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Kaithal News: केमिस्टों की हड़ताल से बंद रहीं दवा दुकानें, मरीज हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 21 May 2026 01:10 AM IST
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हड़ताल के दौरान मांगों को लेकर मार्च निकालते कैमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विभिन्न मांगों को लेकर कैथल केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। हड़ताल का असर जिलेभर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां सुबह से अधिकांश मेडिकल स्टोरों के शटर बंद रहे। हालांकि, पेहोवा चौक पर एक-दो मेडिकल स्टोर खुले रहे, जहां जरूरतमंदों को दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, जिससे मरीजों को कुछ हद तक राहत मिली।
कैथल केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदीप शर्मा का कहना है कि ई-फार्मेसी जैसे ऑनलाइन दवा आपूर्ति से कारोबार कम हुआ है। जिले में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 850 मेडिकल स्टोर संचालित हैं। हड़ताल के चलते इनमें से अधिकांश दुकानें बंद रहीं। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के भीतर संचालित करीब 100 मेडिकल स्टोर खुले रहे, ताकि मरीजों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध हो सकें।
एसोसिएशन का कहना है कि सरकार की कुछ नीतियों, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध और अन्य लंबित मांगों को लेकर यह हड़ताल की गई। शाम को हड़ताल समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे दवा दुकानों के शटर खुलने लगे और हालात सामान्य होने लगे।
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मरीजों और तीमारदारों को उठानी पड़ी परेशानी : दवा दुकानें बंद होने के कारण सबसे अधिक परेशानी दूर-दराज के गांवों से उपचार के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों को झेलनी पड़ी। अस्पतालों की ओपीडी में जांच के बाद जब मरीज दवा लेने बाजार पहुंचे तो अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद मिले। लोग तेज गर्मी के बीच एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकते नजर आए।
हालांकि, हड़ताल के दौरान जिले के कुछ मेडिकल स्टोर खुले भी रहे। केमिस्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आमजन को परेशान करना नहीं, बल्कि अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना था।
मरीजों ने बताई परेशानी
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जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे मूंदड़ी के रामकुमार ने बताया कि डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लिखी थीं, लेकिन अस्पताल में पूरी उपलब्ध नहीं मिली। इसके बाद वह निजी मेडिकल स्टोर पर दवा लेने पहुंचे, लेकिन वहां दुकान बंद मिली। उन्हें पता चला कि हड़ताल है।
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सुनीता देवी ने बताया कि अस्पताल से कुछ दवाइयां नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर से खरीदने के लिए कहा गया था, लेकिन मेडिकल स्टोर बंद मिले। पहले अस्पताल में दवा नहीं मिली, फिर बाहर आए तो दुकानें बंद थीं।
केमिस्ट एक दिन की हड़ताल पर थे। इस दौरान अस्पतालों और नर्सिंग होम में संचालित दवा दुकानें खुली रहीं। आमजन को किसी प्रकार की गंभीर परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था बनाए रखी गई। -डॉ. चेतन वर्मा,
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर
कैथल। विभिन्न मांगों को लेकर कैथल केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। हड़ताल का असर जिलेभर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां सुबह से अधिकांश मेडिकल स्टोरों के शटर बंद रहे। हालांकि, पेहोवा चौक पर एक-दो मेडिकल स्टोर खुले रहे, जहां जरूरतमंदों को दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, जिससे मरीजों को कुछ हद तक राहत मिली।
कैथल केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदीप शर्मा का कहना है कि ई-फार्मेसी जैसे ऑनलाइन दवा आपूर्ति से कारोबार कम हुआ है। जिले में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 850 मेडिकल स्टोर संचालित हैं। हड़ताल के चलते इनमें से अधिकांश दुकानें बंद रहीं। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के भीतर संचालित करीब 100 मेडिकल स्टोर खुले रहे, ताकि मरीजों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध हो सकें।
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एसोसिएशन का कहना है कि सरकार की कुछ नीतियों, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध और अन्य लंबित मांगों को लेकर यह हड़ताल की गई। शाम को हड़ताल समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे दवा दुकानों के शटर खुलने लगे और हालात सामान्य होने लगे।
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हालांकि, हड़ताल के दौरान जिले के कुछ मेडिकल स्टोर खुले भी रहे। केमिस्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आमजन को परेशान करना नहीं, बल्कि अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना था।
मरीजों ने बताई परेशानी
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जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे मूंदड़ी के रामकुमार ने बताया कि डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लिखी थीं, लेकिन अस्पताल में पूरी उपलब्ध नहीं मिली। इसके बाद वह निजी मेडिकल स्टोर पर दवा लेने पहुंचे, लेकिन वहां दुकान बंद मिली। उन्हें पता चला कि हड़ताल है।
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सुनीता देवी ने बताया कि अस्पताल से कुछ दवाइयां नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर से खरीदने के लिए कहा गया था, लेकिन मेडिकल स्टोर बंद मिले। पहले अस्पताल में दवा नहीं मिली, फिर बाहर आए तो दुकानें बंद थीं।
केमिस्ट एक दिन की हड़ताल पर थे। इस दौरान अस्पतालों और नर्सिंग होम में संचालित दवा दुकानें खुली रहीं। आमजन को किसी प्रकार की गंभीर परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था बनाए रखी गई। -डॉ. चेतन वर्मा,
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर

हड़ताल के दौरान मांगों को लेकर मार्च निकालते कैमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य। संवाद

हड़ताल के दौरान मांगों को लेकर मार्च निकालते कैमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य। संवाद