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Kaithal News: शहर के 155 साल पुराने ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट का निर्माण शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 08 Jan 2026 02:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। 1870 में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बने इस स्टेशन को वर्षों बाद नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। नरवाना–कुरुक्षेत्र रेल लाइन पर स्थित यह स्टेशन लंबे समय से बदहाली का शिकार था, लेकिन अब अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल होने के बाद विकास की राह खुलती नजर आ रही है।
ब्रिटिश काल में कैथल क्षेत्र में चावल के बड़े व्यापार को देखते हुए अंग्रेजों ने नरवाना से वाया कैथल होकर कुरुक्षेत्र तक रेलवे लाइन बिछाई थी। आज भी स्टेशन का ढांचा काफी हद तक उसी पुराने स्वरूप में नजर आता है। समय के साथ स्टेशन का अपेक्षित विकास नहीं हो सका, जिससे यात्रियों को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता रहा।
अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाना है। इसके तहत स्टेशन भवन का विस्तार, आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कैथल स्टेशन को इस योजना में शामिल किए जाने से इसके कायाकल्प की उम्मीद बढ़ी है।
हालांकि यात्रियों का कहना है कि केवल मुख्य गेट का निर्माण आंशिक सुधार है। स्टेशन पर आज भी जर्जर भवन, अपर्याप्त रोशनी, सीमित प्रतीक्षालय, साफ-सफाई की कमी और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐतिहासिक और व्यस्त स्टेशन होने के बावजूद कैथल को लंबे समय तक विकास योजनाओं से वंचित रखा गया।
रेलवे स्टेशन सुपरवाइजर नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कैथल रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड से मिल चुकी है। योजना के तहत स्टेशन पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें स्टेशन भवन का नवीनीकरण, प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाना, नए शेड, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक टिकट काउंटर और डिजिटल डिस्प्ले लगाने का प्रावधान है।
रेल यात्री कल्याण समिति
की प्रमुख मांगें
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कुरुक्षेत्र से नरवाना तक डबल रेल लाइन का निर्माण
n गाड़ी संख्या 11841-11842 गीता जयंती एक्सप्रेस का विस्तार नरवाना तक किया जाए
समिति के अनुसार, ट्रेन के विस्तार से कैथल के यात्रियों को मथुरा, वृंदावन और खजुराहो जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी
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वर्तमान में यह ट्रेन कुरुक्षेत्र में लगभग तीन घंटे तक खड़ी रहती है
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रेलवे बजट 2014 और 2016 में स्वीकृत नरवाना–उकलाना, पटियाला–कैथल और कुरुक्षेत्र–जगाधरी रेल लाइनों के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किए जाएं
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वाया कैथल हरिद्वार रेल सेवा शुरू करने की मांग
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कैथल। शहर के ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। 1870 में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बने इस स्टेशन को वर्षों बाद नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। नरवाना–कुरुक्षेत्र रेल लाइन पर स्थित यह स्टेशन लंबे समय से बदहाली का शिकार था, लेकिन अब अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल होने के बाद विकास की राह खुलती नजर आ रही है।
ब्रिटिश काल में कैथल क्षेत्र में चावल के बड़े व्यापार को देखते हुए अंग्रेजों ने नरवाना से वाया कैथल होकर कुरुक्षेत्र तक रेलवे लाइन बिछाई थी। आज भी स्टेशन का ढांचा काफी हद तक उसी पुराने स्वरूप में नजर आता है। समय के साथ स्टेशन का अपेक्षित विकास नहीं हो सका, जिससे यात्रियों को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता रहा।
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अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाना है। इसके तहत स्टेशन भवन का विस्तार, आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कैथल स्टेशन को इस योजना में शामिल किए जाने से इसके कायाकल्प की उम्मीद बढ़ी है।
हालांकि यात्रियों का कहना है कि केवल मुख्य गेट का निर्माण आंशिक सुधार है। स्टेशन पर आज भी जर्जर भवन, अपर्याप्त रोशनी, सीमित प्रतीक्षालय, साफ-सफाई की कमी और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐतिहासिक और व्यस्त स्टेशन होने के बावजूद कैथल को लंबे समय तक विकास योजनाओं से वंचित रखा गया।
रेलवे स्टेशन सुपरवाइजर नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कैथल रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड से मिल चुकी है। योजना के तहत स्टेशन पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें स्टेशन भवन का नवीनीकरण, प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाना, नए शेड, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक टिकट काउंटर और डिजिटल डिस्प्ले लगाने का प्रावधान है।
रेल यात्री कल्याण समिति
की प्रमुख मांगें
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कुरुक्षेत्र से नरवाना तक डबल रेल लाइन का निर्माण
n गाड़ी संख्या 11841-11842 गीता जयंती एक्सप्रेस का विस्तार नरवाना तक किया जाए
समिति के अनुसार, ट्रेन के विस्तार से कैथल के यात्रियों को मथुरा, वृंदावन और खजुराहो जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी
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वर्तमान में यह ट्रेन कुरुक्षेत्र में लगभग तीन घंटे तक खड़ी रहती है
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रेलवे बजट 2014 और 2016 में स्वीकृत नरवाना–उकलाना, पटियाला–कैथल और कुरुक्षेत्र–जगाधरी रेल लाइनों के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किए जाएं
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वाया कैथल हरिद्वार रेल सेवा शुरू करने की मांग