक्के चबूतरे) पर रखने की तैयारी की जा रही है। कैथल और कुरुक्षेत्र यूनिट के आंकड़ों के अनुसार, गोदामों में पहले से करीब 7.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 12.17 लाख मीट्रिक टन चावल का स्टॉक जमा है। पुराने स्टॉक का समय पर उठान न होने के कारण नई फसल के भंडारण में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
तिरपाल और लकड़ी के स्टैक की कमी : खुले में अनाज रखने के लिए केवल जमीन पर्याप्त नहीं होती। नमी से बचाने के लिए नीचे लकड़ी के क्रेट (स्टैक) और ऊपर से ढकने के लिए तिरपाल की जरूरत होती है, लेकिन एजेंसियों के पास इनकी भी कमी बनी हुई है। ऐसे में यदि मौसम खराब होता है या बारिश होती है, तो खुले में रखा लाखों टन गेहूं खराब हो सकता है। खुले भंडारण से अनाज में नमी बढ़ने, कीड़े लगने और गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
किराये के प्लींथ और मंडियों में स्टॉक की तैयारी : वेयर हाउस विभाग के जिला प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि गोदामों में उपलब्ध जगह पर गेहूं रखा जा रहा है। इसके बाद बचा हुआ स्टॉक मंडियों में शेड के नीचे और खुले प्लींथ पर रखा जाएगा। सुरक्षा के लिए तिरपाल और लकड़ी के स्टैक का उपयोग किया जाएगा। डीएफएससी विभाग की ओर से फिलहाल नौ प्लींथ किराए पर लिए गए हैं, जबकि हैफेड की स्थिति भी लगभग इसी प्रकार की है।
स्टॉक की हालत
वेयरहाउस : 57.8 हजार एमटी
एफसीआई : 1.44 लाख एमटी
हैफेड : 3.29 लाख एमटी
डीएफएससी : 1.88 लाख एमटी
ये एजेंसियों के गोदामों में पुराना स्टाक है।
इस बार के आंकड़े
कुल आवक : 7,08,352 एमटी
कुल खरीद : 6,94,367 एमटी
उठान : 5,08,623 एमटी
बिना बिकी : 13,985 एमटी
गत वर्ष आवक : 6,86,808 एमटी
इस बार भंडारण के लिए जगह की कुछ कमी बनी हुई है। गेहूं के स्टॉक के लिए प्लींथ किराए पर लिए गए हैं, जहां स्टैक लगाकर तिरपाल से ढकने सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। -वरिंद्र कुमार, डीएफएससी
राजौंद मंडी में उठान तेज, 76% काम पूरा
राजौंद। अनाज मंडी में गेहूं उठान का कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उठान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मार्केट कमेटी सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि अब आवक पूरी तरह बंद हो चुकी है। तीनों खरीद केंद्रों पर करीब 76 प्रतिशत गेहूं का उठान हो चुका है।
उन्होंने बताया कि इस सीजन में कुल 6.83 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक दर्ज की गई। राजौंद मंडी में 2.39 लाख, जाखौली में 1.14 लाख, सेरधा में 66 हजार व किठाना में 2.62 लाख क्विंटल गेहूं पहुंचा।
राजौंद से 64%, जाखौली से 91% और किठाना से 80% उठान पूरा हुआ। सेरधा केंद्र का आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो सका। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान गेट पास और बायोमेट्रिक प्रणाली को लेकर कुछ तकनीकी परेशानियां जरूर आईं, लेकिन धर्म कांटे की सुविधा से किसानों को मंडी में गेहूं लाने में सहूलियत मिली। संवाद
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कैथल। जिले की अनाज मंडियों में इस बार गेहूं की बंपर आवक ने भंडारण व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब तक 7,08,352 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिससे एजेंसियों के सामने अनाज को सुरक्षित रखने का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि हैफेड, डीएफएससी, वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और एफसीआई के सभी सरकारी गोदाम पहले से ही गेहूं और चावल के पुराने स्टॉक से पूरी तरह भरे हुए हैं।
ऐसे में मजबूरीवश नए गेहूं को खुले आसमान के नीचे किराये के प्लींथ (कच्चे-पक्के चबूतरे) पर रखने की तैयारी की जा रही है। कैथल और कुरुक्षेत्र यूनिट के आंकड़ों के अनुसार, गोदामों में पहले से करीब 7.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 12.17 लाख मीट्रिक टन चावल का स्टॉक जमा है। पुराने स्टॉक का समय पर उठान न होने के कारण नई फसल के भंडारण में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
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तिरपाल और लकड़ी के स्टैक की कमी : खुले में अनाज रखने के लिए केवल जमीन पर्याप्त नहीं होती। नमी से बचाने के लिए नीचे लकड़ी के क्रेट (स्टैक) और ऊपर से ढकने के लिए तिरपाल की जरूरत होती है, लेकिन एजेंसियों के पास इनकी भी कमी बनी हुई है। ऐसे में यदि मौसम खराब होता है या बारिश होती है, तो खुले में रखा लाखों टन गेहूं खराब हो सकता है। खुले भंडारण से अनाज में नमी बढ़ने, कीड़े लगने और गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
किराये के प्लींथ और मंडियों में स्टॉक की तैयारी : वेयर हाउस विभाग के जिला प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि गोदामों में उपलब्ध जगह पर गेहूं रखा जा रहा है। इसके बाद बचा हुआ स्टॉक मंडियों में शेड के नीचे और खुले प्लींथ पर रखा जाएगा। सुरक्षा के लिए तिरपाल और लकड़ी के स्टैक का उपयोग किया जाएगा। डीएफएससी विभाग की ओर से फिलहाल नौ प्लींथ किराए पर लिए गए हैं, जबकि हैफेड की स्थिति भी लगभग इसी प्रकार की है।
स्टॉक की हालत
वेयरहाउस : 57.8 हजार एमटी
एफसीआई : 1.44 लाख एमटी
हैफेड : 3.29 लाख एमटी
डीएफएससी : 1.88 लाख एमटी
ये एजेंसियों के गोदामों में पुराना स्टाक है।
इस बार के आंकड़े
कुल आवक : 7,08,352 एमटी
कुल खरीद : 6,94,367 एमटी
उठान : 5,08,623 एमटी
बिना बिकी : 13,985 एमटी
गत वर्ष आवक : 6,86,808 एमटी
इस बार भंडारण के लिए जगह की कुछ कमी बनी हुई है। गेहूं के स्टॉक के लिए प्लींथ किराए पर लिए गए हैं, जहां स्टैक लगाकर तिरपाल से ढकने सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। -वरिंद्र कुमार, डीएफएससी
राजौंद मंडी में उठान तेज, 76% काम पूरा
राजौंद। अनाज मंडी में गेहूं उठान का कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उठान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मार्केट कमेटी सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि अब आवक पूरी तरह बंद हो चुकी है। तीनों खरीद केंद्रों पर करीब 76 प्रतिशत गेहूं का उठान हो चुका है।
उन्होंने बताया कि इस सीजन में कुल 6.83 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक दर्ज की गई। राजौंद मंडी में 2.39 लाख, जाखौली में 1.14 लाख, सेरधा में 66 हजार व किठाना में 2.62 लाख क्विंटल गेहूं पहुंचा।
राजौंद से 64%, जाखौली से 91% और किठाना से 80% उठान पूरा हुआ। सेरधा केंद्र का आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो सका। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान गेट पास और बायोमेट्रिक प्रणाली को लेकर कुछ तकनीकी परेशानियां जरूर आईं, लेकिन धर्म कांटे की सुविधा से किसानों को मंडी में गेहूं लाने में सहूलियत मिली। संवाद
